संत रविदास की 650वीं जयंती को समर्पित रहेगा संस्कार भारती का आयोजन
2 नवंबर को कमला नगर के सद्भावना पार्क में सजेगा मेला; लकी ड्रॉ में मिलेंगे 100 पुरस्कार
आगरा। दीपावली की खरीदारी के साथ बच्चों की प्रतिभा, महिलाओं की रचनात्मकता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद एक ही स्थान पर मिलेगा। संस्कार भारती जिला आगरा, ब्रज प्रांत की ओर से 2 नवंबर को कमला नगर स्थित सद्भावना पार्क में दीपावली आनंद मेले का आयोजन किया जाएगा।
इस बार मेला संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती को समर्पित रहेगा। आयोजन में उनके समानता, सामाजिक समरसता, प्रेम और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। मेले में 50 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां शहरवासी दीपावली से जुड़ी वस्तुओं और सजावटी सामान की खरीदारी कर सकेंगे। https://todaynewstrack.com/2026/10/sant-ravidas-ke-samanata-aur-bhaichare-ke-sandesh-ke-saath-manega-diwali-utsav/
बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं, महिलाओं के लिए सजावट से जुड़ी स्पर्धाएं, स्कूलों के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और डांडिया-गरबा नृत्य भी होंगे। आयोजन के दौरान लकी ड्रॉ के माध्यम से 100 आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।
मेले के आमंत्रण पत्र का विमोचन शुक्रवार को कमला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में किया गया। संस्कार भारती के अध्यक्ष राम अवतार यादव ने बताया कि दीपावली आनंद मेला दो नवंबर को दोपहर दो बजे से सद्भावना पार्क, पानी की टंकी के पीछे, कमला नगर में आयोजित होगा। मेले में अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिताओं की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही शहर के विभिन्न स्कूलों के बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। आयोजन का उद्देश्य परिवारों को त्योहार के अवसर पर एक साथ जोड़ना और भारतीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से दीपावली का उल्लास साझा करना है।
कार्यक्रम अध्यक्ष पवन बंसल ने बताया कि संस्कार भारती कला एवं साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था है। संस्था भारतीय संस्कृति की जड़ों से लोगों को जोड़ने और सनातन मूल्यों को महत्व देते हुए काम करती है। इस बार का आनंद मेला संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती को समर्पित किया गया है।
संत रविदास ने समाज में समानता, सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश दिया। उनके विचार आज भी सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे के लिए प्रासंगिक हैं। मेले के माध्यम से इन विचारों को लोगों तक पहुंचाने के साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
संस्था के संरक्षक राज बहादुर सिंह राज ने बताया कि मेले का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर सामूहिक रूप से त्योहार मनाना है। दीपावली केवल खरीदारी और सजावट का पर्व नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज के लोगों को आपस में जोड़ने का अवसर भी है।
इसी भाव को ध्यान में रखते हुए मेले में बच्चों, महिलाओं और अन्य आयु वर्ग के लोगों के लिए अलग-अलग गतिविधियां रखी गई हैं। संत रविदास के समानता, प्रेम और सद्भाव के विचारों को आत्मसात करते हुए आयोजन के जरिए सामाजिक एकता का संदेश दिया जाएगा। संस्था चाहती है कि त्योहार के अवसर पर समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे के साथ मिलकर सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लें।
महामंत्री यतेंद्र सोलंकी ने बताया कि मेले में बच्चों के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। छह से आठ वर्ष तक के बच्चों के लिए रंग भरो प्रतियोगिता रखी गई है। इसमें बच्चे अपनी कल्पनाशीलता और रंगों के माध्यम से चित्रों को आकर्षक रूप देने का प्रयास करेंगे। पांच से आठ वर्ष और आठ से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए विविध वेश प्रतियोगिता होगी। इसमें बच्चे अलग-अलग पात्रों और वेशभूषा के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि 10 से 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए रामायण पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को रामायण से जुड़े प्रसंगों, पात्रों और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा।
अलग-अलग आयु वर्ग के अनुसार प्रतियोगिताएं रखने का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना है। रंग भरो, विविध वेश और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों की रचनात्मकता के साथ भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी रुचि को भी बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं के लिए भी मेले में विशेष प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। प्रांतीय कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने बताया कि महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने के लिए वंदनवार सज्जा और थाल-कलश सज्जा प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
दीपावली पर घरों की सजावट और पूजा की तैयारियों में वंदनवार, थाल और कलश का विशेष महत्व होता है। इन प्रतियोगिताओं में महिलाएं अपनी कलात्मकता और सजावट के हुनर का प्रदर्शन कर सकेंगी। इसके अलावा हर आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए शंख बजाओ प्रतियोगिता भी रखी गई है। इसमें बच्चे, युवा और बड़े सभी हिस्सा ले सकेंगे।
मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। शहर के विभिन्न स्कूलों के बच्चे अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें डांडिया और गरबा नृत्य मुख्य आकर्षण रहेंगे। दीपावली के अवसर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य और संगीत के माध्यम से उत्सव का माहौल बनेगा। http://Diwali Celebration, Agra Events
बच्चों की प्रस्तुतियों के साथ मेले में आने वाले लोगों को सांस्कृतिक गतिविधियां देखने का अवसर मिलेगा। आयोजन में प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को इस तरह शामिल किया गया है कि परिवार के सभी सदस्य अपनी रुचि के अनुसार भागीदारी कर सकें।
स्वागत अध्यक्ष अमित जैन ने बताया कि मेले में खरीदारी के लिए 50 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। इन पर घरेलू उपयोग की वस्तुओं, सजावटी सामान और दीपावली से जुड़ी सामग्री के विभिन्न विकल्प उपलब्ध रहेंगे। शहरवासियों को त्योहार की जरूरत का सामान एक ही स्थान पर खरीदने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही मेले में लकी ड्रॉ भी आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से 100 आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। मेले में आने वाले लोगों के लिए खरीदारी के साथ पुरस्कार जीतने का अवसर भी रहेगा।
आयोजकों के अनुसार, दोपहर 2:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वहीं मेले का आयोजन दोपहर दो बजे से शुरू होगा। कमला नगर के सद्भावना पार्क में होने वाले इस कार्यक्रम में बच्चों की प्रतियोगिताओं, महिलाओं की सज्जा स्पर्धाओं, स्कूलों की प्रस्तुतियों और डांडिया-गरबा के साथ दीपावली की खरीदारी की व्यवस्था रहेगी।
आमंत्रण पत्र विमोचन के अवसर पर मुरारी प्रसाद अग्रवाल, प्रखर अवस्थी, एसके मिश्रा, रामकुमार अग्रवाल, राजेंद्र गोयल, हेमंत अग्रवाल, प्रो. नीलू शर्मा, सीमा अग्रवाल, साधना राठौर, संगीता जैन, हरिओम अग्रवाल, सुजाता अरोड़ा, इंजी. दिनेश शाक्य, बालकृष्ण पचौरी, संजय बघेल, देवेंद्र थापक और अंकिता गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
