आगरा। आगरा के जटपुरा लोहामंडी स्थित मंदिर श्रीराम चंद्रजी महाराज की दशहरा शोभायात्रा से तीन दिन पहले मंदिर कमेटी और क्षेत्रीय पार्षदों के बीच विवाद सामने आया है। मंदिर कमेटी ने प्रेस वार्ता कर पार्षदों की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया। शोभायात्रा के अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने पिछले वर्षों का हिसाब प्रस्तुत करते हुए 2023 में 56,809 रुपये के घाटे, 2024 में 1,43,462 रुपये की बचत और 2025 में 1,07,558 रुपये बचाने का दावा किया।
मंदिर प्रबंधक रामदास कटारा और कार्यकारी अध्यक्ष हर्षित पाठक ने मंदिर की टूटी दीवार, भरी नालियों और गंदगी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आयोजन से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के बजाय पदों को लेकर राजनीति हो रही है।http://agra-dussehra-shobhayatra-dispute-mandir-committee-agra-up-news
मंदिर श्रीराम चंद्रजी महाराज, जटपुरा लोहामंडी में आयोजित प्रेस वार्ता में मंदिर कमेटी ने दशहरा शोभायात्रा को लेकर क्षेत्रीय पार्षदों की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया। कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि शोभायात्रा में अब केवल तीन दिन शेष हैं, लेकिन आयोजन की तैयारियों और क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय पदों को लेकर विवाद किया जा रहा है।
प्रभु श्रीराम की सेवा के लिए आगे आने वाले लोगों का स्वागत है, लेकिन धार्मिक आयोजन को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। कमेटी ने अपने पक्ष में पिछले वर्षों की रसीद बुक और आय-व्यय का हिसाब भी प्रस्तुत किया।

शोभायात्रा के अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने पिछले वर्षों की रसीद बुक दिखाते हुए कहा कि उनका बचपन इसी क्षेत्र में रामजी की सेवा करते हुए बीता है। उनके पिता ने भी 50 वर्ष से अधिक समय तक मंदिर की सेवा की है। ऐसे में उन्हें मंदिर और दशहरा शोभायात्रा की जिम्मेदारी से हटाने का प्रयास समझ से परे है।
विनय अग्रवाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेने के बाद से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब भगवान की सेवा करने का अवसर भी किसी व्यक्ति की राजनीतिक पार्टी के आधार पर तय किया जाएगा। उनके अनुसार, मंदिर और धार्मिक आयोजन से जुड़े कार्यों में राजनीतिक विचारधारा के बजाय सेवा, जिम्मेदारी और पारदर्शिता को महत्व दिया जाना चाहिए।
पिछले वर्षों के हिसाब का दिया ब्योरा
विनय अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में वर्ष 2023, 2024 और 2025 के आय-व्यय का ब्योरा रखते हुए कहा कि वर्ष 2023 में दशहरा शोभायात्रा की कार्यकारिणी का गठन नहीं किया गया था। उस वर्ष आयोजन में 56,809 रुपये का घाटा हुआ था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में उन्हें शोभायात्रा का अध्यक्ष बनाया गया। उस वर्ष उन्होंने पहले हुए घाटे को पूरा किया और मंदिर कमेटी को 1,43,462 रुपये की बचत दी। इसके बाद वर्ष 2025 में भी उन्हें अध्यक्ष बनाया गया और उस वर्ष 1,07,558 रुपये बचाकर दिए गए।
विनय अग्रवाल ने कहा कि इन सभी वर्षों का लेखा-जोखा उपलब्ध है। उनके अनुसार, पिछले वर्षों की रसीद बुक और हिसाब-किताब से आयोजन में किए गए कार्यों तथा आर्थिक स्थिति की जानकारी ली जा सकती है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यदि किसी को हिसाब को लेकर कोई आपत्ति है तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि दशहरा शोभायात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। इसमें वर्षों से जुड़े लोगों के योगदान और सेवा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि किसी राजनीतिक दल से जुड़ाव के आधार पर मंदिर की जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं है। आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
तीन साल से टूटी दीवार, मरम्मत का इंतजार
मंदिर प्रबंधक रामदास कटारा ने मंदिर की टूटी दीवार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मंदिर की दीवार पिछले तीन वर्षों से टूटी हुई है, लेकिन इसे ठीक कराने की दिशा में अपेक्षित काम नहीं हुआ। उनके अनुसार, क्षेत्रीय स्तर पर इस समस्या को लेकर ध्यान दिया जाना चाहिए था, लेकिन अब तक दीवार की मरम्मत नहीं कराई गई है।
रामदास कटारा ने आरोप लगाया कि दशहरा शोभायात्रा के समय कुछ लोग अपना राजनीतिक प्रभाव दिखाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर की बुनियादी समस्याओं को दूर करना ज्यादा जरूरी है। धार्मिक आयोजन से जुड़े लोगों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर मंदिर की व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने रसीद बुक लौटाने में होने वाली देरी का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, चंदे की रसीद बुक एक-एक वर्ष बाद लौटाई जाती हैं। मंदिर कमेटी ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोजन से जुड़े आर्थिक रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध होने चाहिए, जिससे हिसाब-किताब की पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह का विवाद न हो।
शोभायात्रा मार्ग पर नालियां भरीं, जगह-जगह कचरा
दशहरा कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हर्षित पाठक ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से मंदिर की दीवार टूटी हुई है। पार्षदों की ओर से इसे सरकार से बनवाने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अब दशहरा शोभायात्रा में केवल तीन दिन शेष हैं। ऐसे में मंदिर के आसपास और शोभायात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं पर ध्यान देना जरूरी है।
हर्षित पाठक के अनुसार, शोभायात्रा मार्ग और मंदिर के आसपास की नालियां भरी हुई हैं। कई जगह कचरा जमा है। आयोजन के दौरान इसी मार्ग से लोगों की आवाजाही होगी। ऐसे में सफाई और जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर की दीवार की मरम्मत, नालियों की सफाई और कचरे का निस्तारण जैसे काम प्राथमिकता से होने चाहिए, लेकिन इन समस्याओं के समाधान के बजाय पदों को लेकर विवाद किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मंदिर कमेटी की सहमति से दशहरा शोभायात्रा के लिए कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। जो लोग प्रभु श्रीराम की सेवा करना चाहते हैं, उनका स्वागत है। आयोजन में सहयोग देने वालों को साथ लेकर चलने में कमेटी को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कमेटी इस तरह की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।
आयोजन की तैयारियों पर ध्यान देने की अपील
प्रेस वार्ता में मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि दशहरा शोभायात्रा के लिए अब बहुत कम समय बचा है। ऐसे में सभी संबंधित लोगों को आपसी विवाद से ऊपर उठकर आयोजन की तैयारियों में जुटना चाहिए। मंदिर की मरम्मत, आसपास की सफाई और शोभायात्रा मार्ग की व्यवस्था जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करने की जरूरत है। कमेटी का कहना है कि धार्मिक आयोजन में भागीदारी का उद्देश्य प्रभु श्रीराम की सेवा और परंपरा को आगे बढ़ाना होना चाहिए।
विनय अग्रवाल ने पिछले वर्षों के आर्थिक विवरण को अपना पक्ष स्पष्ट करने का आधार बताया, जबकि रामदास कटारा और हर्षित पाठक ने मंदिर की समस्याओं तथा शोभायात्रा मार्ग की स्थिति पर ध्यान देने की मांग की। कमेटी ने दोहराया कि आयोजन में सहयोग करने के इच्छुक सभी लोगों का स्वागत है, लेकिन जिम्मेदारियों को लेकर विवाद करने के बजाय काम को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रेस वार्ता में रामदास कटारा, विनय अग्रवाल, राजपाल यादव, हर्षित पाठक, पापे भाई, महेश लोधी, कमल अग्रवाल, विनोद राजपूत, नैमी यादव, दिनेश यादव, देव शर्मा, टीटू पंडित, हर्ष यादव, जय किशन लोधी और नीरज राजपूत उपस्थित रहे।
