आगरा। महाराजा अग्रसेन जयंती इस बार बल्केश्वर क्षेत्र में सामाजिक एकता और भाईचारे के संदेश के साथ मनाई जाएगी। अग्रवंश एकता समिति के तत्वावधान में 11 अक्टूबर को बल्केश्वर आईटीआई के सामने स्थित अग्रसेन वाटिका में सुबह 10:30 बजे से विशाल एकता महायज्ञ का आयोजन होगा। आयोजन से क्षेत्र के 1100 अग्रवंशी परिवारों को जोड़ने के लिए आयोजक एक मुट्ठी चावल लेकर घर-घर पहुंचेंगे और परिवारों को महायज्ञ में सहभागिता का आत्मीय निमंत्रण देंगे। विश्व शांति और विश्व कल्याण की भावना से होने वाले इस आयोजन में अग्रवंशी प्रतिभाओं को मंच देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
अग्रकुल प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन की जयंती के अवसर पर अग्रवंश एकता समिति ने बल्केश्वर क्षेत्र में सामाजिक एकता को मजबूत करने की पहल की है। समिति के तत्वावधान में होने वाले विशाल एकता महायज्ञ के माध्यम से क्षेत्र के अग्रवंशी परिवारों को एक साथ जोड़ने और महाराजा अग्रसेन के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि महाराजा अग्रसेन ने समाज को आपसी सहयोग, समानता और स्वावलंबन की भावना से जोड़ने का संदेश दिया था। इसी विचार से प्रेरणा लेकर एकता महायज्ञ की रूपरेखा तैयार की गई है।
मंगलवार को अतिथिवन स्थित वाटरवर्क्स में आयोजन की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान अग्रवंश एकता समिति की ओर से कार्यक्रम का आकर्षक पोस्टर विमोचन कर जारी किया गया। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि महायज्ञ केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी दिया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक समाजसेवी पार्षद मुरारी लाल गोयल पेंट वाले ने बताया कि 11 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से बल्केश्वर आईटीआई के सामने स्थित अग्रसेन वाटिका में विशाल एकता महायज्ञ का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने अग्रवंशियों को अपनेपन के धागे में बांधने और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश दिया था। उनके इसी विचार से प्रेरणा लेते हुए क्षेत्र के परिवारों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एकता महायज्ञ से बल्केश्वर के साथ पूरे आगरा में सामाजिक एकता, सद्भाव और भाईचारे का प्रसार होगा।
पूर्व पार्षद ताराचंद मित्तल ‘तोती भाई’ ने बताया कि महायज्ञ में अधिक से अधिक परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत अग्रबंधु एक मुट्ठी चावल लेकर अग्रवंशी परिवारों के घर पहुंचेंगे। परिवारों को एकता महायज्ञ में शामिल होने का आत्मीय निमंत्रण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि घर-घर संपर्क का उद्देश्य आयोजन को केवल कुछ लोगों तक सीमित रखने के बजाय अधिक से अधिक परिवारों को इससे जोड़ना है। इसके लिए क्षेत्र में लगातार संपर्क किया जाएगा।
पार्षद पूजा बंसल, पार्षद हरिओम बाबा और पूर्व मंडल अध्यक्ष गिर्राज बंसल ने संयुक्त रूप से बताया कि बल्केश्वर क्षेत्र में करीब 1100 अग्रवंशी परिवार हैं। इन परिवारों को एक सूत्र में जोड़ने के उद्देश्य से एकता महायज्ञ की पहल की गई है। उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्देश्य विश्व शांति और विश्व कल्याण की कामना के साथ सामाजिक स्तर पर आपसी जुड़ाव को बढ़ाना है। परिवारों की सामूहिक सहभागिता से आयोजन को व्यापक स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि महायज्ञ में प्रयुक्त होने वाली समिधा और उससे निकलने वाली सुगंध को भारतीय धार्मिक परंपरा में सकारात्मक वातावरण से जोड़ा जाता है। आयोजन के माध्यम से स्वास्थ्य, खुशहाली, समृद्धि और नई ऊर्जा के साथ समाज में एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि सामूहिक रूप से होने वाला यह आयोजन परिवारों के बीच आपसी संपर्क और सामाजिक संवाद का माध्यम भी बनेगा।
कार्यक्रम के तहत धार्मिक आयोजन के साथ अग्रवंशी प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलेगा। समाजसेवी सुमन गोयल, ममता सिंहल और नूतन अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके जरिए बच्चों, युवाओं और अन्य प्रतिभागियों को मंच उपलब्ध कराया जाएगा। आयोजकों की योजना है कि प्रतिभाओं की सहभागिता से आयोजन में सामाजिक और सांस्कृतिक रंग भी जुड़े।
मुख्य यजमान गिरीश चंद्र बंसल ने सभी अग्रवंशियों से एकता महायज्ञ में सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक भागीदारी से ही आयोजन का उद्देश्य व्यापक स्तर तक पहुंच सकेगा। उन्होंने क्षेत्र के परिवारों से समय निकालकर महायज्ञ में शामिल होने का आग्रह किया।
आयोजन की तैयारियों को लेकर समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि घर-घर संपर्क, निमंत्रण और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर काम शुरू कर दिया गया है। आयोजकों का प्रयास है कि महायज्ञ में क्षेत्र के अधिक से अधिक परिवार शामिल हों। इसके लिए अग्रवंशी परिवारों के बीच संपर्क बढ़ाया जा रहा है और आयोजन की जानकारी साझा की जा रही है।
मंगलवार को पोस्टर विमोचन के दौरान आयोजन को लेकर समिति से जुड़े लोगों में उत्साह दिखाई दिया। इस अवसर पर बंगाली बाबू अग्रवाल, रमन अग्रवाल, हरिओम गोयल, शिव शंकर अग्रवाल ‘शंभू’, अवध गोयल, कृष्ण कुमार अग्रवाल ‘गुड्डू’, रिंकू अग्रवाल, सचिन मित्तल, संध्या और बॉबी भाई प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
महाराजा अग्रसेन जयंती पर होने वाले इस आयोजन के जरिए आयोजक धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता को जोड़ने की तैयारी में हैं। एक मुट्ठी चावल के साथ घर-घर पहुंचने का अभियान इसी सामूहिक जुड़ाव का हिस्सा होगा। 11 अक्टूबर को अग्रसेन वाटिका में होने वाला एकता महायज्ञ क्षेत्र के अग्रवंशी परिवारों की सामूहिक भागीदारी का प्रमुख आयोजन होगा।
