आगरा। जनकपुरी महोत्सव 2026 को लेकर भावना एस्टेट और आसपास के क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। तीन दिवसीय आयोजन के तहत 6 अक्टूबर को भावना एस्टेट स्थित श्री भावनेश्वर नाथ मंदिर से माता सीता का भव्य डोला निकलेगा। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से भरपूर शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होकर पुनः मंदिर पहुंचेगी। रास्ते में श्रद्धालुओं की ओर से माता सीता का पुष्पवर्षा और आरती के साथ स्वागत किया जाएगा। भजन-कीर्तन, धार्मिक झांकियां और जयघोष शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण होंगे। आयोजन के दूसरे दिन 7 अक्टूबर को श्री भावनेश्वर नाथ मंदिर में भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का दिव्य विवाह वैदिक परंपरा और विधि-विधान से कराया जाएगा। आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए समिति पदाधिकारी लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहे हैं और डोला मार्ग की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।

जनकपुरी महोत्सव 2026 के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बनने लगा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार (राजू यादव) के नेतृत्व में तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। समिति की ओर से स्थानीय नागरिकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को आयोजन से जोड़ा जा सके। समिति पदाधिकारियों का प्रयास है कि जनसहभागिता के साथ होने वाले इस धार्मिक आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जाए और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
6 अक्टूबर को निकलने वाला माता सीता का डोला श्री भावनेश्वर नाथ मंदिर से शुरू होगा। इसके बाद शोभायात्रा भावना एस्टेट रोड से होते हुए होली पब्लिक स्कूल रोड, गणपति आशियाना रोड, केके नगर, नीरव निकुंज रोड, शिवा कुंज और अमर विहार कॉलोनी रोड सहित विभिन्न मार्गों से गुजरेगी। निर्धारित मार्गों से भ्रमण करने के बाद डोला पुनः श्री भावनेश्वर नाथ मंदिर पहुंचेगा। शोभायात्रा के दौरान मार्ग में श्रद्धालुओं की ओर से माता सीता का स्वागत किया जाएगा। जगह-जगह पुष्पवर्षा और आरती की तैयारियां की जा रही हैं। भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोष के बीच डोला निकलने से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बनने की उम्मीद है।
शोभायात्रा को आकर्षक बनाने के लिए डोला मार्ग और मंदिर परिसर की सजावट की भी तैयारी की जा रही है। समिति की योजना के अनुसार मार्ग पर आकर्षक विद्युत सज्जा की जाएगी। रंग-बिरंगी रोशनी के साथ विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। मंदिर परिसर को भी पुष्प सज्जा से आकर्षक स्वरूप देने की तैयारी है। शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां, भक्ति संगीत और धार्मिक प्रस्तुतियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजन समिति का प्रयास है कि धार्मिक वातावरण के साथ शोभायात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को भव्य आयोजन का अनुभव मिले।
आयोजन के दूसरे दिन 7 अक्टूबर को श्री भावनेश्वर नाथ मंदिर में तुलसी-शालिग्राम विवाह का आयोजन होगा। भगवान शालिग्राम और माता तुलसी के विवाह की धार्मिक रस्में वैदिक परंपरा और विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराई जाएंगी। आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की सभी धार्मिक रस्में पूरी होंगी। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सहभागी बनने की संभावना है। समिति की ओर से विवाह आयोजन को भी धार्मिक परंपराओं के अनुरूप व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की तैयारियां की जा रही हैं।
महोत्सव की तैयारियों के क्रम में मंगलवार को आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव के नेतृत्व में पदाधिकारियों और सदस्यों ने माता सीता के डोला मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। समिति ने पूरे मार्ग का जायजा लेने के साथ क्षेत्रवासियों से जनसंपर्क किया और उन्हें आयोजन में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान स्थानीय लोगों से आयोजन को लेकर सुझाव भी लिए गए। समिति पदाधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर डोला मार्ग पर स्वागत, सजावट, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी ली तथा आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान डोला मार्ग पर स्वागत द्वार बनाए जाने वाले स्थानों, विद्युत सज्जा और पुष्पवर्षा की संभावित व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा हुई। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर संभावित जरूरतों का आकलन किया गया। समिति ने मार्ग पर आने-जाने वाले लोगों और डोला में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं करने की बात कही। आयोजन समिति का उद्देश्य है कि धार्मिक उत्सव के दौरान क्षेत्रवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।
समिति की ओर से पूरे डोला मार्ग का सूक्ष्मता से सर्वेक्षण भी किया गया। जिन-जिन रास्तों से माता सीता का डोला होकर गुजरेगा, वहां सड़क व्यवस्था और आवागमन की स्थिति को देखा गया। इसके साथ ही शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का आकलन किया गया। समिति पदाधिकारियों ने मार्ग की स्थिति को ध्यान में रखते हुए संभावित व्यवस्थाओं पर विचार किया। डोला यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु या आमजन को असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक तैयारियों को समय से पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
डोला मार्ग से जुड़े आवश्यक पुनर्निर्माण कार्य, यातायात प्रबंधन, विद्युत साज-सज्जा और प्रकाश व्यवस्था को भी तैयारियों में शामिल किया गया है। आयोजन समिति की ओर से इन व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और भव्य स्वरूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है। समिति का मानना है कि बड़े धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ मार्ग की व्यवस्थाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मार्ग का निरीक्षण कर संभावित समस्याओं को पहले से चिन्हित करने का प्रयास किया गया।
जनसंपर्क के दौरान क्षेत्रवासियों को आयोजन से जुड़ने और अपनी सहभागिता निभाने के लिए आमंत्रित किया गया। समिति की ओर से लोगों से मिले सुझावों को भी तैयारियों में शामिल करने की बात कही गई। स्थानीय नागरिकों की सहभागिता को महोत्सव की सफलता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजन समिति लगातार लोगों के बीच पहुंचकर कार्यक्रम की जानकारी दे रही है, ताकि शोभायात्रा और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोग शामिल हो सकें।
जनकपुरी महोत्सव के इस आयोजन में माता सीता का डोला धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहेगा। भावना एस्टेट स्थित श्री भावनेश्वर नाथ मंदिर से निकलने वाली शोभायात्रा निर्धारित मार्गों से होकर वापस मंदिर पहुंचेगी। इस दौरान धार्मिक झांकियों, भजन-कीर्तन, आरती, पुष्पवर्षा और जयघोष के कारण क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहने की तैयारी है। वहीं अगले दिन होने वाला तुलसी-शालिग्राम विवाह धार्मिक परंपराओं और वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाएगा।
आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने बताया कि महोत्सव की तैयारियों को लेकर समिति लगातार क्षेत्रवासियों के संपर्क में है। लोगों को कार्यक्रम में शामिल करने के साथ-साथ डोला मार्ग की व्यवस्थाओं को भी देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए विभिन्न स्तरों पर तैयारियां चल रही हैं और समिति के पदाधिकारी तथा सदस्य अपने-अपने स्तर पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जुटे हैं।
डोला मार्ग के निरीक्षण और जनसंपर्क अभियान में संजय गोयल, मनोज बंसल, मनोज जादौन, राणा सुशील सिंह, संतोष कटारा, अंकुश मित्तल, आकाश गोयल (ग्वाला), धर्मेश जैन, नरेंद्र सिंह सेंगर, निमित्त पोरवाल, कपिल पोरवाल, पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी, एकता बंसल, शीतल अग्रवाल, आरती शर्मा, प्रभाकर शर्मा और दिलीप गुप्ता आदि मौजूद रहे। समिति पदाधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से आयोजन में सहयोग और सहभागिता की अपील की।
जनकपुरी महोत्सव 2026 को लेकर जिस तरह तैयारियां आगे बढ़ रही हैं, उससे भावना एस्टेट में धार्मिक आयोजन को लेकर उत्साह बढ़ता दिखाई दे रहा है। 6 अक्टूबर को माता सीता का डोला और 7 अक्टूबर को तुलसी-शालिग्राम विवाह आयोजन के प्रमुख पड़ाव होंगे। डोला मार्ग की सजावट से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था तक विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर तैयारियां की जा रही हैं। समिति की ओर से जनसंपर्क और निरीक्षण का सिलसिला जारी है, ताकि महोत्सव के दौरान धार्मिक आस्था के साथ व्यवस्थाओं का भी बेहतर समन्वय बना रहे।
