आगरा। पांच बैंड, पांच अखाड़े, 10 डीजे और दो नासिक ढोल की थाप पर श्रद्धालुओं से भरे रहे रास्ते, फव्वारा चौराहे पर झांकी और बैंड संचालकों का हुआ सम्मान
श्री रामलीला महोत्सव 2026 के अंतर्गत शनिवार को बाबा मनःकामेश्वरनाथ के मुकुट की आरती और दीप प्रज्ज्वलन के साथ 136वीं श्री मुकुट महोत्सव शोभायात्रा निकाली गई। श्री मुकुट महोत्सव प्रबंध समिति के तत्वावधान में निकली शोभायात्रा में 50 आकर्षक झांकियां, पांच बैंड, पांच अखाड़े, 10 डीजे और दो नासिक ढोल शामिल रहे। धार्मिक और आकर्षक झांकियों के साथ बैंड की धुन, अखाड़ों के कलाकारों के प्रदर्शन और नासिक ढोल की थाप ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।
फव्वारा चौराहे पर लगाए गए विशेष मंच से झांकियों और बैंड संचालकों के अध्यक्षों व प्रतिनिधियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने भी झांकी और बैंड संचालकों का सम्मान किया।
शोभायात्रा का शुभारंभ महापौर हेमलता दिवाकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने बाबा मनःकामेश्वरनाथ के मुकुट की आरती भी उतारी। मुख्य अतिथि सूरज ठेकेदार रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पार्षद बंटी माहौर, मधु माहौर, बद्री प्रसाद और प्रवेश पटेल सहित अनेक गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। शुभारंभ के बाद जैसे ही शोभायात्रा आगे बढ़ी, उसके साथ शामिल झांकियों और बैंडों ने पूरे मार्ग पर धार्मिक माहौल बना दिया। अलग-अलग रूप और सज्जा में तैयार की गई 50 झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों में प्रस्तुत धार्मिक और सांस्कृतिक दृश्य देखने के लिए मार्ग के आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
शोभायात्रा में शामिल पांच बैंडों ने अपनी धुनों से माहौल में उत्साह भरा। पांच अखाड़ों के कलाकारों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके अलावा 10 डीजे और दो नासिक ढोल भी शोभायात्रा का हिस्सा रहे। नासिक ढोल की थाप के साथ आगे बढ़ती शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। झांकियों की सजावट और प्रस्तुतियों के साथ बैंडों की धुन तथा अखाड़ों के प्रदर्शन ने शोभायात्रा की भव्यता बढ़ाई। रास्ते में लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसके साथ जुड़े रहे।
फव्वारा चौराहे पर श्री मुकुट महोत्सव प्रबंध समिति की ओर से विशेष मंच बनाया गया था। शोभायात्रा के वहां पहुंचने पर मंच से उसमें शामिल झांकियों और बैंडों के अध्यक्षों तथा प्रतिनिधियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार प्रदान किए गए। समिति की ओर से झांकी और बैंड संचालकों के योगदान को सम्मानित किया गया। इसके अलावा शोभायात्रा मार्ग में अलग-अलग स्थानों पर बनाए गए मंचों से समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने भी झांकी तथा बैंड संचालकों का सम्मान किया। इससे शोभायात्रा में शामिल दलों का उत्साह बढ़ा।
शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था भी की गई। कोरी समाज की विभिन्न संस्थाओं की ओर से मार्ग में जगह-जगह प्याऊ लगाई गईं। यहां शोभायात्रा में शामिल लोगों और श्रद्धालुओं को शीतल पेयजल उपलब्ध कराया गया। लंबी शोभायात्रा के दौरान प्याऊ की व्यवस्था से लोगों को राहत मिली। समिति की ओर से शोभायात्रा को व्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। आयोजन के दौरान समिति के पदाधिकारी और सदस्य व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
शोभायात्रा में समिति के संरक्षक चौ. हरिबाबू, अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबूलाल, उपाध्यक्ष राजकुमार एवं मुन्नालाल, महामंत्री राजकुमार, कोषाध्यक्ष सुभाष बाबू, सह-कोषाध्यक्ष सुनील कुमार, सोमनाथ एडवोकेट, उपमंत्री राजकुमार (बबलू) एवं उमाशंकर, संगठन मंत्री ओमप्रकाश, भगवत प्रसाद एवं चौ. नरेन्द्र, सूचना मंत्री विद्यासागर, गिरीश माहौर, फूल सिंह, बबलू पुजारी एवं खेमचन्द (डमरू वाले) सहित समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। सभी ने शोभायात्रा की व्यवस्थाओं में सहभागिता की और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
इसके अलावा राजेन्द्र कुमार, लव माहौर, अनूप, आकाश माहौर, विष्णु चौधरी, रोहित चौधरी, राकेश माहौर, शालू माहौर, गोपी माहौर, अमन माहौर, योगेश माहौर, फूल सिंह, रवि माहौर, मनोज माहौर, हेमन्त कुमार, विनोद माहौर, घनश्याम माहौर, राजीव माहौर, नरेन्द्र माहौर, आनन्द माहौर, सूर्याश माहौर, रोहित माहौर और संजय सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं सहयोगी मौजूद रहे। आयोजन में समिति के पदाधिकारियों के साथ सामाजिक संगठनों, समाजसेवियों और सहयोगियों की सहभागिता रही।
136वीं श्री मुकुट महोत्सव शोभायात्रा को लेकर समिति की ओर से पहले से विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की गई थीं। शोभायात्रा में शामिल झांकियों, बैंडों, अखाड़ों, डीजे और नासिक ढोल के साथ लोगों की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक रूप दिया। धार्मिक झांकियों के साथ चल रहे बैंडों की धुन और अखाड़ों की प्रस्तुतियों के कारण पूरे मार्ग पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालु झांकियों को देखने के लिए मार्ग के आसपास मौजूद रहे और शोभायात्रा के आगे बढ़ने के साथ उसका हिस्सा बनते गए।
बाबा मनःकामेश्वरनाथ के मुकुट की आरती के साथ शुरू हुए इस आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता भी दिखाई दी। दीप प्रज्ज्वलन से शुभारंभ के बाद झांकियों और बैंडों के साथ निकली शोभायात्रा में अलग-अलग संगठनों और समाज के लोगों ने सहभागिता की। फव्वारा चौराहे पर सम्मान कार्यक्रम ने आयोजन में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव जोड़ा, जहां झांकी और बैंड संचालकों के अध्यक्षों तथा प्रतिनिधियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विभिन्न मंचों पर भी सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए गए।
समिति के पदाधिकारियों ने 136वीं श्री मुकुट महोत्सव शोभायात्रा को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी सामाजिक संगठनों, झांकी और बैंड संचालकों, समाजसेवियों, प्रशासन, पुलिस तथा सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने आयोजन में सहयोग देने वाले प्रत्येक व्यक्ति और संस्था के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ 50 झांकियों, पांच बैंड, पांच अखाड़े, 10 डीजे और दो नासिक ढोल ने आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक रंग दिया।
