दो स्पैन बदलने पर खर्च होंगे 10 करोड़ रुपये, 15 जनवरी 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य
भारी वाहनों को मलपुरा-रोहता नहर और ग्वालियर रोड से निकाला जाएगा
खेरिया मोड़, अर्जुन नगर समेत आसपास के इलाकों में बढ़ेगा यातायात का दबाव
आगरा। खेरिया-ईदगाह रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बंद होने से शहर के एक बड़े हिस्से में अगले तीन महीने तक वाहन चालकों की परेशानी बढ़ने वाली है। बुधवार सुबह चार बजे से पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
अब इस रास्ते से रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से होकर अपनी मंजिल तक पहुंचना होगा। इससे लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी और खेरिया मोड़, अर्जुन नगर सहित आसपास के इलाकों में जाम लगने की आशंका है। रेलवे पुल के दो स्पैन बदलने पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करेगा। काम पूरा करने का लक्ष्य 15 जनवरी 2027 रखा गया है।https://todaynewstrack.com

पुल बंद होने का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो रोजाना काम, कारोबार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ भारी वाहनों को भी दूसरे रास्तों से गुजरना होगा। वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से यात्रा में अधिक समय लग सकता है। खासकर व्यस्त समय में लोगों को जाम से जूझना पड़ सकता है। ऐसे में अगले 90 दिन तक वाहन चालकों को अपने सफर की योजना पहले से बनाकर निकलना होगा।https://www.jagran.com/uttar-pradesh/agra-city-kheria-mod-idgah-rob-is-set-to-be-closed-for-90-days-railway-team-will-spend-rs-10-crore-to-replace-the-old-girder-40401358.html
अर्जुन नगर तिराहे से बारह खंभा मार्ग पर निकलेगा यातायात
आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि खेरिया मोड़ स्थित रेलवे ओवरब्रिज संख्या 1343/3 की मरम्मत का काम शुरू कराया गया है। रेल और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क यातायात बंद करने का निर्णय लिया गया है। रेलवे ने अर्जुन नगर तिराहे से बारह खंभा डबल फाटक मार्ग, रेलवे फाटक संख्या 75, के रास्ते यातायात निकालने की व्यवस्था की है। भारी वाहनों को मलपुरा-रोहता नहर और ग्वालियर रोड से गुजारा जाएगा।https://www.indiatoday.in/search/agra
वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने से स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी हो सकती है। जिन लोगों को पहले सीधे खेरिया मोड़ के रास्ते से निकलना आसान पड़ता था, उन्हें अब घूमकर जाना होगा। भारी वाहनों के लिए अलग रास्ते तय किए गए हैं, लेकिन इन मार्गों पर यातायात का प्रबंधन भी अहम रहेगा। रास्तों पर अतिक्रमण या अव्यवस्थित आवागमन होने पर जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जंग खा चुके स्टील गर्डर, डेक स्लैब का कंक्रीट भी टूटा
रेलवे के अनुसार, पुल के स्टील गर्डर बुरी तरह जंग खा चुके हैं। डेक स्लैब का कंक्रीट टूटने के कारण सरिया बाहर आ गई हैं। इससे पुल की मजबूती प्रभावित हुई है। वर्ष 1970 में बने इस पुल की निर्धारित वैधता 50 वर्ष थी। मौजूदा समय में पुल काफी पुराना और कमजोर हो चुका है। ऐसे में भारी वाहनों का लगातार दबाव दुर्घटना का कारण बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुल के दो स्पैन बदलने का काम कराया जा रहा है।
रेलवे अपने हिस्से के दो स्पैन बदलेगा। पुल के शेष सड़क संबंधी हिस्से और सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस काम पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रेलवे ने 15 जनवरी 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। निर्धारित अवधि में काम पूरा होना वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि पुल बंद रहने तक आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव बना रह सकता है।
पहले भी टल चुका है मरम्मत का काम
रेलवे ने पुल की मरम्मत पहले दिसंबर 2025 और फिर मार्च 2026 में कराने की योजना बनाई थी, लेकिन यातायात डायवर्जन और सड़क बंद करने की अनुमति नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो सका। मानसून के बाद एक सितंबर से पुल को 90 दिनों के लिए बंद करने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन उस समय भी मंजूरी नहीं मिली। रेलवे ने इस संबंध में दो जुलाई को जिला प्रशासन को पत्र भेजा था।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने भी दो जुलाई को कार्रवाई के लिए डीसीपी ट्रैफिक को पत्र भेजा था। इसके बाद डीसीपी ट्रैफिक ने 20 जुलाई को रेलवे को पत्र भेजकर यातायात व्यवस्थाओं का निरीक्षण कराया। चार अगस्त के पत्र के संबंध में डीवाईसीई ब्रिज अरुण कुमार और डीवाईसीई कंस्ट्रक्शन-01 मुकेश मीणा से वार्ता हुई। इसमें पहले बारह खंभा मार्ग खोलने का निर्णय लिया गया था।
रेलवे ने पुल बंद करने से एक दिन पहले ही 13 अक्तूबर से आवागमन बंद होने का नोटिस बोर्ड लगा दिया था, लेकिन मंगलवार को भी वाहन गुजरते रहे। जिला प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद बुधवार सुबह चार बजे से यातायात बंद किया गया।
अब वैकल्पिक मार्गों की स्थिति और यातायात व्यवस्था पर लोगों की नजर रहेगी। बारह खंभा मार्ग पर पहले से निर्माण कार्य अधूरा होने की शिकायत भी सामने आई है। वर्ष 2023 में इस सड़क पर काम कराया गया था, जिस पर करीब 12.58 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। ऐसे में अगले तीन महीने तक वाहन चालकों की परेशानी कम करने के लिए वैकल्पिक रास्तों को सुचारू रखना जरूरी होगा।
खेरिया आरओबी बंद होने पर लोगों ने किया प्रदर्शन
खेरिया-ईदगाह रेलवे ओवरब्रिज 90 दिन के लिए बंद करने के विरोध में मंगलवार को क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस चौकी पर हंगामा कर प्रदर्शन किया। लोगों ने मांग की कि पहले बारह खंभा आरओबी का रास्ता दुरुस्त कराया जाए, फिर खेरिया पुल पर काम शुरू हो।

उनका कहना था कि वैकल्पिक रास्ता अधूरा होने से अगले तीन महीने तक लोगों को जाम और लंबी दूरी तय करने की परेशानी होगी। प्रदर्शनकारियों ने यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 50 पुलिसकर्मियों की तैनाती और अतिक्रमण हटाने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रदर्शन में दिग्विजय सिंह, कन्हैया राय, ललित शर्मा, जितेंद्र कुशवाह, राजेश यादव, गोपाल वर्मा, जितेंद्र खन्ना, दिलीप वर्मा, अशोक कुमार, श्याम सुंदर, कुलदीप खेरा, अजय मोटवानी, देवेंद्र, अंजलि और उमा मौजूद रहे।

