आगरा। आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव में मतदान के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल कैमरे के सामने बातचीत करते-करते फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने मतदान में गड़बड़ी, बूथ कैप्चरिंग और पुलिस-प्रशासन पर अपने समर्थकों को परेशान करने के आरोप लगाए।
शिकायत लेकर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप से मिलने पहुंचे आकाश अग्रवाल ने कहा कि उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो रही है। भावुक होकर उन्होंने अगले महीने लखनऊ की शाही ईदगाह जाकर इस्लाम कबूल करने की बात भी कही। 2020 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में शिक्षक एमएलसी का चुनाव जीत चुके आकाश अग्रवाल इस बार सपा के टिकट पर मैदान में हैं।https://todaynewstrack.com/2026/10/up-mlc-election-2026-sp-candidate-akash-agarwal-breaks-down-religious-conversion/
शिकायत सुनाते हुए कैमरे पर रो पड़े आकाश अग्रवाल
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर मतदान हुआ। इसी दौरान आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वह मतदान में गड़बड़ी की शिकायत लेकर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप से मिलने पहुंचे थे। इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए और रोने लगे।
आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों, शिक्षक साथियों और स्कूल प्रबंधकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से उनके कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की जा रही है और शिकायत करने के बाद भी उनकी बात नहीं सुनी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव में हार या जीत की चिंता नहीं है। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर है कि चुनाव लड़ने के कारण उनके साथ जुड़े लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बोले- अगले महीने शाही ईदगाह जाकर इस्लाम कबूल करूंगा
मीडिया से बातचीत के दौरान आकाश अग्रवाल ने कहा कि वह आजाद भारत में रह रहे हैं, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसे वह पाकिस्तान से आए कोई आतंकवादी हों। उन्होंने कहा कि वह इस तरह के व्यवहार से परेशान हैं।
आकाश अग्रवाल ने कहा, “ऐसा लग रहा है कि मैं पाकिस्तान से आया कोई आतंकवादी हूं। मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं ऐसे सनातन में नहीं रहना चाहता हूं। अगले महीने लखनऊ की शाही ईदगाह जाकर इस्लाम कबूल कर लूंगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि किस राजनीतिक दल से चुनाव लड़ना है, यह उनका अपना फैसला है। उनके अनुसार, चुनाव लड़ने के कारण उनके और उनसे जुड़े स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता कि चुनाव लड़ने पर उनके साथियों को इतनी परेशानी होगी, तो वह चुनाव नहीं लड़ते।
उनके इस बयान के बाद चुनाव के दौरान हुई बातचीत चर्चा में आ गई। हालांकि, धर्म परिवर्तन करने की बात उन्होंने भावुक होकर कही थी। इसे उनके वास्तविक धर्म परिवर्तन की पुष्टि नहीं माना जा सकता।
खेरागढ़ और छाता में बूथ कैप्चरिंग का आरोप
आकाश अग्रवाल ने मतदान के दौरान खेरागढ़ और छाता के कुछ बूथों पर गड़बड़ी होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि खेरागढ़ के बूथ संख्या 20 पर पीठासीन अधिकारी के खाना खाने के दौरान मतदाताओं को बाहर निकाल दिया गया और कमरा बंद कर लिया गया।
उन्होंने छाता के बूथ संख्या 40 पर भी बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया। इसके अलावा, उन्होंने एक अन्य बूथ पर भाजपा प्रत्याशी की ओर से बूथ कैप्चरिंग की कोशिश किए जाने का दावा किया। आकाश अग्रवाल के मुताबिक, उन्होंने कथित गड़बड़ी से संबंधित वीडियो मंडलायुक्त को भेजा था।
इन आरोपों के संबंध में प्रशासन की ओर से स्वतंत्र पुष्टि या विस्तृत आधिकारिक जवाब उपलब्ध नहीं है। इसलिए बूथ कैप्चरिंग और मतदान में गड़बड़ी से संबंधित दावों को प्रत्याशी के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
बोले- मुझे आजीवन कारावास दे दें, लेकिन परिवार को परेशान न करें
भावुक होकर आकाश अग्रवाल ने कहा कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज दे, लेकिन उनके परिवार, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधकों को परेशान करना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें एमएलसी बनने का कोई लालच नहीं है।
उनका आरोप था कि 12 जिलों में उनके शिक्षक साथियों और स्कूल प्रबंधकों को परेशान किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनके कारण 100 से अधिक स्कूलों में पुलिस पहुंची। उन्होंने अधिकारियों पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया।
आकाश अग्रवाल ने कहा कि वह पहले भी शिक्षकों के साथ खड़े थे और आगे भी उनके साथ रहेंगे। उनके मुताबिक, शिक्षकों के मानदेय, कैशलेस इलाज और पुरानी पेंशन बहाली जैसे मुद्दे उनके लिए महत्वपूर्ण हैं।
2020 में निर्दलीय चुनाव जीतकर बने थे शिक्षक एमएलसी
डॉ. आकाश अग्रवाल का राजनीतिक सफर वर्ष 2020 के शिक्षक एमएलसी चुनाव से प्रमुखता से सामने आया। उस समय उन्होंने आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी दिनेश चंद्र वशिष्ठ और लंबे समय से शिक्षक राजनीति में सक्रिय जगवीर किशोर जैन को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की थी।
चुनावी रिपोर्टों के अनुसार, आकाश अग्रवाल को 6,690 मत मिले थे। भाजपा प्रत्याशी दिनेश चंद्र वशिष्ठ को 4,314 मत प्राप्त हुए थे। इस तरह आकाश अग्रवाल ने 2,376 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। जगवीर किशोर जैन 2,953 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि आगरा खंड शिक्षक सीट पर जगवीर किशोर जैन लंबे समय से प्रभावशाली शिक्षक नेता के रूप में सक्रिय थे। आकाश अग्रवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीतकर शिक्षक राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
वित्तविहीन शिक्षकों के मुद्दों को लेकर रहे सक्रिय
2020 में चुनाव जीतने के बाद आकाश अग्रवाल ने वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की बात कही थी। इनमें शिक्षकों को मानदेय दिलाने, उन्हें पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा दिलाने और सरकारी व गैर सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
2026 के चुनाव से पहले भी उन्होंने वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और पुरानी पेंशन बहाली जैसे विषयों को उठाया। सपा में शामिल होने के बाद उन्होंने इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई थी। उनका कहना था कि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर उठाने और उनके समाधान की जरूरत है।
भाजपा से टिकट की उम्मीद टूटी तो सपा में हुए शामिल
वर्ष 2026 के एमएलसी चुनाव में आकाश अग्रवाल भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, भाजपा ने आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से हरिकिशोर तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया। इसके बाद आकाश अग्रवाल समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।
सपा ने उन्हें आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया। इससे पहले पार्टी ने इस सीट पर प्रकाश चंद्र गुप्ता को प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन बाद में आकाश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया गया। उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया।
क्या है आकाश अग्रवाल की शैक्षणिक योग्यता?
चुनावी हलफनामे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डॉ. आकाश अग्रवाल ने वर्ष 2003 में जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ से एमएससी (कॉमर्स) की डिग्री हासिल की। उन्होंने वर्ष 2006 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2011 में सिंघानिया विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, वर्ष 2020 के चुनाव के समय उनकी उम्र 37 वर्ष दर्ज थी। उस समय के हलफनामे में उनकी कुल संपत्ति लगभग 2.79 करोड़ रुपये और देनदारियां लगभग 36.75 लाख रुपये बताई गई थीं। ये आंकड़े 2020 के चुनावी रिकॉर्ड पर आधारित हैं, इन्हें 2026 की वर्तमान संपत्ति का विवरण नहीं माना जाना चाहिए।
पहली बार नहीं, 2020 में भी शिक्षक एमएलसी का चुनाव जीता
आकाश अग्रवाल के राजनीतिक रिकॉर्ड में अब तक उपलब्ध प्रमुख जीत वर्ष 2020 के आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव की है। वह विधानसभा के विधायक नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। उनका कार्यकाल एक दिसंबर 2020 से 30 नवंबर 2026 तक दर्ज है।
23 अक्टूबर 2026 को उन्होंने इसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ा। मतदान के दिन उनके द्वारा लगाए गए गड़बड़ी के आरोप और कैमरे के सामने भावुक होकर धर्म परिवर्तन की बात कहने का बयान चर्चा में रहा। अब चुनावी आरोपों पर प्रशासन का पक्ष और निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित आधिकारिक तथ्य सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आगरा खंड स्नातक में 45.95 और शिक्षक निर्वाचन में 56.28 प्रतिशत मतदान
आगरा। आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के तहत जनपद में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। स्नातक निर्वाचन में 45.95 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन में 56.28 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने विभिन्न मतदान केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मतदाताओं से संवाद कर उन्हें मतदान के लिए प्रेरित किया।
मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे से शुरू हुई प्रक्रिया
जनपद के सभी मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। मतदान को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गई थीं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ अन्य जरूरी इंतजामों की निगरानी भी की गई।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने मतदान के दौरान विभिन्न मतदेय स्थलों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कलेक्ट्रेट, राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) और रत्न मुनि जैन इंटर कॉलेज सहित अन्य मतदान केंद्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने मतदान प्रक्रिया की जानकारी ली और वहां मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मतदान केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों का भी जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने भ्रमण के दौरान मतदान केंद्रों पर पहुंचे मतदाताओं से संवाद किया। उन्होंने मतदाताओं से निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने मतदान प्रक्रिया के दौरान व्यवस्थाओं को देखा और निर्वाचन से संबंधित कार्यों की जानकारी ली।
शिक्षक निर्वाचन में अधिक रहा मतदान प्रतिशत
आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के तहत जनपद में दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अलग-अलग रहा। स्नातक निर्वाचन में 45.95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि शिक्षक निर्वाचन में 56.28 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन में मतदान का प्रतिशत स्नातक निर्वाचन की तुलना में अधिक रहा। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मतदान कर्मियों और अधिकारियों को दी बधाई
जनपद में निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष, शुचितापूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न होने पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मतदान कार्य में लगे सभी कार्मिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने में जुटे सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
जिलाधिकारी ने मतदान में भाग लेने वाले मतदाताओं के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सभी संबंधित कार्मिकों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जनपद में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के साथ आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के मतदान का कार्य पूरा हो गया।
