आगरा। भारत विकास परिषद नवज्योति की ओर से विजय नगर कॉलोनी स्थित स्पोर्ट्स बज में ‘एक शाम अपनों के नाम, खुशियों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नवरात्रि के उल्लास और मां भगवती की आराधना के बीच सदस्यों ने गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों से शाम को यादगार बनाया।
रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे सदस्यों ने संगीत की धुनों पर नृत्य किया और आपसी मेल-मिलाप के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भगवती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। आयोजन में भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने के साथ परिवारों व सदस्यों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया।http://navjyoti-garba-dandiya-agra-up
नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति और उत्सव का संगम देखने को मिला। मां भगवती की आराधना के बाद जैसे ही गरबा और डांडिया की धुनें गूंजने लगीं, आयोजन स्थल का माहौल उत्साह से भर गया। पारंपरिक अंदाज में सजे सदस्यों ने गरबा के कदमों के साथ संगीत की लय पकड़ी तो डांडिया की खनक ने उत्सव में और रंग भर दिए।
कहीं गोल घेरे में गरबा करते सदस्य आकर्षण का केंद्र बने तो कहीं डांडिया की ताल पर एक साथ थिरकते लोगों ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई। सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी की और एक-दूसरे के साथ हंसी-खुशी के पल बिताए।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रज प्रांत से बसंत गुप्ता और प्रमोद सिंघल, अध्यक्ष सीए दीपिका मित्तल, सचिव नितिन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अंकुर अग्रवाल तथा महिला सहभागिता की जिम्मेदारी संभाल रहीं मंजू गुप्ता ने मां भगवती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
इसके साथ ही मां भगवती को समर्पित गरबा और डांडिया की संगीतमय संध्या का आगाज हुआ। दीप प्रज्वलन के बाद भक्तिमय वातावरण में नृत्य और संगीत का सिलसिला शुरू हुआ। नवरात्रि के पारंपरिक रंगों के बीच सदस्यों ने अपनी प्रस्तुतियों से आयोजन को खास बनाया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों की मौजूदगी और गरबा-डांडिया की सामूहिक प्रस्तुतियों ने शाम को उत्सव के रंग में रंग दिया।
भारत विकास परिषद नवज्योति की अध्यक्ष सीए दीपिका मित्तल और सचिव नितिन अग्रवाल ने बताया कि नवरात्रि केवल मां भगवती की आराधना का पर्व नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का भी अवसर है।
त्योहार लोगों को एक साथ आने, आपसी रिश्तों को मजबूत करने और खुशियां साझा करने का मौका देते हैं। इसी भावना के साथ ‘एक शाम अपनों के नाम, खुशियों के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य सदस्यों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहां सभी मिलकर त्योहार का आनंद ले सकें और परिवार की तरह एक-दूसरे के साथ समय बिता सकें।
उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की व्यस्तता के बीच इस तरह के आयोजन आपसी मेल-मिलाप के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। सदस्य जब एक साथ बैठते हैं, सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेते हैं और त्योहार मनाते हैं तो उनके बीच आत्मीयता बढ़ती है।
ऐसे अवसर संगठन की सामूहिक भावना को भी मजबूत करते हैं। गरबा और डांडिया जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति की सुंदर परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। आयोजन में सभी ने उत्साह के साथ भाग लिया और नवरात्रि के उल्लास को साझा किया।
कोषाध्यक्ष अंकुर अग्रवाल और महिला सहभागिता मंजू गुप्ता ने बताया कि गरबा और डांडिया केवल नृत्य की विधाएं नहीं हैं, बल्कि सामूहिक उल्लास, एकता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक भी हैं। इन पारंपरिक नृत्यों में लोगों की सामूहिक भागीदारी उत्सव को खास बनाती है।
जब सदस्य एक साथ संगीत की ताल पर कदम मिलाते हैं तो आपसी जुड़ाव और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है। ऐसे कार्यक्रम परिवारों और संगठन के सदस्यों को एक-दूसरे के करीब लाने में मदद करते हैं। त्योहारों के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने और मिल-जुलकर खुशियां मनाने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया का विशेष महत्व है। मां भगवती की आराधना के साथ इन पारंपरिक नृत्यों में भाग लेना लोगों के लिए उत्सव का अनुभव बन जाता है। कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और पारंपरिक परिधानों के माध्यम से इसी सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। सदस्यों ने आयोजन का आनंद लिया और आपसी सौहार्द के साथ त्योहार की खुशियां बांटीं। कार्यक्रम का उद्देश्य मनोरंजन के साथ सदस्यों के बीच आत्मीयता बढ़ाना और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाना भी रहा।
संगीत की मधुर धुनों, डांडिया की खनक और गरबा के पारंपरिक कदमों के बीच पूरी शाम उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने एक साथ नृत्य कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। आयोजन में शामिल सदस्यों ने एक-दूसरे के साथ बातचीत की, खुशियों के पल साझा किए और नवरात्रि के उल्लास का आनंद लिया।
भक्ति और सांस्कृतिक गतिविधियों से सजी इस संध्या में आपसी स्नेह और मेल-मिलाप की झलक दिखाई दी। ‘एक शाम अपनों के नाम, खुशियों के नाम’ की भावना के अनुरूप कार्यक्रम में सदस्यों ने अपनों के साथ समय बिताया और त्योहार को यादगार बनाया।
कार्यक्रम में शशि अग्रवाल, नीता अग्रवाल, डॉ. जूही सिंघल, निधि बंसल, निधि अग्रवाल, डॉ. कल्पना अग्रवाल, रौनक गुप्ता, सोनल भटनागर, सोनिया अग्रवाल, नीलू जैन, शिल्पी अग्रवाल, भावना भार्गव, शिल्पी मित्तल, राधिका मित्तल और सोनिया गर्ग सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन में भागीदारी कर नवरात्रि की खुशियां साझा कीं।
