आगरा। नौकरी का इंतजार कर रहे 164 युवाओं के लिए शनिवार का दिन नई शुरुआत लेकर आया। सूर सदन प्रेक्षागृह में भारत सरकार के तत्वावधान में राष्ट्रीय रोजगार मेला की 20वीं किश्त का आयोजन किया गया, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय तथा पंचायती राज मंत्रालय, प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने दीप प्रज्वलित कर किया। देशभर में एक साथ 45 स्थानों पर आयोजित रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र दिए गए।

उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एवं उत्तराखंड क्षेत्र के आगरा और देहरादून केंद्रों पर कुल 305 नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए, जिनमें 164 नियुक्ति-पत्र आगरा में वितरित हुए। इनमें 124 आयकर विभाग (CBDT), 21 डाक विभाग, 13 उच्च शिक्षा विभाग, तीन वित्तीय सेवा विभाग, एक सीमा सुरक्षा बल (BSF) और दो केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) से संबंधित हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का सजीव प्रसारण हुआ तथा मोदी सरकार की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।
राष्ट्रीय रोजगार मेला केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में भर्ती प्रक्रिया को मिशन मोड में आगे बढ़ाने की पहल का हिस्सा है। इसी श्रृंखला की 20वीं किश्त के तहत देश के 45 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। आगरा में नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में आयकर विभाग से सर्वाधिक 124 अभ्यर्थी हैं। इसके अलावा डाक विभाग के 21, उच्च शिक्षा विभाग के 13, वित्तीय सेवा विभाग के तीन, BSF के एक और CISF के दो अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र दिए गए।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों, अधिकारियों और नव-नियुक्त अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन देखा और सुना। प्रधानमंत्री ने देशभर में आयोजित राष्ट्रीय रोजगार मेले के माध्यम से नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित किया। इसके बाद केंद्र सरकार की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई, जिसमें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को सामने रखा गया।
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार शिक्षा है। शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने कहा कि देश में गरीबी और असमानता को दूर करने के लिए प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग के बच्चों तक शिक्षा के समान अवसर पहुंचाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार और प्रयास आवश्यक हैं। शिक्षा के माध्यम से बच्चों में ज्ञान, आत्मविश्वास, संस्कार और आगे बढ़ने की क्षमता विकसित होती है। वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों को आधुनिक ज्ञान और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
भारत की समृद्ध ज्ञान, संस्कृति और भाषाई परंपरा का उल्लेख करते हुए प्रो. बघेल ने कहा कि विदेशी भाषाओं का ज्ञान प्राप्त करना अच्छी बात है, लेकिन अपनी मातृभाषा और भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान और गौरव की भावना भी बनी रहनी चाहिए। भारत की शिक्षा और ज्ञान परंपरा का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है। इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि युवा अपनी जड़ों और विरासत को समझते हुए आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए शिक्षा के साथ मेहनत, लगन और आत्मविश्वास भी जरूरी हैं। शिक्षा ऐसा माध्यम है, जिसके जरिए व्यक्ति जीवन की अनेक कठिनाइयों का समाधान खोज सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन करने, अपने ज्ञान का विस्तार करने और निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत से प्रयास करने का आह्वान किया।
नौकरी की चयन प्रक्रिया पर अपने विचार रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने इंटरव्यू व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के दौरान अपने ज्ञान, व्यक्तित्व और संवाद क्षमता को प्रस्तुत करने का उचित अवसर मिलना चाहिए। चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो सके।

नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रो. बघेल ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे मेहनत, लगन और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने तथा देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। अभिभावकों से भी उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जब समाज के सभी वर्गों के बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलेंगे, तभी एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होगा। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षा के महत्व के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एवं उत्तराखंड ने नव-नियुक्त अभ्यर्थियों का आयकर विभाग में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल एक पद ग्रहण करने का अवसर नहीं है, बल्कि एक स्थापित संस्था की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों का हिस्सा बनने का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग की कार्यप्रणाली में पिछले कुछ वर्षों में तकनीक, डेटा, डिजिटल प्रणालियों और पारदर्शी प्रक्रियाओं की भूमिका लगातार बढ़ी है। करदाता सेवाओं को सरल और सुविधाजनक बनाने के साथ विभाग की कार्यक्षमता और जवाबदेही को भी मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे अपने विभाग की कार्यप्रणाली को समझते हुए निर्धारित दायित्वों का गंभीरता, समयबद्धता और आवश्यक सावधानी के साथ निर्वहन करें। उन्होंने विशेष रूप से सूचना की गोपनीयता, रिकॉर्ड की शुद्धता, नियमों के अनुपालन तथा संस्थागत विश्वास के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी विभाग की वास्तविक शक्ति केवल उसकी नीतियों और प्रणालियों में नहीं, बल्कि उन अधिकारियों और कर्मचारियों में भी होती है, जो इन व्यवस्थाओं को धरातल पर लागू करते हैं। उन्होंने नव-नियुक्त अभ्यर्थियों से अपने कार्य के माध्यम से संबंधित विभाग की कार्यक्षमता, विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को और मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। अभ्यर्थियों ने भारत सरकार की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अपने व्यावसायिक जीवन की महत्वपूर्ण शुरुआत बताया। उनके लिए नियुक्ति-पत्र केवल सरकारी सेवा में प्रवेश का दस्तावेज नहीं, बल्कि आगे की जिम्मेदारियों और नए अवसरों की शुरुआत भी रहा।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन में सहयोग करने वाले सभी मंत्रालयों, विभागों, अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों की सराहना की गई। सभी नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को सेवाकाल के शुभारंभ पर बधाई और शुभकामनाएं दी गईं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम में जनपद के जनप्रतिनिधिगण, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एवं उत्तराखंड, वरिष्ठ अधिकारीगण, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के प्रतिनिधि, कर्मचारीगण, मीडिया प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नव-नियुक्त अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
