आगरा। नेशनल चैम्बर और नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क (एनईएन) ने वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आगरा और आसपास के क्षेत्रों के ग्रोथ-स्टेज व्यवसायों को एक मंच पर लाकर उनके विस्तार की संभावनाओं पर विचार साझा किए। ‘वाधवानी एक्सेलरेट सीईओ ग्रोथ राउंडटेबल’ में एमएसएमई के नए बाजारों तक पहुंच बनाने, नए ग्राहक वर्ग विकसित करने, मजबूत व्यावसायिक सिस्टम और टीम तैयार करने, वित्त, तकनीक तथा परिचालन दक्षता बढ़ाने जैसे विषयों पर उद्यमियों और व्यवसायिक नेतृत्वकर्ताओं ने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का आयोजन नेशनल चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल और नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें विभिन्न उद्योगों से जुड़े उद्यमियों, सीईओ, संस्थापकों, व्यवसायिक नेतृत्वकर्ताओं और इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। राउंडटेबल का उद्देश्य ऐसे व्यवसायों को विकास की संभावनाओं को स्पष्ट प्राथमिकताओं में बदलने और उन्हें मजबूत प्रणालियों तथा अनुशासित क्रियान्वयन के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम में एक्सेलरेट-यूपी-एनसीआर इकोसिस्टम की इकोसिस्टम एक्टिवेशन लीड वीना हनमसागर, नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क की प्रोग्राम लीड-वाधवानी एक्सेलरेट, एनसीआर इकोसिस्टम तरुणा कुमार और नीता प्रसाद सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने व्यवसाय के विस्तार के दौरान आने वाली चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए और यह बताया कि बाजार में अवसर मिलने के साथ-साथ उन्हें व्यावसायिक योजना, प्रबंधन व्यवस्था, टीम निर्माण और परिचालन स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करना भी जरूरी है।
राउंडटेबल में इस बात पर विशेष रूप से विचार किया गया कि ग्रोथ-स्टेज व्यवसाय अपनी विकास योजनाओं को केवल विचार या लक्ष्य तक सीमित न रखें, बल्कि उनके लिए स्पष्ट प्राथमिकताएं तय कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू करें। उद्यमियों ने बाजार विस्तार, नए ग्राहकों तक पहुंच, व्यवसायिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने और सक्षम टीम तैयार करने से जुड़े अनुभव साझा किए। वित्तीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, तकनीक के उपयोग और परिचालन दक्षता को बढ़ाने को भी व्यवसाय की दीर्घकालीन वृद्धि से जोड़ा गया।
आगरा के एमएसएमई के लिए सहयोगात्मक ग्रोथ इकोसिस्टम तैयार करने को लेकर बताया गया कि स्थानीय उद्यमियों को नए विकास अवसर तलाशने, व्यवसाय के विस्तार में आने वाली बाधाओं को समझने और दूर करने, नए बाजारों तथा ग्राहक वर्गों तक पहुंच बनाने और मजबूत सिस्टम विकसित करने में सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही व्यवसायों में सक्षम टीम तैयार करने और विकास की योजनाओं को धरातल पर लागू करने के लिए विशेषज्ञता तथा उपयोगी टूल्स उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
चर्चा में आगरा के मैन्युफैक्चरिंग, लेदर, फुटवियर, पर्यटन और इनसे जुड़े सहायक उद्योगों की संभावनाओं पर भी विचार हुआ। उद्यमियों ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले व्यवसाय आपसी अनुभव और एक-दूसरे से सीखकर अपने कारोबार के लिए दीर्घकालीन विकास रणनीति तैयार कर सकते हैं। इस तरह के मंचों को कारोबारियों के बीच अनुभव साझा करने और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान तलाशने का माध्यम बताया गया।
नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क की ओर से बताया गया कि उसके कार्यक्रमों के माध्यम से देशभर में 10,000 से अधिक एसएमई को सहयोग दिया जा चुका है। यह पूर्णतः वित्तपोषित कार्यक्रम है, जिसमें प्रतिभागी व्यवसायों से किसी तरह का शुल्क या इक्विटी नहीं ली जाती। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रोथ-स्टेज व्यवसायों को उनके विस्तार की जरूरतों के अनुरूप विशेषज्ञता, टूल्स और क्रियान्वयन संबंधी सहयोग उपलब्ध कराना है।
नेशनल चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने आगरा के उद्योगों और उद्यमियों की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर में प्रतिभाशाली और अनुभवी उद्यमियों की मजबूत औद्योगिक आधारशिला है। यहां के एमएसएमई में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार विस्तार की क्षमता है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक, मजबूत प्रबंधन प्रणाली, वित्तीय संसाधन और नए बाजारों तक पहुंच के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है। उद्योग जगत, सरकार और विशेषज्ञ संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से एमएसएमई को विकास और विस्तार के अधिक प्रभावी अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
तरुणा कुमार ने कहा कि आगरा में स्थापित उद्यमियों का मजबूत आधार है और उनमें मौजूदा बाजारों से आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा भी है। उन्होंने कहा कि चुनौती कई बार अवसर की पहचान करने की नहीं, बल्कि उस अवसर को स्पष्ट योजना और अनुशासित क्रियान्वयन में बदलने की होती है। वाधवानी एक्सेलरेट के माध्यम से स्थापित व्यवसायों के साथ काम करते हुए उनकी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने और सतत विस्तार के लिए जरूरी विशेषज्ञता, टूल्स तथा क्रियान्वयन संबंधी सहयोग उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के राउंडटेबल इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनमें व्यवसायिक नेतृत्वकर्ता विकास से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधानों पर एक साथ विचार कर सकते हैं। सीईओ ग्रोथ राउंडटेबल एनईएन के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत देश के अलग-अलग क्षेत्रीय बिजनेस इकोसिस्टम के साथ मिलकर ग्रोथ-स्टेज उद्यमों को विचार से क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उद्यमियों, उद्योग संगठनों, सरकारी प्रतिनिधियों और व्यवसायिक विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर आगरा और आसपास के क्षेत्रों के एसएमई के लिए उपलब्ध सहयोग तंत्र को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क ट्रस्ट के बारे में बताया गया कि यह स्वतंत्र गैर-लाभकारी संस्था है, जो भारत में उद्यमिता, नवाचार और उद्यम विकास को बढ़ावा देने के लिए काम करती है। एनईएन शैक्षणिक संस्थानों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स, एसएमई, मेंटर्स, इन्वेस्टर्स, इकोसिस्टम पार्टनर्स और सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर उद्यमिता शिक्षा, क्षमता निर्माण, एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म, व्यवसाय को गति देने और अनुसंधान के माध्यम से उद्यमशील क्षमताओं को मजबूत करने का कार्य करता है।
एनईएन का मुख्यालय बेंगलुरु में है और यह देशभर के विभिन्न भागीदारों के साथ मिलकर मजबूत तथा टिकाऊ व्यवसायों के निर्माण, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में कार्य करता है। एनईएन ट्रस्ट को वाधवानी ऑपरेटिंग फाउंडेशन का सहयोग और वित्तीय समर्थन प्राप्त है। इसके माध्यम से भारत में उद्यमिता और व्यवसाय विकास को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने किया। इस दौरान चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, अतुल कुमार गुप्ता, राजीव अग्रवाल, सदस्य सचिन सारस्वत, सुरेश चंद बंसल, अनुज अशोक, धर्मगोपाल मित्तल, मयंक मित्तल, अजय गुप्त रंगीला, दिनेश अग्रवाल, चन्दवीर सिंह फौजदार, प्रशांत जैन, गोपाल खंडेलवाल और सतीश गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
