आगरा। क्षमावाणी पर्व पर सेवा, संस्कार और रचनात्मकता का संगम देखने को मिला। श्री अग्रवाल दिगंबर जैन महासभा के दो दिवसीय वार्षिक क्षमावाणी कार्यक्रम में रक्तदान शिविर और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। 65 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ और 80 बच्चों ने चित्रों के माध्यम से जैन धर्म, महापुरुषों और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद महासभा की साधारण सभा में संस्था के वार्षिक लेखा जोखा सहित कई प्रस्तावों पर विचार किया गया।

कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम में चित्रकला प्रतियोगिता में 80 बच्चों ने प्रतिभाग किया। बच्चों ने जैन धर्म से जुड़े विषयों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए चित्र बनाए। चित्रों के माध्यम से महापुरुषों के आदर्शों और प्रकृति संरक्षण का संदेश भी सामने रखा गया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित रक्तदान शिविर में लोगों ने भाग लिया। शिविर में कुल 65 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। महासभा के अध्यक्ष पारस जैन और महामंत्री संजय बाबू जैन ने बताया कि क्षमावाणी पर्व के अवसर पर धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सरोकारों को भी जोड़ा गया है। रक्तदान के माध्यम से सेवा का संदेश दिया गया, वहीं बच्चों की चित्रकला के जरिए धर्म और पर्यावरण संरक्षण की बात सामने आई।
रक्तदान शिविर और चित्रकला प्रतियोगिता के बाद महासभा की साधारण सभा की बैठक हुई। इसमें संस्था के वार्षिक लेखा जोखा पर विचार किया गया। बैठक में संस्था से जुड़े कार्यों और आगे की योजनाओं पर भी सदस्यों ने अपने विचार रखे।
साधारण सभा में संस्था के लिए शीघ्र ही एक स्थान का चयन करने का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही महिला मंच तैयार करने और शिरोमणि संरक्षक तथा परम संरक्षक बनाए जाने का भी संकल्प लिया गया।
महासभा के कोषाध्यक्ष गर्ग विजय जैन ने बताया कि सोमवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से होगी। इसके बाद भक्ति नृत्य और नाटिका की प्रस्तुति होगी।
त्यागी वृत्ति सम्मान के तहत दस लक्षण पर्व के दौरान निर्जला व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित किया जाएगा। इसमें दसलाक्षणी, पुष्पांजलि, तेला और बेला के दस श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के 15 बुजुर्गों को भी सम्मानित किया जाएगा।
समारोह में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, सीए और सीएस के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा। धार्मिक साधना, आयु वर्ग और शिक्षा के क्षेत्र में सम्मान के लिए अलग अलग वर्ग तय किए गए हैं।
दो दिवसीय क्षमावाणी कार्यक्रम में धार्मिक भावनाओं के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। एक ओर रक्तदान शिविर के माध्यम से सेवा का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने जैन धर्म, महापुरुषों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों को चित्रों में उतारा।
महासभा की साधारण सभा में संस्था के भविष्य से जुड़े प्रस्तावों पर विचार हुआ। संस्था के लिए स्थान चयन करने, महिला मंच तैयार करने तथा शिरोमणि संरक्षक और परम संरक्षक बनाए जाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का संचालन अजय जैन गर्ग ने किया। इस अवसर पर सुभाष चन्द जैन, धर्मेन्द्र जैन, मनोज जैन, अनन्त जैन, रवीन्द्र जैन, संजीव जैन, मुन्ना लाल जैन, दीपक जैन, जितेन्द्र जैन, सुरेश चन्द जैन, जयंती प्रसाद, अजीत प्रसाद और पार्श्वनाथ आदि मौजूद रहे।
अध्यक्ष पारस जैन और महामंत्री संजय बाबू जैन ने बताया कि क्षमावाणी पर्व के माध्यम से समाज में सेवा, सद्भाव और धार्मिक संस्कारों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। दो दिवसीय आयोजन में धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।
सोमवार को होने वाले सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह में भक्ति नृत्य और नाटिका के साथ विभिन्न वर्गों के लोगों को सम्मानित किया जाएगा।
