सपा के आकाश अग्रवाल ने भाजपा के हरिकिशोर तिवारी को हराया
भाजपा के मानवेंद्र प्रताप सिंह स्नातक सीट से जीते; रात डेढ़ बजे दोनों पक्षों में हुआ टकराव
आगरा। आगरा खंड शिक्षक विधान परिषद सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के हरिकिशोर तिवारी को पराजित किया। इससे पहले 2020 में आकाश अग्रवाल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते थे। वहीं, आगरा खंड स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत हासिल की।
शिक्षक सीट की मतगणना करीब 25 घंटे तक चली। इस दौरान रात करीब डेढ़ बजे सपा और भाजपा प्रत्याशियों के बीच विवाद हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट करने और कुर्ता फाड़ने के आरोप लगाए। शिक्षक सीट पर जीत के बाद आकाश अग्रवाल को रिटर्निंग अधिकारी एवं मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने प्रमाण पत्र दिया। उधर, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने विजयी प्रत्याशियों से विजय जुलूस नहीं निकालने की अपील की।https://todaynewstrack.com/2026/10/agra-mlc-election-results-2026-akash-agrawal-bjp-graduate-seat/
दूसरी बार शिक्षक एमएलसी बने आकाश अग्रवाल
शिक्षक सीट पर जीत दर्ज करने वाले डॉ. आकाश अग्रवाल इस बार समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी थे। इससे पहले 2020 के चुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरकर भाजपा के डॉ. दिनेश चंद्र वशिष्ठ को हराया था। इस बार उनका मुकाबला भाजपा के हरिकिशोर तिवारी से था।
28 अक्टूबर को मतगणना पूरी होने के बाद आकाश अग्रवाल को विजयी घोषित किया गया। रिटर्निंग अधिकारी एवं मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा। इसके साथ ही वह लगातार दूसरी बार शिक्षक एमएलसी बने।
जीत के बाद आकाश अग्रवाल ने इसे शिक्षक समाज के विश्वास, एकजुटता और संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने वित्तविहीन शिक्षक साथियों, मतदाताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। कहा कि यह जीत उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता होगी। विधान परिषद में शिक्षकों की आवाज मजबूती से उठाई जाएगी और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के मार्गदर्शन और विश्वास के लिए भी आभार व्यक्त किया। आकाश अग्रवाल ने कहा, ‘आपका विश्वास, मेरी जिम्मेदारी।’ उन्होंने शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
2020 में दूसरी वरीयता के मतों से जीते थे आकाश
पिछले चुनाव में भी शिक्षक सीट पर मुकाबला दिलचस्प रहा था। वर्ष 2020 में निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा के डॉ. दिनेश चंद्र वशिष्ठ को दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद 2,376 मतों से हराया था।
उस चुनाव में आकाश अग्रवाल को कुल 6,690 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी डॉ. दिनेश चंद्र वशिष्ठ को 4,314 मत प्राप्त हुए थे। पहली वरीयता के मतों की गिनती में किसी भी प्रत्याशी को जीत के लिए जरूरी मत नहीं मिले थे। इसके बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती कराई गई।
पहली वरीयता में आकाश अग्रवाल को 5,798 और दूसरी वरीयता में 892 मत मिले थे। वहीं, डॉ. दिनेश चंद्र वशिष्ठ को पहली वरीयता में 2,718 और दूसरी वरीयता में 962 मत प्राप्त हुए थे। दूसरी वरीयता की गिनती के बाद आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की थी।
मतगणना के दौरान दोनों पक्षों ने लगाए मारपीट के आरोप
शिक्षक सीट की मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल और भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट करने और कुर्ता फाड़ने के आरोप लगाए। विवाद के चलते मतगणना स्थल पर तनाव की स्थिति बनी और कुछ समय के लिए मतगणना प्रभावित होने की खबर सामने आई।
सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और कुर्ता फाड़ दिया। घटना के बाद सपा समर्थक धरने पर बैठ गए। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी ने भी सपा समर्थकों पर अभद्रता, मारपीट और कुर्ता फाड़ने का आरोप लगाया। वह भी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
मतगणना स्थल पर दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आकाश अग्रवाल ने खुद अपना कुर्ता फाड़ा था। वहीं, आकाश अग्रवाल ने अपने साथ मारपीट किए जाने का दावा किया। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने का प्रयास किया।
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मारपीट करने के आरोप लगा रहे हैं। मतगणना के दौरान हुए इस विवाद को लेकर दोनों ओर से अलग-अलग दावे किए गए। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं है।
रात डेढ़ बजे हुआ टकराव
मतगणना के दौरान रात करीब डेढ़ बजे दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी। सपा प्रत्याशी ने भाजपा समर्थकों पर हमला करने और कुर्ता फाड़ने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा प्रत्याशी ने सपा समर्थकों पर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया।
विवाद के कारण मतगणना स्थल पर माहौल गर्मा गया। दोनों प्रत्याशियों के समर्थक धरने पर बैठ गए। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस घटनाक्रम के बीच मतगणना कुछ समय प्रभावित होने की खबर भी सामने आई।
स्नातक सीट पर भाजपा के मानवेंद्र प्रताप सिंह जीते
आगरा खंड स्नातक विधान परिषद सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की। मतगणना के दौरान जारी पांचवें राउंड के आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 31,393 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी शशांक यादव को 22,537 मत प्राप्त हुए थे। इन आंकड़ों के आधार पर दोनों के बीच 8,856 मतों का अंतर था।
स्नातक सीट पर मतगणना के अलग-अलग चरणों में आंकड़े जारी किए गए थे। पांचवें राउंड के आंकड़ों को अंतिम मतगणना परिणाम से अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध विवरण में डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह की जीत की पुष्टि है, लेकिन अंतिम मतों का पूरा आंकड़ा नहीं दिया गया है।
तीन बूथों पर कराया गया था पुनर्मतदान
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन बूथों पर गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान कराया गया था। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना शुरू हुई। शिक्षक सीट की मतगणना करीब 25 घंटे तक चली और 28 अक्टूबर को परिणाम सामने आया।http://agra-mlc-election-2026-teacher-graduate-seat-results
आगरा खंड में कुल 12 जिले शामिल हैं। चुनाव में स्नातक सीट पर 13 प्रत्याशी और शिक्षक सीट पर 12 प्रत्याशी मैदान में थे। दोनों सीटों के लिए मतगणना के दौरान प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजर परिणाम पर बनी रही।
विजयी प्रत्याशी विजय जुलूस न निकालें: पुलिस कमिश्नर
मतगणना पूरी होने के बाद पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने विजयी प्रत्याशियों से विजय जुलूस नहीं निकालने की अपील की। मतगणना स्थल पर दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बाद पुलिस की ओर से यह अपील की गई।
शिक्षक सीट पर आकाश अग्रवाल की जीत के साथ ही उनका लगातार दूसरी बार विधान परिषद पहुंचना तय हुआ। वहीं, स्नातक सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की। शिक्षक सीट की मतगणना के दौरान हुए विवाद और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप भी चुनाव परिणाम के साथ चर्चा में रहे।
