सतर्कता जागरूकता सप्ताह में भ्रष्टाचार निवारण कानून और अभियोजन पर व्याख्यान
सत्यनिष्ठा एवं नैतिकता पर भी हुआ सत्र; पोस्टर, निबंध, स्लोगन और भाषण प्रतियोगिताओं के विजेताओं को एमडी ने किया सम्मानित
आगरा। सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) की ओर से सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। 26 अक्टूबर से एक नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में अधिकारियों और कर्मचारियों को भ्रष्टाचार निवारण कानून, अभियोजन की प्रक्रिया, नैतिक मूल्यों और सत्यनिष्ठा की जानकारी दी जा रही है।
इसके तहत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के वरिष्ठ लोक अभियोजक का व्याख्यान हुआ, जिसमें आगरा और कानपुर परियोजना कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी ऑनलाइन शामिल हुए। इसके अलावा भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी ने सत्यनिष्ठा और नैतिकता पर व्याख्यान दिया। https://todaynewstrack.com/2026/10/up-metro-agra-vigilance-awareness-corruption-prevention-program-2026/
सप्ताह के दौरान आगरा, कानपुर और लखनऊ परियोजनाओं में पोस्टर, निबंध, स्लोगन लेखन और भाषण प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। इनका समापन लखनऊ के प्रशासनिक भवन में हुआ, जहां विजेताओं को एमडी सुशील कुमार ने सम्मानित किया।

यूपीएमआरसी की ओर से सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 का आयोजन संगठन में ईमानदारी और पारदर्शिता की कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस पहल के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्यक्षेत्र से जुड़े नियमों, कानूनी प्रावधानों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति को बढ़ावा देने के साथ सरकारी कार्यों में जवाबदेही की भावना को मजबूत करना है।
सप्ताह के पहले दिन भ्रष्टाचार निवारण कानून एवं अभियोजन विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), लखनऊ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के वरिष्ठ लोक अभियोजक डॉ. लाल चंद पाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया।
इस सत्र में लखनऊ के साथ कानपुर और आगरा परियोजना कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। व्याख्यान में भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में लागू कानूनी प्रावधानों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई।
डॉ. लाल चंद पाल ने भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत आने वाले प्रावधानों के साथ अभियोजन की प्रक्रिया के बारे में भी बताया। अधिकारियों और कर्मचारियों को समझाया गया कि सरकारी दायित्वों का निर्वहन करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है। http://up-metro-agra-anti-corruption-awareness-week-2026
किसी भी आधिकारिक कार्य में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने और निर्णय लेते समय पारदर्शिता बनाए रखने का महत्व भी बताया गया। व्याख्यान में जवाबदेह कार्यप्रणाली अपनाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हो और प्रत्येक कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए काम करे।
इसके बाद दूसरे दिन भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी मिस नेहा लाल ने सत्यनिष्ठा एवं एथिक्स विषय पर व्याख्यान दिया। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यस्थल पर नैतिक आचरण, ईमानदारी और जिम्मेदारी के महत्व से परिचित कराया गया।

सरकारी सेवा में पद के साथ मिलने वाली जिम्मेदारियों का निर्वहन किस तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए, इस विषय पर जानकारी दी गई। सतर्कता सप्ताह के दौरान इस तरह के सत्रों का उद्देश्य कर्मचारियों को केवल नियमों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कामकाज में उनका पालन करने के लिए प्रेरित करना भी है।
आगरा, कानपुर और लखनऊ परियोजनाओं में कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इनमें पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन, स्लोगन राइटिंग और भाषण प्रतियोगिता शामिल रहीं। इन गतिविधियों के माध्यम से सतर्कता, ईमानदारी और भ्रष्टाचार की रोकथाम जैसे विषयों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।
तीनों परियोजनाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं का समापन लखनऊ स्थित प्रशासनिक भवन में हुआ।
समापन कार्यक्रम में यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने प्रतियोगिताओं के विजेता अधिकारियों को सम्मानित किया। पोस्टर, निबंध, स्लोगन लेखन और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से सामने आई प्रस्तुतियों को सतर्कता जागरूकता सप्ताह की गतिविधियों का हिस्सा बनाया गया। इस आयोजन में आगरा परियोजना के अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी भी रही।
यूपीएमआरसी का कहना है कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह के माध्यम से संगठन में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए केवल नियम और कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनका पालन करने की जिम्मेदारी प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की भी है। इसी सोच के तहत कर्मचारियों को कानूनी जानकारी देने के साथ नैतिक आचरण और सत्यनिष्ठा से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया जा रहा है।
सप्ताह भर चलने वाली इन गतिविधियों का उद्देश्य संगठन के सभी स्तरों पर सतर्कता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यूपीएमआरसी के अनुसार, भ्रष्टाचार की रोकथाम, नैतिक आचरण को प्रोत्साहन और सुशासन सुनिश्चित करने में प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। सामूहिक जिम्मेदारी और नियमों के पालन से ही कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकता है।
