आगरा। किसान दिवस में किसानों की सहकारिता, सिंचाई, विद्युत, पशुपालन और उद्यान विभाग से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। कृषि विज्ञान केंद्र, बिचपुरी के सभागार में उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 11 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका जिलास्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में समाधान किया गया। इनमें सहकारिता की दो, सिंचाई की दो, विद्युत की तीन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से संबंधित दो, उद्यान की एक और उप कृषि निदेशक से संबंधित एक शिकायत रही। इस दौरान 100 से अधिक किसानों ने सहभागिता की। किसानों को सरसों के बीज की ऑनलाइन बुकिंग, कृषि यंत्रों पर अनुदान, लम्पी स्किन डिजीज से बचाव के लिए टीकाकरण, बाजरा खरीद और आलू के बीज से जुड़ी जानकारी भी दी गई।
उप कृषि निदेशक ने सरसों के बीज की बुकिंग के संबंध में बताया कि किसान कृषि विभाग के पोर्टल agriculture.up.gov.in पर ऑनलाइन बुकिंग कर इसका लाभ ले सकते हैं। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुओं में होने वाली लम्पी स्किन डिजीज से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने बताया कि बीमारी से बचाव के लिए विभाग की ओर से टीकाकरण कराया जा रहा है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने किसानों को बाजरा खरीद की व्यवस्था के बारे में बताया। जिला उद्यान अधिकारी ने आलू के बीज से संबंधित जानकारी दी।
बैठक में किसानों ने अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों के सामने रखीं। सहकारिता, सिंचाई, विद्युत, पशुपालन, उद्यान और कृषि विभाग से जुड़े मामलों पर अधिकारियों ने जानकारी लेकर समाधान कराया। उप कृषि निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों से शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, अधिशासी अभियंता ग्रामीण विद्युत, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड, अधिशासी अभियंता सिंचाई नहर के प्रतिनिधि, सहायक निदेशक मत्स्य, सहायक अभियंता लघु सिंचाई और जिला खाद्य विपणन अधिकारी समेत जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
किसानों में मोहन सिंह चाहर, श्याम सिंह चाहर, लक्ष्मी नारायण बघेल और सोमवीर यादव आदि शामिल रहे। लगभग 100 किसान सभागार में पहुंचे। बैठक में विभागीय योजनाओं की जानकारी लेने के साथ किसानों ने अपनी समस्याएं भी रखीं।
