वृंदावन/मथुरा।रक्षाबंधन के पर्व पर वृंदावन की सैकड़ों विधवा माताओं ने इस बार परंपरागत रूढ़ियों को पीछे छोड़कर उत्साह और आत्मसम्मान के साथ त्योहार मनाया। सुलभ इंटरनेशनल के तत्वावधान में ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर में आयोजित समारोह में माताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 1100 से अधिक विशेष राखियां तैयार कीं। इन राखियों पर प्रधानमंत्री की रंगीन तस्वीर बनाई गई है। समारोह में भजन-कीर्तन, नृत्य और राखी सजाने की गतिविधियों के बीच माताओं ने पर्व की खुशियां साझा कीं। इनमें से पांच माताएं राखियां और मिठाइयों की टोकरियां लेकर दिल्ली जाएंगी और प्रधानमंत्री को भाई के रूप में यह उपहार भेंट करेंगी।

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर वृंदावन की विधवा माताओं के लिए इस बार का उत्सव खास रहा। वर्षों से सामाजिक रूढ़ियों और अकेलेपन के बीच जीवन गुजार रहीं इन माताओं ने सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह, आत्मसम्मान और अपनत्व के साथ मनाया। ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर में आयोजित समारोह में सैकड़ों माताएं शामिल हुईं। उन्होंने अपने हाथों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 1100 से अधिक विशेष राखियां तैयार कीं और उन्हें भाई के रूप में अपना स्नेह और आशीर्वाद समर्पित करने की भावना व्यक्त की।
समारोह के दौरान मंदिर परिसर में रक्षाबंधन के पर्व की उत्सवी रंगत देखने को मिली। माताओं ने भजन-कीर्तन के साथ नृत्य किया और उत्साहपूर्वक राखियों को सजाया। धार्मिक वातावरण के बीच रक्षाबंधन की तैयारियों ने आयोजन को भावनात्मक और आत्मीय बना दिया। लंबे समय से त्योहारों को सामूहिक रूप से मनाने की परंपरा से जुड़ी माताओं के लिए यह आयोजन मिल-जुलकर खुशियां बांटने का अवसर भी बना।
सुलभ इंटरनेशनल की कार्यकारी संयोजिका नित्या पाठक ने समारोह में मौजूद सभी माताओं और बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वृंदावन की माताओं के साथ रक्षाबंधन मनाना उनके लिए भावुक और सौभाग्य का क्षण है। उन्होंने इस आयोजन को सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. विंदेश्वर पाठक की करुणा, संवेदना और मानवता के प्रति उनके संकल्प से जुड़ा बताया।
नित्या पाठक ने कहा कि डॉ. विंदेश्वर पाठक उनके ससुर थे और उनकी बहू होने के नाते वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस करती हैं कि उनकी इस विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। उनके मुताबिक डॉ. पाठक ने वृंदावन की विधवा माताओं को केवल त्योहार की खुशी देने तक सीमित प्रयास नहीं किया, बल्कि उनके लिए सम्मान, स्नेह और अपनापन सुनिश्चित करने का अभियान शुरू किया था। इसी भावना के साथ सुलभ इंटरनेशनल लगातार इन माताओं के साथ त्योहार मनाता आ रहा है।
सुलभ इंटरनेशनल का वृंदावन की विधवा माताओं के साथ जुड़ाव वर्ष 2012 से बताया गया। संस्था की ओर से होली, दिवाली और रक्षाबंधन सहित विभिन्न त्योहार वर्षों से इन माताओं के साथ मनाए जा रहे हैं। संस्था का उद्देश्य इन पर्वों के माध्यम से माताओं को सामूहिक खुशी, सम्मान और अपनत्व का अनुभव कराना रहा है। नित्या पाठक ने कहा कि संस्था का संकल्प डॉ. विंदेश्वर पाठक की विरासत को आगे बढ़ाते हुए इन माताओं के जीवन में खुशियां, सम्मान और आत्मविश्वास बनाए रखना है।
इस बार के रक्षाबंधन समारोह की सबसे विशेष बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तैयार की गई राखियां रहीं। माताओं ने अपने हाथों से 1100 से अधिक विशेष राखियां तैयार कीं। इन राखियों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रंगीन तस्वीर बनाई गई है। राखियां तैयार करने और उन्हें सजाने के दौरान माताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने इन राखियों को अपने भाई के लिए स्नेह और आशीर्वाद के प्रतीक के रूप में तैयार किया।
नित्या पाठक के मुताबिक रक्षाबंधन के अवसर पर पांच माताएं इन विशेष राखियों और मिठाइयों की टोकरियां लेकर दिल्ली जाएंगी। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखियां और मिठाई भेंट करेंगी। माताओं की ओर से तैयार किए गए इस विशेष उपहार को उनके स्नेह और आशीर्वाद से जोड़कर देखा गया। पांच माताओं का दिल्ली जाकर राखियां और मिठाई भेंट करना इस आयोजन का विशेष हिस्सा होगा।
गोपीनाथ मंदिर में हुए समारोह के दौरान माताओं ने केवल राखियां तैयार नहीं कीं, बल्कि रक्षाबंधन के पारंपरिक उत्साह को भी साझा किया। भजन-कीर्तन के बीच उन्होंने नृत्य किया और एक-दूसरे के साथ त्योहार की खुशियां बांटीं। राखियों को सजाने की प्रक्रिया में भी माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे आयोजन का वातावरण भक्तिमय होने के साथ आनंदपूर्ण बना रहा।
नित्या पाठक ने अपने संबोधन में माताओं को परिवार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि वे सुलभ परिवार की शक्ति और प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि सुलभ परिवार हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने बाँके बिहारी जी और मां काली से सभी माताओं पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना भी की।
रक्षाबंधन के इस आयोजन में एक ओर जहां धार्मिक आस्था और भक्ति का वातावरण रहा, वहीं दूसरी ओर माताओं की सक्रिय भागीदारी ने समारोह को सामाजिक और भावनात्मक रूप दिया। अपने हाथों से राखियां तैयार करना, उन्हें सजाना, भजन-कीर्तन करना और नृत्य के माध्यम से त्योहार की खुशी साझा करना आयोजन की प्रमुख गतिविधियां रहीं। प्रधानमंत्री के लिए तैयार की गई 1100 से अधिक राखियों ने इस समारोह को विशेष पहचान दी।
वृंदावन की विधवा माताओं के साथ सुलभ इंटरनेशनल का वर्ष 2012 से चला आ रहा जुड़ाव इस आयोजन में भी दिखाई दिया। होली, दिवाली और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों को उनके साथ मनाने की परंपरा के बीच इस बार भी संस्था ने रक्षाबंधन को सामूहिक रूप से मनाने का अवसर उपलब्ध कराया। आयोजन में माताओं को त्योहार से जुड़ी खुशियों में सहभागी बनाया गया और उनके लिए सम्मान तथा अपनत्व की भावना को प्रमुखता दी गई।
समारोह में माताओं द्वारा तैयार की गई राखियां अब दिल्ली पहुंचेंगी। पांच माताएं राखियों और मिठाइयों की टोकरियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उन्हें रक्षाबंधन का उपहार भेंट करेंगी। 1100 से अधिक राखियों की तैयारी के पीछे माताओं की सामूहिक सहभागिता रही। इस पूरी प्रक्रिया ने रक्षाबंधन को उनके लिए केवल एक पर्व के बजाय आपसी स्नेह और अपनत्व साझा करने का अवसर बनाया।
आयोजन के दौरान नित्या पाठक ने यह भी स्पष्ट किया कि सुलभ इंटरनेशनल डॉ. विंदेश्वर पाठक की मानवीय विरासत को आगे बढ़ाने के लिए इन माताओं के साथ जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, इस विरासत का केंद्र केवल त्योहार मनाना नहीं, बल्कि माताओं के जीवन में सम्मान, स्नेह, खुशी और आत्मविश्वास बनाए रखने का प्रयास है। इसी भावना के साथ संस्था लंबे समय से उनके साथ विभिन्न पर्व मनाती आ रही है।
रक्षाबंधन समारोह में वृंदावन की माताओं का उत्साह इस बात के रूप में सामने आया कि उन्होंने स्वयं राखियां बनाईं, उन्हें सजाया और भजन-कीर्तन के साथ त्योहार मनाया। प्रधानमंत्री के लिए बनाई गई विशेष राखियों के माध्यम से उन्होंने अपने भावनात्मक जुड़ाव को व्यक्त किया। पांच माताओं के दिल्ली जाकर राखियां और मिठाई भेंट करने की तैयारी ने आयोजन को और विशेष बना दिया।
इस अवसर पर नित्या पाठक ने सभी माताओं और बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रति स्नेह और सम्मान की भावना दोहराई। उन्होंने माताओं को सुलभ परिवार की शक्ति और प्रेरणा बताया तथा भरोसा दिलाया कि सुलभ परिवार उनके साथ खड़ा रहेगा। बाँके बिहारी जी और मां काली से उनकी खुशहाली की प्रार्थना के साथ समारोह का वातावरण भक्तिमय और आत्मीय बना रहा।
वृंदावन के ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर में हुआ यह आयोजन रक्षाबंधन के पारंपरिक उत्सव के साथ उन माताओं की सहभागिता और आत्मसम्मान को भी सामने लाया, जिन्होंने अपने हाथों से राखियां तैयार कर इस पर्व को मनाया। 1100 से अधिक विशेष राखियों की तैयारी, भजन-कीर्तन, नृत्य और राखी सजाने की गतिविधियों के बीच आयोजित यह समारोह सुलभ इंटरनेशनल और वृंदावन की विधवा माताओं के लंबे जुड़ाव की एक और कड़ी बना। अब पांच माताएं इन राखियों और मिठाइयों की टोकरियों को लेकर दिल्ली जाएंगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रक्षाबंधन का यह विशेष उपहार भेंट करेंगी।
