एलन हाउस पब्लिक स्कूल और राधा बाल विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने की मेट्रो यात्रा
ताज का दीदार करने के साथ स्टेशन की सुविधाएं और सुरक्षित सफर के तरीके भी जाने
आगरा। आगरा मेट्रो की सवारी बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ अनुभव का भी जरिया बनी। एलन हाउस पब्लिक स्कूल, आगरा और राधा बाल विद्यालय, बाह के छात्र-छात्राओं ने मेट्रो में सफर किया और इसकी सुविधाओं को करीब से जाना। खास तौर पर बाह से आए राधा बाल विद्यालय के बच्चे पहली बार मेट्रो में बैठे।
चलती ट्रेन से ताज का दीदार किया और एलिवेटेड व भूमिगत मेट्रो स्टेशनों की विशेषताओं को समझा। मेट्रो टीम ने बच्चों को ट्रेन और स्टेशन में यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के साथ मेट्रो इस्तेमाल करने का तरीका भी बताया। इस दौरान चलती मेट्रो में निशा ने अपना जन्मदिन भी मनाया। सजे हुए मेट्रो कोच में परिवार और अपनों के साथ मनाया गया जन्मदिन उनके लिए यादगार बन गया।

पहली बार मेट्रो में बैठे बाह के बच्चे
राधा बाल विद्यालय, बाह के छात्र-छात्राओं के लिए आगरा मेट्रो की यात्रा खास रही। बच्चे विशेष रूप से मेट्रो में सफर करने के लिए बाह से आगरा आए। पहली बार मेट्रो में बैठने को लेकर उनमें उत्साह नजर आया।
मेट्रो में सफर के दौरान बच्चों ने ट्रेन के अंदर की सुविधाओं को देखा। स्टेशन पहुंचने पर उन्होंने वहां यात्रियों के लिए उपलब्ध अलग-अलग व्यवस्थाओं को भी समझा। बच्चों के लिए यह सफर केवल एक यात्रा नहीं रहा, बल्कि शहर में चल रही आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को करीब से जानने का अवसर भी बना।

चलती ट्रेन से देखा ताज
मेट्रो राइड के दौरान बच्चों ने चलती ट्रेन से ताज का भी दीदार किया। ताज को मेट्रो सफर के दौरान देखने का अनुभव बच्चों के लिए खास रहा।
इसके साथ ही बच्चों ने एलिवेटेड और भूमिगत मेट्रो स्टेशनों की विशेषताओं को जाना। उन्हें बताया गया कि मेट्रो का सफर अलग-अलग हिस्सों में किस तरह एलिवेटेड और भूमिगत मार्ग से गुजरता है।
मेट्रो की खूबियों से रूबरू हुए छात्र
एलन हाउस पब्लिक स्कूल, आगरा और राधा बाल विद्यालय, बाह के छात्र-छात्राओं को आगरा मेट्रो टीम ने मेट्रो की सुविधाओं और खूबियों के बारे में जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि आगरा मेट्रो ईको-फ्रेंडली और ग्रीन इनीशिएटिव के रूप में काम कर रही है।

टीम ने बताया कि मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के रूप में मेट्रो की तकनीक पर्यावरण के अनुकूल है। कार्बन उत्सर्जन रहित मेट्रो तकनीक पर्यावरण संरक्षण में योगदान देती है।
बच्चों को मेट्रो को केवल एक साधन के रूप में देखने के बजाय शहर के सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी व्यवस्था के रूप में समझाया गया। इससे उन्हें यह जानने का मौका मिला कि रोजमर्रा की यात्रा में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है।http://Children from Bah ride the metro for the first time.
जाम और धूल से बचकर आसान सफर
मेट्रो टीम ने छात्र-छात्राओं को मेट्रो का इस्तेमाल करने का तरीका भी बताया। बच्चों को बताया गया कि शहरवासी मेट्रो का उपयोग करके जाम और धूल जैसी समस्याओं से बचते हुए अपनी यात्रा को आसान बना सकते हैं।

मेट्रो से सफर को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। बच्चों को यात्रा के दौरान मेट्रो सुविधाओं का सही इस्तेमाल करने के बारे में बताया गया।
इस दौरान यह भी समझाया गया कि शहर के अलग-अलग महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने में सार्वजनिक परिवहन की भूमिका अहम है। मेट्रो के जरिए यात्री अपनी यात्रा को सुविधाजनक बना सकते हैं।
रैंप से लेकर ब्रेल तक की सुविधाएं जानीं
मेट्रो राइड के दौरान बच्चों को ट्रेन और स्टेशन में यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। इनमें रैंप, एस्कलेटर, लिफ्ट और टैक्टाइल पाथ जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
छात्र-छात्राओं को पैसेंजर डिस्प्ले सिस्टम के बारे में भी बताया गया। उन्हें समझाया गया कि स्टेशन और ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए किस तरह की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
मेट्रो ट्रेन और स्टेशन की सुविधाओं में दिव्यांग और विशेष जरूरत वाले यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। बच्चों को ट्रेनों और लिफ्ट में ब्रेल लिपि के प्रयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।
स्टेशन की सुविधाओं को करीब से देखा
मेट्रो में यात्रा करने के साथ बच्चों ने स्टेशन की व्यवस्थाओं को भी करीब से जाना। रैंप, एस्कलेटर और लिफ्ट जैसी सुविधाओं को देखने के साथ इनके उपयोग के बारे में जानकारी ली।

टैक्टाइल पाथ और ब्रेल लिपि जैसी सुविधाओं ने बच्चों का ध्यान खींचा। मेट्रो टीम ने इन्हें यात्रियों की सुविधा और आसान आवाजाही से जोड़कर समझाया।
पैसेंजर डिस्प्ले सिस्टम के बारे में भी बच्चों को बताया गया। इस तरह यात्रा के दौरान उन्हें ट्रेन के साथ-साथ पूरे मेट्रो सिस्टम को समझने का मौका मिला।
मेट्रो में मनाया निशा का जन्मदिन
मेट्रो की यात्रा के दौरान निशा का जन्मदिन भी खास बन गया। आगरा मेट्रो में यात्रियों के लिए जन्मदिन, सालगिरह और किटी पार्टी जैसे आयोजनों के लिए कोच बुक करने की सुविधा उपलब्ध है।
इसी सुविधा का लाभ उठाते हुए निशा ने चलती मेट्रो में अपना जन्मदिन मनाया। अपनों के साथ सजे हुए मेट्रो कोच में जन्मदिन मनाने का अनुभव उनके लिए यादगार रहा।
जन्मदिन के इस खास मौके पर निशा ने आगरा मेट्रो का धन्यवाद किया। चलती मेट्रो में परिवार और अपनों के साथ मनाया गया जन्मदिन यात्रा की यादों में एक खास अनुभव के रूप में जुड़ गया।
शिक्षण संस्थानों से जुड़ता है मेट्रो का रूट
आगरा मेट्रो का रूट शहर के महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों, प्रमुख रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल, अस्पतालों, कार्य स्थलों और बाजारों को जोड़ता है। ऐसे में शहर के अलग-अलग हिस्सों में आने-जाने वाले लोगों के लिए मेट्रो सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण साधन बन रही है।
स्कूली बच्चों की मेट्रो यात्रा ने उन्हें भी शहर की इस परिवहन व्यवस्था से सीधे जुड़ने का अवसर दिया। खासकर बाह से आए बच्चों ने पहली बार मेट्रो में सफर किया और इसकी सुविधाओं को नजदीक से देखा।
मेट्रो का रूट शहर के प्रमुख स्थानों से जुड़ने के कारण यात्रियों को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचने में सुविधा मिलती है। बच्चों को भी इसी कनेक्टिविटी और यात्रा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई।
ट्रैफिक जाम से राहत में मेट्रो की भूमिका
आगरा में बढ़ते यातायात के बीच मेट्रो सेवा लोगों को सार्वजनिक परिवहन का विकल्प उपलब्ध कराती है। मेट्रो के इस्तेमाल से सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलती है और यात्रियों को जाम से बचकर यात्रा करने का विकल्प मिलता है।
मेट्रो सेवा के साथ बढ़ते कार्बन फुटप्रिंट से राहत की बात भी सामने आती है। आगरा मेट्रो टीम ने बच्चों को इसी पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
छात्र-छात्राओं को बताया गया कि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी उपयोगी है। इस दौरान बच्चों ने मेट्रो के तकनीकी और पर्यावरण से जुड़े पहलुओं को समझा।
पहले कॉरिडोर के प्राथमिकता खंड में चल रही सेवा
वर्तमान में आगरा मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम कॉरिडोर के प्राथमिकता खंड में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रथम कॉरिडोर के शेष हिस्से में भी जल्द मेट्रो संचालन शुरू होने की बात कही गई है।
मेट्रो सेवा के विस्तार के साथ शहर के और हिस्सों को इससे जोड़ने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। मौजूदा रूट पर यात्रा करने वाले लोगों के साथ स्कूली बच्चों और अन्य यात्रियों को भी मेट्रो की सुविधाओं का अनुभव मिल रहा है।
बच्चों के लिए यात्रा बनी सीख और अनुभव
एलन हाउस पब्लिक स्कूल और राधा बाल विद्यालय के बच्चों की मेट्रो यात्रा में पढ़ाई से अलग एक व्यावहारिक अनुभव भी जुड़ा। बच्चों ने ट्रेन में बैठकर सफर किया, स्टेशन की सुविधाओं को देखा और मेट्रो के इस्तेमाल का तरीका समझा।
राधा बाल विद्यालय के बच्चों के लिए यह अनुभव इसलिए भी खास रहा क्योंकि वे बाह से पहली बार मेट्रो यात्रा करने आए थे। ताज का दीदार, एलिवेटेड और भूमिगत स्टेशनों को देखना और मेट्रो की सुविधाओं को समझना उनके सफर का हिस्सा बना।
एक तरफ बच्चों ने शहर की आधुनिक परिवहन व्यवस्था को करीब से जाना तो दूसरी तरफ निशा के जन्मदिन ने इस यात्रा को यादगार बना दिया। मेट्रो के सफर में सीख, सुविधा और खुशी के ये अलग-अलग अनुभव बच्चों के साथ-साथ यात्रियों के लिए भी खास रहे।
