मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप के निर्देश
सर्दियों में एक्सप्रेसवे पर घटेगी वाहनों की गति सीमा
फिरोजाबाद में बढ़ीं सड़क दुर्घटनाएं और मृतकों की संख्या
आगरा। एक साल में पांच से ज्यादा चालान होने पर वाहन स्वामियों को नोटिस देकर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। कई बैटरी चालित ऑटो और रिक्शा खरीदकर उन्हें अलग-अलग मार्गों पर किराये पर चलाने वाले वाहन स्वामियों को भी जवाब देना होगा।
बिना वैध लाइसेंस चालक से वाहन चलवाने पर वाहन स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्ययोजना तैयार होगी। वहीं, सर्दियों में यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा कम करने के साथ सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाए जाएंगे।https://todaynewstrack.com/2026/10/agra-up-news-driving-license-suspension-five-challans-e-rickshaw-owners-fir/
शुक्रवार को मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और संबंधित विभागों की ओर से यातायात नियमों के उल्लंघन, सड़क दुर्घटनाओं, एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुधार कार्यों की समीक्षा की गई।

हेलमेट और मोबाइल के चालान घटे, सीटबेल्ट के बढ़े
परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा हेलमेट, सीटबेल्ट, मोबाइल फोन/ईयरफोन का प्रयोग, गलत दिशा में वाहन चलाना, नशे की हालत में वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग और स्टंटिंग के विरुद्ध की गई प्रवर्तन कार्रवाई की तुलनात्मक समीक्षा की गई।
समीक्षा में सामने आया कि हेलमेट, मोबाइल फोन और नशे की हालत में वाहन चलाने के विरुद्ध अभियान में वर्ष 2024-25 की अपेक्षा वर्ष 2025-26 में आगरा और फिरोजाबाद में चालानों की संख्या में कमी हुई है। जबकि सीटबेल्ट नहीं लगाने और गलत दिशा में वाहन चलाने के मामलों में चालानों की संख्या बढ़ी है।

मंडल में छह महीने में 520 लाइसेंस निलंबित
विभिन्न यातायात अपराधों में किए गए लाइसेंस निलंबन की समीक्षा में बताया गया कि मंडल में अप्रैल से सितंबर तक कुल 520 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि विगत एक वर्ष में जिन वाहन स्वामियों के पांच से ज्यादा चालान हो चुके हैं, उन्हें नोटिस देकर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाए।
मथुरा जनपद में लाइसेंस निलंबन की कम कार्रवाई पर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कई बैटरी ऑटो खरीदकर किराये पर चलाने वालों पर कार्रवाई
तेजी से बढ़ रहे बैटरी चालित ऑटो और रिक्शा के कारण लगने वाले जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय ने ऐसे वाहन स्वामियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए, जो कई बैटरी चालित ऑटो और रिक्शा खरीदकर उन्हें विभिन्न मार्गों पर किराये पर चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केवल वैध लाइसेंस वाले चालक ही बैटरी चालित ऑटो और रिक्शा चलाएं। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। इस कार्ययोजना के तहत की जाने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा गया।
फिरोजाबाद में बढ़ीं सड़क दुर्घटनाएं और मृतकों की संख्या
बैठक में मंडल के चारों जनपदों की सड़क दुर्घटनाओं की अद्यतन तुलनात्मक समीक्षा की गई। इसमें सामने आया कि विगत वर्ष की अपेक्षा वर्ष 2026 में सितंबर तक फिरोजाबाद जनपद में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें मृतकों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस पर फिरोजाबाद की सड़क सुरक्षा समिति को दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने यातायात नियमों और वाहन चलाते समय दुर्घटनाओं की आशंकाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाने को कहा। मुख्य मार्गों पर पशुओं के आने से बचाव के लिए सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगाए जाने के संबंध में संबंधित विभाग से पत्राचार करने के निर्देश दिए।
सर्दियों में एक्सप्रेसवे पर घटेगी वाहनों की गति सीमा
शीत ऋतु के आगमन के साथ यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यीडा और यूपीडा को सुरक्षात्मक एवं सुधारात्मक कार्य कराने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने कहा कि शीत ऋतु में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा कम की जाए और इसके लिए साइन बोर्ड लगाए जाएं। एक्सप्रेसवे के किनारे लगे पेड़ों की छंटाई कराई जाए, जिससे सभी साइन बोर्ड स्पष्ट दिखाई दें। सफेद और पीली रोड मार्किंग कराई जाए। एंबुलेंस और क्रेन की संख्या बढ़ाई जाए तथा ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्य किए जाएं।
मथुरा जनपद के अंतर्गत बाद-बरेली एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए। आगरा मंडल में नेशनल हाईवे पर प्रति किलोमीटर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
फायर टेंडर वाहनों का सर्वे कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि प्रत्येक टोल प्लाजा पर पूर्ण आधुनिक संसाधनों से युक्त फायर टेंडर वाहन तैनात रहें।
हर सड़क दुर्घटना का ब्योरा गूगल शीट पर होगा दर्ज
जनपदों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का विवरण गूगल शीट पर उपलब्ध कराने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग को आपसी समन्वय से डाटा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। आई-रेड एप में मंडल में होने वाली प्रत्येक दुर्घटना की फीडिंग और डाटा में अंतर को दूर करने को कहा गया।
हिट एंड रन मोटर दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा देने की योजना की समीक्षा में सामने आया कि फिरोजाबाद और मैनपुरी में कोई भी प्रकरण सामने नहीं आया है। इस पर संबंधित योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
कैशलेस योजना की समीक्षा में आगरा और मैनपुरी में कैशलेस अस्पतालों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम करने को कहा गया। प्रत्येक जिले के मुख्य मार्गों पर अस्पतालों का चयन सुनिश्चित करने और चयनित अस्पतालों की सूची संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाने अथवा चौकी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
स्कूल वाहनों और चालकों के दस्तावेजों की होगी जांच
स्कूल वाहनों की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की गई। बताया गया कि प्रत्येक जनपद में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन किया गया है। यह समिति स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन के लिए सभी संबंधित वाहनों और उनके चालकों के प्रपत्रों की जांच करेगी। साथ ही वाहनों की तकनीकी दशा का भी ध्यान रखेगी।
स्कूलों में इस समिति की बैठक कराने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी की है। मंडलायुक्त ने जारी निर्देशों के अनुपालन की आख्या और समिति की बैठकों की कार्यवृत्त का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
टोल प्लाजा से ओवरस्पीड और ओवरलोड वाहनों का डाटा नहीं मिल रहा
वे-इन-मोशन ब्रिज और टोल प्लाजा से होकर गुजरने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा में पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि आगरा के जाजऊ और कौरई टोल प्लाजा तथा मथुरा के टोल प्लाजा पर ओवरस्पीड और ओवरलोड वाहनों का डाटा प्राप्त नहीं हो रहा है।
उन्होंने ट्रांसपोर्टरों के ओवरलोड वाहनों और अवैध खनन करने वाले वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। सभी टोल प्लाजा पर एंबुलेंस और क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मंडल के चारों जिलों में 134 ब्लैक स्पॉट चिह्नित
ब्लैक स्पॉट की समीक्षा में बताया गया कि मंडल के चारों जनपदों में कुल 134 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इनके सुधार के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की गई है। संबंधित विभागों की ओर से सड़क सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करने का काम किया जा रहा है।
मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि ब्लैक स्पॉट पर चल रहे अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार कार्यों की प्रगति टाइमलाइन के साथ प्रस्तुत की जाए।
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आगरा में नौ महीने में 560 लोगों की सड़क हादसों में मौत, पिछले साल से पांच अधिक; 967 दुर्घटनाएं दर्ज
सितंबर में बढ़े हादसे और मौत के आंकड़े, मंडल के चार जिलों में जनवरी से सितंबर तक 1618 लोगों ने गंवाई जान; आगरा में 1345 स्कूली वाहन, 76 के परमिट और 69 की फिटनेस अवधि समाप्त
आगरा। शहर और जिले में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा कम होने के बावजूद हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ी है। जनवरी से सितंबर 2026 तक आगरा जिले में 967 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 560 लोगों की मौत हुई और 803 लोग घायल हुए। पिछले साल इसी अवधि में 1080 दुर्घटनाओं में 555 लोगों की मौत हुई थी। यानी दुर्घटनाओं की संख्या 113 कम हुई, लेकिन मृतकों की संख्या पांच बढ़ गई।
30 अक्टूबर को होने वाली मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के लिए तैयार एजेंडा बुकलेट में ये आंकड़े सामने आए हैं। इसमें आगरा मंडल के चार जिलों आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा में सड़क दुर्घटनाओं, यातायात नियमों के उल्लंघन, स्कूली वाहनों, एंबुलेंस और ब्लैक स्पॉट की स्थिति का तुलनात्मक विवरण दिया गया है।
सितंबर में आगरा में 73 लोगों की मौत
सितंबर महीने के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। आगरा जिले में सितंबर 2025 में 98 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि सितंबर 2026 में यह संख्या बढ़कर 133 हो गई। दुर्घटनाओं में 35.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसी अवधि में मृतकों की संख्या 42 से बढ़कर 73 पहुंच गई। यह 73.8 प्रतिशत की वृद्धि है। घायलों की संख्या भी 93 से बढ़कर 103 हो गई।
चार जिलों में 1618 लोगों की मौत
आगरा मंडल के चारों जिलों में जनवरी से सितंबर 2026 के बीच कुल 2903 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। पिछले साल इसी अवधि में 2952 दुर्घटनाएं हुई थीं। इस तरह दुर्घटनाओं में 49 की कमी आई है।
हालांकि, मृतकों की संख्या 1625 से घटकर 1618 हुई है। इसमें केवल सात की कमी दर्ज की गई। वहीं घायलों की संख्या 2394 से बढ़कर 2449 हो गई।
जनवरी से सितंबर तक सड़क दुर्घटनाओं का तुलनात्मक विवरण
| जिला | दुर्घटनाएं 2025 | दुर्घटनाएं 2026 | मृतक 2025 | मृतक 2026 | घायल 2025 | घायल 2026 |
| आगरा | 1080 | 967 | 555 | 560 | 968 | 803 |
| फिरोजाबाद | 496 | 513 | 259 | 296 | 362 | 371 |
| मैनपुरी | 481 | 473 | 294 | 238 | 358 | 376 |
| मथुरा | 895 | 950 | 517 | 524 | 706 | 899 |
| कुल | 2952 | 2903 | 1625 | 1618 | 2394 | 2449 |
आंकड़ों के मुताबिक, फिरोजाबाद में दुर्घटनाओं के साथ मृतकों की संख्या भी बढ़ी है। मथुरा में दुर्घटनाएं 55 और मृतकों की संख्या सात बढ़ी। मैनपुरी में मृतकों की संख्या में 56 की कमी दर्ज की गई।

