आगरा। उत्तर भारत की ऐतिहासिक श्रीरामलीला के प्रमुख आयोजनों श्रीराम लग्न उत्सव और श्रीराम बारात को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी क्रम में आगरा की रामलीला में राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल सादाबाद वाले और रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल ने लखनऊ स्थित लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को पांच अक्टूबर को होने वाले श्रीराम लग्न उत्सव और छह अक्टूबर को निकलने वाली भव्य राम बारात में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने दोनों को शुभकामनाएं देते हुए रामलीला आयोजन की सफलता की कामना की और कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। भेंट के दौरान मंत्री धर्मवीर प्रजापति और रजत सिंघल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान संजय सिंघल राजा दशरथ और नीता सिंघल रानी कौशल्या के स्वरूप में पहुंचे। इस स्वरूप में हुई भेंट को लेकर रामलीला परिवार में विशेष उत्साह रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आगरा की ऐतिहासिक रामलीला में राजा दशरथ और रानी कौशल्या का स्वरूप धारण करना अपने आप में सौभाग्य और गौरव की बात है। उन्होंने रामलीला आयोजन की सफलता की कामना करते हुए इसे और अधिक भव्य एवं प्रभावशाली ढंग से आयोजित किए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने पांच अक्टूबर को होने वाले श्रीराम के लग्न उत्सव और छह अक्टूबर को निकलने वाली राम बारात के लिए भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की लीला भारतीय संस्कृति, आस्था और संस्कारों की जीवंत अभिव्यक्ति है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में मर्यादा, संस्कार और सद्भाव का संदेश पहुंचता है। साथ ही नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित होने का अवसर मिलता है।
आगरा की रामलीला की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात को आयोजन से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रामलीला कमेटी की ओर से इस वर्ष भी प्रमुख धार्मिक आयोजनों को परंपरागत स्वरूप के साथ आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। पांच अक्टूबर को होने वाले श्रीराम लग्न उत्सव और छह अक्टूबर को निकलने वाली राम बारात को लेकर आयोजन से जुड़े पदाधिकारी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। छह अक्टूबर की ऐतिहासिक राम बारात में विभिन्न झांकियां, बैंड-बाजे और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। रामलीला कमेटी की ओर से आयोजन को भव्य एवं व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री से भेंट के बाद संजय सिंघल ने कहा कि योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें प्रसन्नता और गौरव की अनुभूति हुई। उन्होंने कहा कि राजा दशरथ का स्वरूप निभाना उनके लिए केवल रामलीला में एक पात्र की भूमिका निभाना नहीं है, बल्कि प्रभु श्रीराम की सेवा का सौभाग्य है। मुख्यमंत्री से मिले शुभाशीष से रामलीला परिवार में नया उत्साह आया है। उन्होंने कहा कि इस भूमिका के माध्यम से रामलीला की परंपरा और धार्मिक भावनाओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि पांच अक्टूबर को श्रीराम का लग्न उत्सव श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में वाटरवर्क्स स्थित अग्रवन में आयोजित किया जाएगा। इसके अगले दिन छह अक्टूबर को ऐतिहासिक राम बारात निकाली जाएगी। रामलीला के इन प्रमुख आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह है। राम बारात में धार्मिक प्रसंगों पर आधारित विभिन्न झांकियों के साथ बैंड-बाजे और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
श्रीराम लग्न उत्सव में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र (बड़े दिनेश जी) ने भी उपस्थित रहने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। इससे आयोजन में धार्मिक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोगों की सहभागिता भी रहेगी। आयोजकों की ओर से लग्न उत्सव और राम बारात को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
रामलीला कमेटी की ओर से कहा गया है कि आयोजन में धार्मिक परंपराओं के साथ सांस्कृतिक स्वरूप को भी प्रमुखता दी जाएगी। राम बारात में शामिल होने वाली झांकियां और प्रस्तुतियां आयोजन की विविधता को दर्शाएंगी। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। रामलीला से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता आयोजन की व्यवस्थाओं को पूरा करने में जुटे हैं।
संजय सिंघल ने कहा कि आगरा की रामलीला केवल मंच पर होने वाला धार्मिक मंचन नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही आस्था, परंपरा और संस्कृति का उत्सव है। रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों से जुड़ी कथाएं लोगों तक पहुंचती हैं। यही वजह है कि हर वर्ष इसके प्रमुख आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रहती है।
आगरा में रामलीला महोत्सव की परंपरा के तहत इस वर्ष भी विभिन्न धार्मिक आयोजन क्रमवार आयोजित किए जा रहे हैं। हाल में रामलीला महोत्सव का शुभारंभ मुकुट पूजन के साथ हुआ था और इसके बाद मंचीय लीलाओं का क्रम शुरू हुआ। रामलीला कमेटी की तैयारियों में छह अक्टूबर की राम बारात प्रमुख आयोजन के रूप में शामिल है। प्रकाशित कार्यक्रम के अनुसार इस वर्ष राम बारात में 200 से अधिक झांकियां और बैंड शामिल होने की तैयारी है।
रामलीला कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि धार्मिक परंपराओं को बनाए रखते हुए आयोजन को व्यवस्थित और भव्य रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। पांच अक्टूबर के श्रीराम लग्न उत्सव के बाद छह अक्टूबर को निकलने वाली राम बारात में शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक छटा देखने को मिलेगी। अलग-अलग झांकियों के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों के साथ सामाजिक संदेश भी प्रस्तुत किए जाने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निमंत्रण देने के लिए राजा दशरथ और रानी कौशल्या के स्वरूप में हुई मुलाकात ने आयोजन की तैयारियों के बीच विशेष ध्यान आकर्षित किया। संजय सिंघल और नीता सिंघल ने मुख्यमंत्री को दोनों प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री की ओर से आयोजन के लिए शुभकामनाएं देने और शामिल होने के प्रयास का आश्वासन मिलने के बाद रामलीला से जुड़े लोगों ने इसे उत्साह बढ़ाने वाला बताया।
पांच अक्टूबर को वाटरवर्क्स स्थित अग्रवन में श्रीराम लग्न उत्सव और छह अक्टूबर को ऐतिहासिक राम बारात के साथ इस वर्ष के रामलीला महोत्सव का प्रमुख धार्मिक क्रम आगे बढ़ेगा। आयोजकों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और रामलीला कमेटी की ओर से दोनों कार्यक्रमों को श्रद्धा, परंपरा और सांस्कृतिक स्वरूप के साथ आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। संजय सिंघल ने कहा कि इस आयोजन में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में सहभागिता की उम्मीद है और रामलीला परिवार इसके लिए पूरी तरह तैयार है।
