आगरा। स्मार्ट सिटी, चंद्रयान-3, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोड सेफ्टी जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने विज्ञान और तकनीक के मॉडल तैयार कर अपनी प्रतिभा दिखाई। बुधवार को एमडी जैन इंटर कॉलेज, हरीपर्वत में आयोजित जनपद स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता में 67 विद्यालयों के 214 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता से चयनित 15 उत्कृष्ट मॉडल मंडल स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में शामिल होंगे।

कार्यक्रम में पहुंचने पर जिलाधिकारी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें एस्कॉर्ट किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मल्लखंभ विद्या का प्रदर्शन भी किया। जिलाधिकारी ने तालियां बजाकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्मार्ट सिटी, चंद्रयान-3, मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम, होलोग्राम 3डी, ऑटोमेटिक ब्रिज, रोड सेफ्टी, ब्लाइंड स्टिक, स्मार्ट क्लीन टॉयलेट सिस्टम, मेडिसिन रिमाइंडर बॉक्स और कचरा प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने विज्ञान और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करने का प्रयास किया।

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने विद्यार्थियों के मॉडलों का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से मॉडल की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और तकनीकी विशेषताओं के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों के काम करने के तरीके और उनकी उपयोगिता के बारे में बताया। जिलाधिकारी ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए नए प्रयोग और नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से कहा कि विज्ञान में नई खोजों का आधार जिज्ञासा और सवाल पूछने की प्रवृत्ति है। विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विषयों के मूलभूत सिद्धांतों को समझकर प्रयोग करने चाहिए। अपनी कल्पनाओं को प्रयोगों के माध्यम से साकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आसपास की समस्याओं को पहचानकर विज्ञान और तकनीक के माध्यम से उनके समाधान तलाशने की आदत विकसित करनी चाहिए।

उन्होंने नदी प्रदूषण, वायु प्रदूषण और कूड़ा निस्तारण जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को इन विषयों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विचार करने और शोध करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीकी उपकरणों का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। अपनी जिज्ञासा को केवल किताबों तक सीमित न रखें। दूसरे विद्यार्थियों के मॉडलों को देखकर उनसे सीखें और अपने विचारों को जोड़कर उनमें और सुधार करें।

प्रतियोगिता में छात्राओं की बड़ी संख्या में सहभागिता पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की सक्रिय भागीदारी महिला सशक्तीकरण और शिक्षा के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि विद्यार्थी विज्ञान के प्रति रुचि, जिज्ञासा और नवाचार के माध्यम से अपने विद्यालय, माता-पिता और जनपद का नाम रोशन करेंगे।

जिला विज्ञान क्लब के जिला समन्वयक डॉ. निखिल जैन ने बताया कि प्रतियोगिता में जनपद के 67 विद्यालयों के 214 विद्यार्थियों ने अपने विज्ञान मॉडलों का प्रदर्शन किया। इनमें से 15 उत्कृष्ट मॉडलों का चयन मंडल स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी के लिए किया जाएगा। मंडल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 5000 रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 3000 रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 2000 रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अलावा दो विद्यार्थियों को 1000-1000 रुपये के सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र पाल सिंह तोमर, विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. संजय गर्ग, डॉ. रीनेश मित्तल, डॉ. रामनाथ गौतम, डॉ. प्रभात किरन वार्ष्णेय, डॉ. रामवीर सिंह चौहान, डॉ. राखी गुप्ता सहित निर्णायक मंडल के सदस्य और शिक्षक मौजूद रहे।
