आगरा। नौनी स्थित शिवदेवी गर्ल्स इंटर कॉलेज में नशा मुक्ति अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्रह्माकुमारी आश्रम, राजस्थान के सिरोही जिले से पहुंची टीम ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली आदत नहीं है, बल्कि इसका असर परिवार, समाज और व्यक्ति के भविष्य पर भी पड़ता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया तथा नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

जगनेर क्षेत्र के नौनी स्थित शिवदेवी गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाने के साथ ही उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान ब्रह्माकुमारी आश्रम, राजस्थान के सिरोही जिले से आई टीम ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों और उससे होने वाली परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को समझाया कि नशे की शुरुआत भले ही छोटी आदत के रूप में हो, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्या बन सकती है। नशे की वजह से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है और उसकी कार्यक्षमता, सोच तथा व्यवहार में भी बदलाव आने लगता है। इसका प्रभाव केवल नशा करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। परिवार में तनाव बढ़ने के साथ सामाजिक संबंधों पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है और व्यक्ति के भविष्य के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों से कहा कि युवा पीढ़ी देश और समाज के भविष्य की आधारशिला है। ऐसे में युवाओं का स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त रहना बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को नशे से बचने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की नशे की प्रवृत्ति से दूरी बनाकर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना व्यक्तिगत विकास के साथ परिवार और समाज के लिए भी लाभकारी है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाने पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों के साथ अनुशासनपूर्ण जीवन जीने और अपने भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए स्वस्थ शरीर और सकारात्मक मन दोनों जरूरी हैं। नशे से दूरी बनाकर विद्यार्थी अपनी पढ़ाई, प्रतिभा और रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान दे सकते हैं तथा अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए परिवार, विद्यालय, समाज और युवाओं को मिलकर काम करना होगा। विद्यालयों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों तक सीधे नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। विद्यार्थियों को नशे के नुकसान समझाने के साथ उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी जरूरी है, ताकि वे स्वस्थ वातावरण में अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकें।

विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित टीम और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यालय परिवार की ओर से विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूक रहने और समाज में भी इसके लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में नंदकिशोर शर्मा, महेश शर्मा, संतोष शर्मा, दिनेश, लवकुश तिवारी, प्रदीप, जीतेंद्र, संजय, मांगीलाल, ज्योति परमार, संध्या शर्मा, चंचल, जिया, शिखा, पूजा और मंजू सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता दिखाई। उन्हें बताया गया कि नशे से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। यदि युवा शुरुआत से ही नशे के दुष्परिणामों को समझें और इससे दूर रहने का संकल्प लें तो समाज में इसके प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। विद्यार्थियों को अपने साथियों और परिवार के सदस्यों के बीच भी नशामुक्त जीवन का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
नशा मुक्ति अभियान के इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकार के साथ युवाओं के भविष्य को भी केंद्र में रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूती उसके युवाओं की क्षमता, ऊर्जा और सकारात्मक सोच पर निर्भर करती है। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, कौशल, अनुशासन और रचनात्मक गतिविधियों की ओर आगे बढ़ेंगे तो वे स्वयं के साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। इसके साथ ही नशा मुक्ति के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि नशामुक्त समाज ही स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की पहचान बन सकता है। विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार ने मिलकर यह संदेश दिया कि नशे से दूरी केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि स्वस्थ परिवार और बेहतर समाज की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
नौनी के शिवदेवी गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के बीच नशे के खिलाफ समझ विकसित करने और उन्हें सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। सामूहिक प्रयासों से नशा मुक्ति के संदेश को जन आंदोलन का रूप देने और आने वाली पीढ़ी को उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।
