फतेहाबाद। पीछे बैठे तीन सवार शीशा तोड़कर करीब 60 फीट गहरी खाई में पत्थरों पर गिरे, 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दिल्ली से बलिया जा रही थी कार
थाना डौकी क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह तेज रफ्तार क्रेटा कार अनियंत्रित होकर मध्य डिवाइडर से टकराने के बाद कई बार पलट गई। हादसे में पीछे की सीट पर बैठे तीन लोग कार के पिछले शीशे को तोड़कर बाहर निकल गए और हवा में उछलते हुए एक्सप्रेसवे के नीचे करीब 60 फीट गहरी खाई में पत्थरों पर जा गिरे। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कार चालक समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची थाना डौकी पुलिस, यूपीडा और फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों की सहायता से खाई से शवों को बाहर निकाला। घायलों को पहले सीएचसी फतेहाबाद ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार और एडीशनल डीसीपी ट्रैफिक अल्का भी मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्रेटा कार चालक यशवंत पुत्र संजय खरवार निवासी आरजेडसी 18बी, पालम गांव, नई दिल्ली अपने साथी चंद्रकांत पुत्र उमाकांत निवासी आरजेडसी 18बी, गली नंबर 11डी, दुर्गा पार्क, दिल्ली, भूपेंद्र पुत्र दलबीर सिंह निवासी आरजेड107 जीएफ, गली नंबर चार, दुर्गा पार्क, पालम गांव, नई दिल्ली, उम्र 32 वर्ष, कपिल पुत्र सुरेश, उम्र 30 वर्ष, निवासी सागरपुर, दिल्ली और जयप्रकाश पुत्र ओमप्रकाश खरवार निवासी बलिया, उम्र 20 वर्ष के साथ दिल्ली से बलिया जा रहे थे। शनिवार सुबह करीब 7:15 बजे उनकी कार थाना डौकी क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 15.400 पर पहुंची। बताया गया कि उस समय कार की रफ्तार करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटा थी। तेज रफ्तार के कारण चालक कार पर नियंत्रण खो बैठा।

अनियंत्रित कार मध्य डिवाइडर से टकरा गई और करीब 20 मीटर तक घिसटती हुई आगे गई। इसके बाद कार कई बार पलट गई। हादसे के दौरान पीछे की सीट पर बैठे भूपेंद्र, कपिल और जयप्रकाश कार के पिछले शीशे को तोड़ते हुए बाहर निकल गए। वे हवा में उछलते हुए एक्सप्रेसवे की जाली के ऊपर से नीचे करीब 60 फीट गहरी खाई में जा गिरे। नीचे पत्थरों पर गिरने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार चालक यशवंत और उसके बगल में बैठे चंद्रकांत कार के अंदर ही रहे और घायल हो गए। हादसे के बाद कार एक्सप्रेसवे पर सीधी खड़ी हो गई, जिससे वहां वाहनों की रफ्तार थम गई।
घटना की जानकारी थाना डौकी क्षेत्र के गांव नगला देवहंस निवासी रमेश सिंह ने पुलिस को दी। रमेश सिंह शौच के लिए गए थे और उसी दौरान उन्होंने हादसा देखा। सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की सहायता से खाई में पड़े तीनों शवों को बाहर निकाला गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वहीं घायल यशवंत और चंद्रकांत को उपचार के लिए सीएचसी फतेहाबाद ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को आगरा रेफर कर दिया गया। बाद में दोनों घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा भेजा गया।
हादसे के दौरान कार में पीछे बैठे तीनों सवारों के बाहर निकलकर खाई में गिरने का दृश्य बेहद भयावह था। हादसे से जुड़े विवरण के अनुसार पीछे बैठे भूपेंद्र, कपिल और जयप्रकाश कार के पिछले शीशे को तोड़ते हुए बाहर निकले और हवा में उछलकर नीचे जा गिरे। कार के पलटने के दौरान वे एक्सप्रेसवे की जाली को पार कर खाई में पहुंचे। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद तीनों सवारियां नीचे पत्थरों पर पड़ी मिलीं।
घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीण रमेश पुत्र लोटन सिंह निवासी नगला देवहंस ने बताया कि कार की रफ्तार बहुत अधिक थी। टक्कर के बाद कार पलटी तो पीछे बैठे तीनों सवारियां खिड़कियों से निकलकर हवा में उछलते हुए एक्सप्रेसवे की जाली को पार कर नीचे पत्थरों पर जा गिरे। रमेश के अनुसार, उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वे हवा में उड़ रहे हों। वहीं चालक और उसके बगल में बैठा व्यक्ति कार के अंदर ही रहे। घटना के बाद उन्होंने तुरंत थाना डौकी पुलिस को सूचना दी।
हादसे के संबंध में यह भी बताया गया कि जिस स्थान पर कार अनियंत्रित हुई, वहां एक्सप्रेसवे पर ढलान है। कार की रफ्तार अधिक होने के कारण चालक नियंत्रण नहीं रख सका और कार डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद कार करीब 20 मीटर तक डिवाइडर से घिसटती हुई गई और फिर कई बार पलट गई। इस दौरान कार सवार करीब पांच फीट हवा में उछलते हुए जाली के ऊपर से नीचे खाई में जा गिरे। खाई में पत्थरों पर गिरने से पीछे बैठे तीनों लोगों की मौत हो गई।
हादसे की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और अन्य टीमों ने सबसे पहले खाई में गिरे लोगों को बाहर निकालने का काम किया। ग्रामीण भी राहत कार्य में शामिल रहे। तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। हादसे में घायल चालक यशवंत और चंद्रकांत को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर खड़ी कार के कारण वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित हुई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार और एडीशनल डीसीपी ट्रैफिक अल्का भी घटनास्थल पर पहुंचीं। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हादसे की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस और यूपीडा की टीम ने घटनास्थल पर राहत कार्य कराया। फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और खाई से शवों को बाहर निकालने में मदद की।
एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद ने बताया कि दिल्ली से बलिया जा रही कार करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी। कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। हादसे में कार सवार तीन लोग हवा में उछलकर खाई में गिर गए, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। चालक समेत दो लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा भेजा गया है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

