वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन की लगातार पैरवी से मिली ऑनलाइन टिकट की सुविधा
अब टिकट के लिए एक दिन पहले एएसआई कार्यालय जाने की जरूरत नहीं
आगरा। शरद पूर्णिमा पर चांदनी में ताजमहल का दीदार करने के लिए पर्यटकों में खासा उत्साह रहा। रविवार, 25 अक्टूबर की रात के दर्शन के लिए उपलब्ध सभी 400 टिकट पहले ही बुक हो गए। अब पर्यटक घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से रात्रि दर्शन के टिकट बुक कर सकते हैं।
इससे उन्हें टिकट खरीदने के लिए एक दिन पहले आगरा पहुंचकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कार्यालय में कतार लगाने की परेशानी से राहत मिली है। यह सुविधा आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन (एडीएफ) के वर्षों के प्रयास और वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन की लगातार न्यायालयी पैरवी के बाद शुरू हो सकी।

टिकट के लिए एक दिन पहले आगरा आने की मजबूरी हुई खत्म
ताजमहल का रात्रि दर्शन पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है। चांदनी रात में संगमरमर से बने इस स्मारक को देखने का अनुभव दिन के दर्शन से अलग होता है। शरद पूर्णिमा पर इसकी खास अहमियत रहती है। ऐसे अवसरों पर बड़ी संख्या में पर्यटक ताजमहल देखने की योजना बनाते हैं।https://todaynewstrack.com/2026/10/agra-news-taj-mahal-sharad-purnima-moonlight-viewing-400-tickets-booked-up-news/
ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू होने से पहले रात्रि दर्शन का टिकट लेने के लिए पर्यटकों को एक दिन पहले आगरा पहुंचना पड़ता था। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के 22, मॉल रोड स्थित कार्यालय जाकर कतार में लगकर टिकट खरीदना होता था। दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों के लिए इससे यात्रा का खर्च और समय दोनों बढ़ जाते थे।
जो पर्यटक अचानक आगरा आने का कार्यक्रम बनाते थे या उसी दिन रात्रि दर्शन करना चाहते थे, उनके लिए यह व्यवस्था मुश्किल पैदा करती थी। टिकट के लिए अलग से समय निकालना पड़ता था। यात्रा, होटल और अन्य व्यवस्थाओं के साथ एक अतिरिक्त दिन की योजना बनाना भी सभी के लिए आसान नहीं था।
अब ऑनलाइन टिकट बुक करने की सुविधा से पर्यटक अपनी यात्रा की योजना पहले से बना सकते हैं। टिकट की उपलब्धता देखकर आने-जाने और ठहरने की व्यवस्था करना आसान हुआ है। इससे उन लोगों को विशेष लाभ मिला है जो दूसरे शहरों से सीमित समय के लिए आगरा आते हैं।
वर्ष 2015 में शुरू हुए प्रयास, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
रात्रि दर्शन के टिकट की ऑनलाइन बुकिंग और उसी दिन टिकट उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन वर्ष 2015 से प्रयास कर रहा था। वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने बताया कि इस व्यवस्था में बदलाव के लिए न्यायालय के सामने पर्यटकों की व्यावहारिक कठिनाइयों को रखा गया।
ताजमहल के रात्रि दर्शन से संबंधित व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के 25 नवंबर 2004 के आदेश के तहत निर्धारित थी। इसी कारण टिकट की बिक्री के तरीके में बदलाव के लिए न्यायालय की अनुमति जरूरी थी।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने भी 1 सितंबर 2015 को सुप्रीम कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत कर ऑनलाइन टिकट और उसी दिन टिकट उपलब्ध कराने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, 25 सितंबर 2018 को न्यायालय ने पहले के आदेशों का उल्लेख करते हुए आवेदन का निस्तारण कर दिया। उस समय मांगी गई सुविधा नहीं मिल सकी।
इसके बाद भी ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था लागू कराने के प्रयास जारी रहे। पर्यटकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए एडीएफ ने इस मुद्दे को दोबारा न्यायालय के सामने रखने का फैसला किया।
एडीएफ ने 2019 में फिर दाखिल किया आवेदन
केसी जैन की पहल पर आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन ने 3 जुलाई 2019 को सुप्रीम कोर्ट में नया आवेदन दाखिल किया। यह आवेदन एमसी मेहता बनाम भारत संघ मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रस्तुत किया गया था। इसमें पहले के आदेश में सीमित संशोधन की मांग की गई।
आवेदन में मुख्य रूप से यह पक्ष रखा गया कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग और उसी दिन टिकट की बिक्री के सवाल पर पहले के आदेशों में विचार नहीं किया गया था। पर्यटकों को रात्रि दर्शन के लिए टिकट लेने में होने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल जरूरी बताया गया।
ताजमहल के दिन के दर्शन के टिकट दिसंबर 2014 से ऑनलाइन उपलब्ध थे। ऐसे में रात्रि दर्शन के टिकट के लिए भी ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। इससे पर्यटक घर बैठे टिकट प्राप्त कर सकते थे और उन्हें केवल टिकट खरीदने के लिए एक दिन पहले आगरा आने की जरूरत नहीं पड़ती।
केसी जैन ने इस विषय पर लगातार पैरवी की। पर्यटकों के समय, यात्रा की सुविधा और पर्यटन की जरूरतों से जुड़े पक्ष न्यायालय के सामने रखे गए। इस प्रक्रिया में तीन वर्ष से अधिक समय लगा।
9 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने दी ऑनलाइन बुकिंग की अनुमति
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 9 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने रात्रि दर्शन के टिकट की ऑनलाइन बुकिंग की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की पीठ ने मामले की सुनवाई की।
न्यायालय के सामने यह तथ्य रखा गया कि ताजमहल के दिन के दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग पहले से चल रही है। रात्रि दर्शन के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था अपनाने पर संबंधित पक्षों की ओर से आपत्ति नहीं थी।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2004 के अपने आदेश में सीमित संशोधन करते हुए ऑनलाइन बुकिंग की अनुमति दी। यह फैसला उन पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण रहा, जिन्हें रात्रि दर्शन का टिकट खरीदने के लिए पहले से आगरा पहुंचना पड़ता था।
न्यायालय की अनुमति के अनुपालन में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 1 मई 2023 से रात्रि दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी। इसके बाद पर्यटकों को टिकट खरीदने के लिए एएसआई कार्यालय जाने की पुरानी प्रक्रिया से राहत मिली।
एक रात में 400 पर्यटकों को मिलता है ताजमहल देखने का मौका
ताजमहल के रात्रि दर्शन के लिए पर्यटकों की संख्या सीमित रखी गई है। एक रात में अधिकतम 400 पर्यटकों को प्रवेश दिया जाता है। इन्हें 50-50 पर्यटकों के आठ समूहों में बांटा जाता है। प्रत्येक समूह को ताजमहल देखने के लिए आधे घंटे का समय मिलता है।
इस व्यवस्था के तहत पर्यटकों को निर्धारित समय के अनुसार प्रवेश दिया जाता है। सीमित संख्या में प्रवेश होने के कारण विशेष अवसरों पर टिकटों की मांग बढ़ने पर उपलब्ध टिकट जल्दी बुक हो सकते हैं।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर 25 अक्टूबर की रात के लिए सभी 400 टिकट बुक होना इसी उत्साह को दर्शाता है। चांदनी में ताजमहल देखने की इच्छा रखने वाले पर्यटकों को अपनी यात्रा तय करने से पहले टिकट की उपलब्धता जांचनी चाहिए। खास अवसरों पर पहले से बुकिंग करना उपयोगी रहता है।
भारतीय वयस्क पर्यटक के लिए रात्रि दर्शन के टिकट का शुल्क 510 रुपये है। पर्यटकों को टिकट बुक करते समय निर्धारित तारीख, उपलब्धता और प्रवेश से संबंधित शर्तों की जानकारी भी देखनी चाहिए।
ऑनलाइन टिकट से समय और यात्रा खर्च बचाने में मदद
ऑनलाइन बुकिंग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पर्यटक यात्रा शुरू करने से पहले टिकट की व्यवस्था कर सकते हैं। पहले टिकट खरीदने के लिए एक दिन पहले आगरा आने की जरूरत पड़ने से ठहरने और आने-जाने पर अतिरिक्त खर्च हो सकता था।
अब पर्यटक टिकट की उपलब्धता के अनुसार अपना कार्यक्रम बना सकते हैं। इससे होटल बुकिंग, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं में भी सहूलियत मिलती है। खासकर दूसरे शहरों से आने वाले परिवारों और उन लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी है, जिनके पास यात्रा के लिए सीमित समय होता है।
डिजिटल सुविधा से पर्यटकों को टिकट खरीदने के लिए अलग से कार्यालय जाने की जरूरत नहीं रहती। हालांकि, टिकट बुक करने से पहले आधिकारिक माध्यम पर उपलब्धता और नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।
रात्रि दर्शन से आगरा के पर्यटन कारोबार को भी लाभ
केसी जैन ने कहा कि पर्यटक का समय बहुमूल्य है। उसकी यात्रा जितनी सरल और सुविधाजनक होगी, आगरा का अनुभव उतना ही अच्छा होगा। ऑनलाइन टिकट की सुविधा के लिए प्रयास इसी सोच के साथ शुरू किए गए थे। शरद पूर्णिमा जैसे अवसरों पर इसका महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि पर्यटक दूर बैठे अपनी यात्रा की योजना बनाकर टिकट बुक कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ताजमहल का रात्रि दर्शन आगरा में पर्यटकों के ठहराव को बढ़ाने का अवसर भी है। पर्यटक यदि शहर में अधिक समय बिताते हैं तो होटल, रेस्तरां, गाइड, परिवहन और स्थानीय कारोबार को लाभ मिल सकता है।
पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए भी यह जरूरी है कि पर्यटकों को टिकट, यात्रा और अन्य सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सके। छोटी-छोटी परेशानियां दूर होने से आगरा आने वाले लोगों का अनुभव बेहतर हो सकता है।
ऑनलाइन रात्रि दर्शन टिकट की सुविधा इसी दिशा में नागरिक पहल और लगातार प्रयास का उदाहरण है। एडीएफ की ओर से शुरू किए गए प्रयासों और केसी जैन की न्यायालयी पैरवी के बाद लागू हुई इस व्यवस्था ने पर्यटकों के लिए ताजमहल को चांदनी में देखने की योजना बनाना पहले से आसान कर दिया है।

