आगरा। यूपी पुलिस से लेकर मेट्रो और स्वास्थ्य विभाग तक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने के आरोप में साइबर क्राइम पुलिस ने शमसाबाद रोड निवासी वीरू शर्मा को गिरफ्तार किया है। 12वीं पास आरोपी व्हाट्सऐप पर फर्जी रिजल्ट और नियुक्ति पत्र भेजकर लोगों को भरोसे में लेता था। पुलिस के मुताबिक, अब तक 1.25 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है। आरोपी के दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में जुटे बेरोजगारों को झांसा देकर रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। यूपी पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सचिवालय और मेट्रो में नौकरी दिलाने का दावा कर लोगों से ठगी करने के आरोप में साइबर क्राइम पुलिस ने वीरू शर्मा को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाता था। इसके लिए व्हाट्सऐप पर फर्जी रिजल्ट और जॉइनिंग लेटर भेजता था। दस्तावेज देखकर लोग उसकी बातों में आ जाते थे और नौकरी मिलने की उम्मीद में उसे रुपये दे देते थे। पुलिस की जांच में अब तक करीब 1.25 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता अरविंद कुमार सक्सेना ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 13.25 लाख रुपये ठगे जाने की शिकायत की थी। इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान शमसाबाद रोड निवासी वीरू शर्मा का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क और रकम के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
व्हाट्सऐप पर भेजता था फर्जी नियुक्ति पत्र
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अलग-अलग सरकारी विभागों में नियुक्ति दिलाने का दावा करता था। इनमें यूपी पुलिस, स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स, सचिवालय में लिपिक, मेट्रो और राजस्थान के धौलपुर स्थित शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने की बात शामिल थी। वह लोगों को भरोसे में लेने के लिए व्हाट्सऐप पर फर्जी परीक्षा परिणाम और नियुक्ति पत्र भेजता था। इन दस्तावेजों को देखकर लोगों को लगता था कि उनकी नौकरी लगने वाली है या नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी उनसे रुपये लेता था।
सरकारी विभाग में नौकरी पाने की चाह रखने वाले अभ्यर्थी लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में नियुक्ति का भरोसा मिलने पर कई लोग अपनी बचत तक लगा देते हैं। आरोपी पर इसी उम्मीद का फायदा उठाकर लोगों को ठगने का आरोप है। फर्जी दस्तावेजों के जरिये वह अपनी बात को सही साबित करने की कोशिश करता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने कितने लोगों को इस तरह नौकरी का झांसा दिया और कितने लोगों से रकम वसूली।http://₹1.25 crore fraud under the pretext of a government job
एक शिकायत से खुला मामला
अरविंद कुमार सक्सेना की ओर से 13.25 लाख रुपये की ठगी की शिकायत किए जाने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। शिकायत में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर रकम लेने का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने वीरू शर्मा को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ में अलग-अलग विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देने और फर्जी नियुक्ति पत्र भेजने की बात सामने आई है। मामले में करीब 1.25 करोड़ रुपये की ठगी का आंकड़ा सामने आने के बाद पुलिस अन्य पीड़ितों और लेनदेन का ब्योरा जुटाने में लगी है।
दो मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रेडमी और इनफिनिक्स कंपनी के दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की जांच के जरिये व्हाट्सऐप पर भेजे गए दस्तावेजों, लोगों से हुई बातचीत और रुपये के लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने किन लोगों से संपर्क किया था और उसके पास से मिले मोबाइल फोन में ठगी से जुड़े कितने साक्ष्य मौजूद हैं।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम आरोपी तक ही सीमित रही या इसमें दूसरे लोगों की भी भूमिका थी। पुलिस के मुताबिक, मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और रकम के लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी और दो मोबाइल फोन की बरामदगी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी के इस मामले में पुलिस की जांच का अहम हिस्सा फर्जी नियुक्ति पत्रों का इस्तेमाल और कथित ठगी की रकम का पता लगाना है। अब तक सामने आए 1.25 करोड़ रुपये के आंकड़े के संबंध में पुलिस लेनदेन और शिकायतों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
वहीं, 13.25 लाख रुपये की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के शिकार लोगों की कुल संख्या और पूरे मामले की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

