आगरा। आगरा में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कृषि योजनाओं की समीक्षा के दौरान आलू के बेहतर विपणन और उचित मूल्य के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों से अनुबंध की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। जिले में करीब 27.5 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन को देखते हुए उन्होंने गुणवत्ता, उन्नत बीज, प्रसंस्करण और बाजार उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही पात्र किसानों को समय से योजनाओं का लाभ दिलाने, खेत तालाब योजना का व्यापक प्रचार करने, भूमि सुधार, मधुमक्खी पालन, वर्मी कम्पोस्ट, मत्स्य पालन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

कृषि और किसान हित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए प्रशासन ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, कृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) योजनांतर्गत गवर्निंग बोर्ड, जनपदीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन क्रियान्वयन समिति तथा अन्य योजनाओं से संबंधित जनपदीय समितियों की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति, पूर्व बैठक के निर्णयों के अनुपालन और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की स्थिति पर चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने विगत बैठक की अनुपालन आख्या तलब की। अधिकारियों ने बताया कि कराए गए कार्यों के पूर्व और पश्चात के फोटोग्राफ सुरक्षित रखे गए हैं। चयनित परियोजनाओं में वृक्षारोपण कार्य भी कराया गया है। जिलाधिकारी ने योजनाओं के तहत कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता सुनिश्चित करने के साथ उनकी नियमित निगरानी पर भी जोर दिया।

कृषि एवं अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। किसी भी पात्र कृषक को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पात्र किसानों का चिन्हांकन कर उन्हें समय से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक किसान सरकारी योजनाओं से जुड़ सकें।
बैठक में खेत तालाब योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद आगरा को योजना के तहत 20 तालाबों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। एक तालाब की कुल लागत 1.05 लाख रुपये है, जिस पर 52,500 रुपये का अनुदान अनुमन्य है। किसान कृषि विभाग की वेबसाइट के माध्यम से खेत तालाब के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए, ताकि किसान जल संरक्षण के साथ कृषि गतिविधियों को भी बेहतर ढंग से संचालित कर सकें।

आरएडी योजना के तहत किसानों को एकीकृत फसल प्रणाली, वर्मी कम्पोस्ट पिट और मधुमक्खी पालन के लिए 30 हजार रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। बैठक में योजना की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों को कृषि के साथ अतिरिक्त आय के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने योजनाओं के लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक पहुंचाने और इनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 700 हेक्टेयर भूमि में सुधार कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य भूमि की उत्पादकता में सुधार के साथ कृषि उत्पादन को बढ़ाना है। जिलाधिकारी ने भूमि सुधार से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और योजनाओं का लाभ किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले के सबसे प्रमुख कृषि उत्पादों में शामिल आलू के उत्पादन और विपणन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद में लगभग 27.5 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। किसान प्रतिनिधियों ने बैठक में आलू की गिरती कीमतों का मुद्दा उठाया। किसानों की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने आलू की गुणवत्ता बेहतर करने और उसके लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने किसानों को चिप्सोना सहित विभिन्न प्रसंस्करण कार्यों के लिए उपयुक्त उन्नत गुणवत्ता वाले आलू के बीज का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि उत्पादन के साथ-साथ कृषि उत्पाद की गुणवत्ता और उसकी बाजार मांग पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। आलू के प्रसंस्करण के क्षेत्र में संभावनाओं को बढ़ाने से किसानों को केवल कच्ची उपज बेचने के बजाय बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं।
जिलाधिकारी ने आलू के बेहतर विपणन और किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों से अनुबंध की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्पाद को बड़े और बेहतर बाजारों से जोड़ने की दिशा में नए विकल्प तलाशे जाने चाहिए। ई-कॉमर्स कंपनियों के माध्यम से आलू की बाजार उपलब्धता बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इसके साथ ही कृषि उत्पादों की गुणवत्ता, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच को मजबूत करने पर लगातार काम करने की आवश्यकता बताई गई।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की भी बैठक में समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 1,352.33 करोड़ रुपये की धनराशि किसानों को हस्तांतरित की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने योजना से अभी भी वंचित पात्र किसानों का चिन्हांकन और सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए और सत्यापन की प्रक्रिया के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जाए।
बैठक में जिले में डीप खेती को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड से समन्वय स्थापित कर किसानों को प्रोत्साहन और अनुदान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और बेहतर उत्पादन पद्धतियों को बढ़ावा देकर किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि करना है।
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए भी जिलाधिकारी ने मछुआरा समितियों की नियमित बैठक और गोष्ठियां आयोजित कराने को कहा। किसानों को मत्स्य पालन के लिए पट्टे लेने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कृषि के साथ मत्स्य पालन को भी आय के अतिरिक्त साधन के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में केवल लक्ष्य पूरा करना ही उद्देश्य न हो, बल्कि कार्यों की गुणवत्ता और उनकी उपयोगिता भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय, उत्पादकता और बाजार तक उनकी पहुंच को मजबूत करना है। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने, पात्र किसानों तक लाभ पहुंचाने और कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, उपनिदेशक कृषि मुकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार, डीसी मनरेगा रामायण सिंह यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।
