आगरा। बैंड-बाजों की धुन, भजनों की स्वर लहरियां और माँ नारायणी के जयकारों के बीच मंगलवार को शहर में आस्था और भक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिला। सड़कों पर उमड़े श्रद्धालुओं के बीच राधा-कृष्ण स्वरूपों ने नृत्य प्रस्तुत किया तो विभिन्न झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। विघ्नहर्ता गणेश की भव्य झांकी शोभायात्रा में सबसे आगे रही। श्री नारायणी देवी स्मृति कल्याण समिति की ओर से निकाली गई 28वीं श्री नारायणी देवी शोभायात्रा में 40 झांकियों और सवारियों के साथ ब्रज के कलाकारों ने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बना दिया। मार्ग में करीब 18 चौराहों पर पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। समापन पर वृद्धजनों और सविता सेन समाज के कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।

शोभायात्रा का शुभारंभ यमुना किनारा स्थित माँ कामाख्या देवी मंदिर से हुआ। छावनी विधायक डॉ. जीएस धर्मेश और सपा नेता नितिन कोहली ने आरती कर यात्रा को रवाना किया। इसके बाद बैंड-बाजों और भजनों के बीच श्रद्धालुओं का कारवां निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ा। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने झांकियों के दर्शन किए और माँ नारायणी के जयकारे लगाए।
संयोजक पवन सिंह और राम चरण सिंह ने बताया कि शुक्ल पक्ष की एकादशी के अवसर पर पिछले 27 वर्षों से शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को संस्कारवान बनाना और उन्हें भारतीय संस्कृति से परिचित कराना है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

हाथी घाट स्थित कामाख्या देवी मंदिर से निकली शोभायात्रा दरेसी, सुभाष बाजार, रावतपाड़ा, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, घटिया आजम खां और फुलट्टी बाजार होते हुए मोती कटरा स्थित सत्यनारायण नारायणी देवी मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत किया और झांकियों के दर्शन किए।
अध्यक्ष संजीव कुमार मथुरिया और महामंत्री कुलदीप सविता ने बताया कि इस बार शोभायात्रा में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी कई झांकियां शामिल की गईं। इनमें गणेश जी, अष्टभुजी मां दुर्गा, श्री बांके बिहारी, मां नारायणी, खाटू श्याम, अर्धनारीश्वर, शिव परिवार, हनुमान जी, राधा रानी, राधा-कृष्ण, सेन महाराज, अमरनाथ और भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की झांकियां प्रमुख रहीं।

कुल 40 सवारियों ने शोभायात्रा की भव्यता बढ़ाई। इनमें धार्मिक स्वरूपों के साथ भारतीय संस्कृति और सामाजिक संदेशों को दर्शाने वाली झांकियां भी शामिल थीं। ब्रज के कलाकारों ने राधा-कृष्ण के स्वरूप में नृत्य और अन्य प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं का मन मोहा। सबसे आगे गणेश जी की झांकी रही, जिसके पीछे अन्य सवारियां और झांकियां क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ीं।
शोभायात्रा के मार्ग में करीब 18 चौराहों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर झांकियों का अभिनंदन किया। भजनों और जयकारों के बीच वातावरण धार्मिक रंग में रंगा रहा। मार्ग के आसपास मौजूद लोगों ने भी झांकियों के दर्शन किए और कई स्थानों पर श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए।

वृद्धजनों और समाजसेवियों का सम्मान
मोती कटरा स्थित सत्यनारायण नारायणी देवी मंदिर पर शोभायात्रा के समापन अवसर पर वृद्धजनों और सविता सेन समाज के कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने समाज और आयोजन में योगदान देने वाले लोगों का आभार जताया।
कार्यक्रम में सह संस्थापक सतीश सविता, कोषाध्यक्ष सौरभ सविता, जगदीश नारायण सविता, विजेंद्र सिंह सविता, राजू सविता, अंगेश वर्मा, बॉबी सैन, आदित्य मथुरिया, देवेंद्र सैन, गजेंद्र सिंह, रंजित सविता और विजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार शोभायात्रा की परंपरा का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना है।
