आगरा। महर्षि अरविंदो के साथ श्री माँ ने जगत कल्याण के लिए शांति, आध्यात्मिकता और दिव्यता का जो अनुपम संदेश दिया, उसी भावना को आत्मसात करते हुए श्री अरविंद सोसायटी आगरा शाखा द्वारा शनिवार शाम अजीत नगर चौराहा के निकट खेरिया मोड़ स्थित ब्लिस इंस्टीट्यूट ऑफ योग सभागार में पांडिचेरी के श्री अरविंद आश्रम की आध्यात्मिक सह संस्थापक एवं मार्गदर्शक श्री माँ (मिरा अल्फासा) का जन्मदिवस समारोह श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में श्री माँ के जीवन पर आधारित एक प्रेरणादायी डॉक्युमेंट्री भी प्रदर्शित की गई, जिसने उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी कांता माहेश्वरी एवं विधायक-पत्नी अनीता कुशवाह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि अरविंदो और श्री माँ ने मानवता को आंतरिक शांति, आध्यात्मिक चेतना और दिव्य जीवन का मार्ग दिखाया, जो आज भी प्रासंगिक है।
कांता माहेश्वरी ने श्री अरविंद सोसायटी आगरा शाखा के ‘गर्भाधान संस्कार’ प्रकल्प पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से पति-पत्नी की चेतना को ऊँचा उठाकर श्रेष्ठ संतान को गर्भ में धारण करने की प्रक्रिया ही गर्भाधान संस्कार है। यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन सकता है।
संस्था के अध्यक्ष आलोक कुलश्रेष्ठ ने स्वागत भाषण देते हुए सोसायटी की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इसके पश्चात डॉ. सुनीता गर्ग ने नगला इमली में प्रारंभ किए जाने वाले ग्राम विकास कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ खेती-बाड़ी की व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी। साथ ही निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं दवा वितरण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
बायोकेमेस्ट्री की प्रोफेसर डॉ. वीना गुप्ता ने संस्था के समग्र स्वास्थ्य प्रकल्प की जानकारी देते हुए कहा कि ईश्वर द्वारा प्रत्येक शरीर को प्रदान की गई प्राकृतिक हीलिंग क्षमता का समुचित उपयोग कर समग्र स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है। इससे दवाओं पर होने वाले खर्च और उनके दुष्प्रभावों से भी राहत मिल सकती है।
डॉ. रेणुका मित्तल ने गर्भाशय के स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि गर्भधारण से पूर्व माता के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि माता-पिता के सकारात्मक संकल्प, पारिवारिक सामंजस्य और बाहरी वातावरण का प्रभाव बच्चों के समग्र विकास पर पड़ता है।
डॉ. अन्विता गर्ग ने अपने विचार रखते हुए कहा कि ध्यान, योग और सकारात्मक सोच अपनाने से समाज की आधी बीमारियाँ स्वतः समाप्त हो सकती हैं। समारोह में सामूहिक ध्यान के आयोजन ने उपस्थित लोगों को मानसिक शांति प्रदान की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को भावपूर्ण बना दिया। कविता कुलश्रेष्ठ, पंडित मोहित सक्सेना, सुप्रसिद्ध संगीतज्ञ आंश्वना सक्सैना और पूजा तोमर द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पावनी शर्मा की नृत्य प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. योगिता शर्मा ने आभार व्यक्त किया। साहित्यकार अशोक अश्रु ने संचालन किया। इस अवसर पर सुषमा अग्रवाल, डॉ. पार्थ गर्ग, मानसी, डॉ. रमेश आनंद, जाग्रति, बुशरा, सचिन गोयल और योगेश सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
