पिछले साल के आयोजन का लेखा-जोखा सामने रखने की मांग, विनय अग्रवाल पर सर्वसम्मत फैसले की अनदेखी कर अलग समिति बनाने का आरोप
आगरा। दशहरा शोभायात्रा आयोजन समिति-2026 के गठन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। समिति से जुड़े लोगों ने विनय अग्रवाल पर पिछले वर्ष के आयोजन का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किए बिना पदाधिकारियों के निर्वाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और सर्वसम्मति से लिए गए निर्णयों की अनदेखी कर अलग समिति गठित करने का आरोप लगाया है। गुरुवार को दूसरे पक्ष ने तोता का ताल स्थित दाऊजी मंदिर में बैठक कर अपना पक्ष रखा।
सदस्यों ने पिछली बैठकों के कार्यवाही रजिस्टर और आय-व्यय के दस्तावेजों की जांच कराने, सर्वसम्मति से नियुक्त चुनाव अधिकारियों से जुड़े निर्णय को बहाल करने और कथित तौर पर बनाई गई अलग समिति के गठन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र से निकलने वाली शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में समिति को लेकर चल रहा विवाद आयोजन को प्रभावित कर सकता है।https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/agra/alleged-1-5-crore-donation-fraud-in-agra-s-agrabandhu-committee-sparks-dispute-2026-08-25

पार्षद हेमंत प्रजापति ने बताया कि 11 सितंबर 2026 को पार्षद शरद चौहान के निवास पर दशहरा शोभायात्रा आयोजन समिति के गठन को लेकर बैठक हुई थी। इसमें रामदास कटारा, हेमंत प्रजापति, विक्रांत कुशवाह, विनय अग्रवाल, हिमांशु शिवहरे, विकास गुप्ता शिवहरे, अमित बंसल, अमित सिंह पटेल सहित क्षेत्र के अन्य लोग मौजूद थे।
बैठक में तय किया गया था कि पिछले वर्ष आयोजित दशहरा शोभायात्रा का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किए जाने के बाद ही पदाधिकारियों के निर्वाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए चार अक्टूबर 2026 को दाऊजी मंदिर परिसर में अगली बैठक निर्धारित की गई थी।
हेमंत प्रजापति के अनुसार, बैठक में लिए गए निर्णय का उद्देश्य पिछले आयोजन के खर्च और आय का ब्योरा सामने लाने के बाद समिति के गठन की प्रक्रिया पूरी करना था। इसी क्रम में चार अक्टूबर को बैठक बुलाई गई। अब समिति से जुड़े लोगों की मांग है कि पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों और कार्यवाही रजिस्टर की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समिति के गठन को लेकर क्या सहमति बनी थी और उसके बाद किन निर्णयों के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई गई।
पार्षद शरद चौहान ने बताया कि दशहरा शोभायात्रा आयोजन समिति पंजीकृत नहीं है। हर वर्ष चुनाव अधिकारियों, वरिष्ठ संरक्षक मंडल और क्षेत्रीय लोगों की मौजूदगी में आपसी सहमति से जिम्मेदारियां सौंपकर समिति बनाई जाती है। https://up18news.com/agra-news-big-relief-to-nitish-agarwal-faction-in-agrawal-mahasabha-controversy-society-registrar-rejected-demand-for-cancellation-of-elections/
उनके अनुसार, चार अक्टूबर को हुई बैठक में सर्वसम्मति से नियुक्त चुनाव अधिकारी बसंत श्रीवास्तव, रामदास कटारा और मटरू सिंह भी मौजूद थे। बैठक में चुनाव प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई, लेकिन पिछले वर्ष के आयोजन का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई।
सहमति से इस वर्ष शोभायात्रा निकालने का हुआ था निर्णय
शरद चौहान के अनुसार, बैठक में आय-व्यय का विवरण सामने नहीं आने के कारण समिति के पदाधिकारियों के निर्वाचन को लेकर सहमति नहीं बन सकी। विवाद की स्थिति बनने पर उपस्थित सदस्यों की राय से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष किसी व्यक्ति को पदाधिकारी बनाए बिना सभी कार्यकर्ताओं की देखरेख में दशहरा शोभायात्रा निकाली जाएगी।
आरोप लगाने वाले सदस्यों का कहना है कि यह निर्णय बैठक में मौजूद लोगों की सहमति से लिया गया था। इसलिए बाद में समिति के गठन या पदाधिकारियों के चयन से संबंधित कोई भी कदम उठाने से पहले उस निर्णय और पूर्व बैठकों की कार्यवाही को ध्यान में रखा जाना चाहिए था।
समिति के गठन को लेकर उठे सवालों में पिछले वर्ष के आयोजन का लेखा-जोखा प्रमुख है। सदस्यों का कहना है कि जब तक आय-व्यय का विवरण सामने नहीं आता, तब तक निर्वाचन प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उनका आग्रह है कि पहले पुराने रिकॉर्ड की जांच हो और उसके बाद ही समिति के गठन से संबंधित निर्णय लिया जाए। उनका यह भी कहना है कि समिति के गठन की प्रक्रिया में क्षेत्रीय लोगों और वरिष्ठ संरक्षक मंडल की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
समाचार पत्रों और सोशल मीडिया से अलग समिति की जानकारी मिलने का दावा
पार्षद विक्रांत कुशवाह ने बताया कि 14 अक्टूबर को समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि विनय अग्रवाल ने कुछ साथियों के साथ खुद को अध्यक्ष मानते हुए अलग समिति गठित कर ली है। उन्होंने इस कदम को चार अक्टूबर की बैठक में लिए गए सर्वसम्मत निर्णय के विपरीत बताया। विक्रांत कुशवाह के मुताबिक, उन्होंने इस संबंध में दशहरा शोभायात्रा के व्हाट्सएप ग्रुप में भी लिखित आपत्ति दर्ज कराई है।
विक्रांत कुशवाह और अन्य सदस्यों ने आरोप लगाया कि जब बैठक में इस वर्ष किसी व्यक्ति को पदाधिकारी बनाए बिना सभी कार्यकर्ताओं की देखरेख में शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया गया था, तो उसके बाद अलग समिति बनाने का कदम उस सहमति के अनुरूप नहीं है। https://www.amarujala.com/amp/uttar-pradesh/agra/preparations-begin-for-the-50th-agrasen-shobhayatra-roadmap-finalized-in-meeting-agra-news-c-421-1-ag11012-17668-2026-09-22
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच कराई जाए और यह देखा जाए कि समिति के गठन से संबंधित निर्णय किस प्रक्रिया के तहत लिया गया। सदस्यों ने कथित तौर पर बनाई गई अलग समिति को लेकर आपत्ति जताते हुए उसके गठन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी, विवाद से आयोजन प्रभावित होने की आशंका
सदस्यों ने कहा कि दशहरा शोभायात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। यह मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र से होकर निकलती है और इसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे आयोजन में समिति की जिम्मेदारियों और संचालन को लेकर स्पष्टता जरूरी है।
उनका कहना है कि पदाधिकारियों के गठन को लेकर विवाद जारी रहने से तैयारियों और आयोजन की व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसलिए समय रहते मामले का समाधान किया जाना चाहिए, ताकि शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि समिति की पिछली बैठकों के कार्यवाही रजिस्टर, पिछले वर्ष के आयोजन से जुड़े आय-व्यय के दस्तावेज और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। साथ ही, चार अक्टूबर की बैठक में सर्वसम्मति से नियुक्त चुनाव अधिकारियों से जुड़े निर्णय को बहाल किया जाए और कथित तौर पर गठित अलग समिति के मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
दूसरे पक्ष की ओर से गुरुवार को तोता का ताल स्थित दाऊजी मंदिर में बैठक कर लगाए गए आरोपों और मांगों की जानकारी मीडिया को दी गई। इस दौरान पार्षद अमित पटेल, पार्षद राजेश प्रजापति, जितेंद्र सैनी, मयंक जैन, मुकेश सक्सेना, हर्ष गुप्ता, तरुण जैन, पंकज कुमार, अजय जैन, अशोक गोला, अरिहंत जैन और निशांत जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
समिति के गठन को लेकर विवाद का मुख्य मुद्दा पिछले वर्ष के आयोजन का आय-व्यय विवरण, चार अक्टूबर की बैठक में लिया गया निर्णय और उसके बाद अलग समिति गठित किए जाने का आरोप है। शिकायत करने वाले सदस्यों ने रिकॉर्ड की जांच और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि विवाद का समाधान होने से आयोजन की तैयारियों में स्पष्टता आएगी और श्रद्धालुओं की भागीदारी वाला दशहरा शोभायात्रा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।
