आगरा। हिंदी को केवल भाषा और साहित्य तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, रोजगार और तकनीक से जोड़ने की जरूरत है। इसी उद्देश्य को सामने रखते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषा विज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) एवं स्वास्तिक हैंडराइटिंग वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से आयोजित हिंदी पखवाड़े का मंगलवार को समापन हुआ।
14 से 22 सितंबर तक चले आयोजन में विद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई गईं। इनमें कुल 288 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। समापन समारोह में प्रतियोगिताओं के विजेताओं और प्रतिभागियों को पदक एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिंदी और संस्कृत को रोजगारपरक पाठ्यक्रमों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़कर नए अवसर विकसित करने की आवश्यकता भी बताई गई।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यालय स्तर पर 228 और विश्वविद्यालय स्तर पर 60 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। श्लोक लेखन, पोस्टर निर्माण, निबंध लेखन, काव्यपाठ और त्वरित भाषण जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता दिखाई। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के प्रति अपनी रुचि और प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में सेंट सी.एफ. एंड्रयूज स्कूल के विद्यार्थियों ने अलग-अलग विधाओं में स्थान प्राप्त किए। श्लोक लेखन में श्रेया मिश्रा, पोस्टर निर्माण में शुमंत और निबंध लेखन में भद्रा निधि गौतम प्रथम रहे। सनफ्लावर पब्लिक स्कूल में श्लोक लेखन में पल्लवी रावत, पोस्टर निर्माण में एंजल चौहान और निबंध लेखन में अनन्या चाहर ने पहला स्थान हासिल किया।
यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल में पोस्टर निर्माण में सृष्टि सागर, निबंध लेखन में रिद्धिमा वर्मा और श्लोक लेखन में तमन्ना प्रथम रहीं। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में श्लोक लेखन में अदनान खान, पोस्टर निर्माण में गौरी कुमारी और निबंध लेखन में उज्जवल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला तल्फी में श्लोक लेखन और पोस्टर निर्माण में तमन्ना तथा निबंध लेखन में कीर्ति पोनिया प्रथम रहीं।
स्वास्तिक हैंडराइटिंग वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से आयोजित प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निबंध लेखन में धैर्य दास, श्लोक लेखन में रिया गौतम और पोस्टर निर्माण में रिद्धिमा गुप्ता ने प्रथम स्थान हासिल किया।
विश्वविद्यालय स्तर की काव्यपाठ प्रतियोगिता में केएमआई के पीजीडीएमसी के योगेश शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान के शिवा ठाकुर द्वितीय और रोहित कुमार प्रजापति तृतीय रहे। त्वरित भाषण प्रतियोगिता में भी योगेश शर्मा प्रथम रहे। लोकेंद्र सिंह ने द्वितीय और बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय की अंजली शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
समापन समारोह में कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि हिंदी का सम्मान केवल हिंदी दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए। भाषा का प्रयोग पूरे वर्ष व्यवहार, अध्ययन और कार्यों में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने हिंदी को दैनिक जीवन और शैक्षणिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
विद्यापीठ के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर ने हिंदी को भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय चेतना की अभिव्यक्ति बताया। स्वास्तिक हैंडराइटिंग वेलफेयर ट्रस्ट की निदेशिका विनीता मित्तल ने हिंदी और संस्कृत को रोजगार से जोड़ने की जरूरत बताई। उन्होंने हिंदी-संस्कृत के लिए रोजगारपरक पाठ्यक्रम विकसित करने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़कर नए अवसर तैयार करने की आवश्यकता बताई।
समारोह में एमए हिंदी के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। बैंक ऑफ बड़ौदा की मेधावी छात्र सम्मान योजना के तहत एमए हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त दीप्ति वशिष्ठ को 11 हजार रुपये और द्वितीय स्थान प्राप्त विशाल राजपूत को सात हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
समारोह में श्रुति सिन्हा, डॉ. मंजू गुप्ता, रुचि सिंघल, शिखा गौतम, श्रुति दास, डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. संदीप शर्मा, कंचन, डॉ. रमा, डॉ. प्रदीप वर्मा, डॉ. कृष्ण कुमार, प्रीति कुमारी, उपेंद्र पचौरी और डॉ. कृष्णा उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ. मोहिनी दयाल ने किया। प्रतियोगिताओं की समन्वयक डॉ. वर्षा रानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
