आगरा। ईदगाह-खेरिया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के नवनिर्माण के चलते वैकल्पिक मार्ग बनाए गए बारह खंभा रास्ते की समस्याएं तीन दिन बाद भी दूर नहीं हुईं। न सड़क से अतिक्रमण हटाया गया और न ही गड्ढे भरे गए। सड़क पर कीचड़ और धूल से राहगीरों के साथ स्थानीय लोग और दुकानदार परेशान हैं। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर मंगलवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।
अर्जुन नगर तिराहे पर धरना देकर प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया, काले झंडे लगाए और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने रुई की मंडी आरओबी का निर्माण चुनाव से पहले पूरा कराने, निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और दूसरी कंपनी से काम कराने की मांग उठाई।https://todaynewstrack.com/2026/10/agra-up-barah-khambha-road-encroachment-potholes-protest-arjun-nagar-tiraha/
आश्वासन के तीन दिन बाद भी नहीं बदले हालात
ईदगाह-खेरिया आरओबी के नवनिर्माण के चलते यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है। इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को सड़क पर गड्ढों, कीचड़, धूल और अतिक्रमण के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से तीन दिन में रास्ते की समस्याएं दूर कराने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद तय समय बीतने पर भी हालात में सुधार नहीं हुआ।

लोगों के मुताबिक, रास्ते पर अतिक्रमण के कारण सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो गई है। दुकानदारों ने दुकानों के आगे अतिक्रमण कर रखा है, जिससे वाहनों और राहगीरों को निकलने में दिक्कत होती है। सड़क पर मौजूद गड्ढों और कीचड़ से परेशानी और बढ़ जाती है। धूल के कारण भी लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग पर यातायात का दबाव होने के बावजूद सड़क की समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए हैं। उनका सवाल है कि जब प्रशासन ने तीन दिन में समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिया था, तो इसके बाद भी अतिक्रमण हटाने और गड्ढे भरने का काम क्यों नहीं हुआ।http://agra-up-barah-khambha-road-potholes-encroachment-protest
अर्जुन नगर तिराहे पर धरना, हनुमान चालीसा का पाठ
समस्याओं का समाधान नहीं होने पर मंगलवार को लोगों ने अर्जुन नगर तिराहे पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना विरोध जताया। इसके साथ ही काले झंडे लगाकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रास्ते की बदहाली से रोजाना गुजरने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क पर गड्ढे और कीचड़ होने के कारण आवागमन मुश्किल हो रहा है, जबकि अतिक्रमण से रास्ता संकरा हो गया है। उनका कहना है कि वैकल्पिक मार्ग को व्यवस्थित किए बिना लोगों को राहत मिलना मुश्किल है।
धरने के दौरान लोगों ने प्रशासन से रास्ते की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। उनका कहना था कि केवल आश्वासन देने से समस्या दूर नहीं होगी। अतिक्रमण हटाने, गड्ढे भरने और सड़क की स्थिति सुधारने के लिए मौके पर काम कराया जाना चाहिए।
पोस्टर लगाकर उठाई आरओबी निर्माण की मांग
प्रदर्शनकारियों ने अर्जुन नगर तिराहा, बारह खंभा, खेरिया मोड़ और अजीत नगर चौराहे पर पोस्टर लगाए। इन पोस्टरों के माध्यम से उन्होंने ‘पुल बनाओ, उल्लू न बनाओ’ का संदेश दिया। लोगों ने रुई की मंडी आरओबी का निर्माण चुनाव से पहले पूरा कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरओबी का निर्माण लंबे समय से अटका हुआ है। इसके कारण क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब वैकल्पिक मार्ग पर भी अतिक्रमण, गड्ढे और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। ऐसे में लोगों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लोगों ने मांग की कि आरओबी का निर्माण तय समय में पूरा कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिल सके। उनका कहना है कि निर्माण में देरी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए इस मामले में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
आठ साल में चार बार उद्घाटन, केवल चार पिलर बनने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरओबी निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आठ साल में चार बार उद्घाटन होने के बावजूद अब तक केवल चार पिलर ही बन पाए हैं। लोगों ने निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार उद्घाटन होने के बाद भी निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ा। इससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। उन्होंने मांग की कि मौजूदा निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर काम किसी दूसरी कंपनी को सौंपा जाए, ताकि आरओबी का निर्माण आगे बढ़ सके और लोगों को राहत मिले।
लोगों ने यह भी मांग उठाई कि निर्माण कार्य की प्रगति पर निगरानी रखी जाए और इसे चुनाव से पहले पूरा कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उनके मुताबिक, आरओबी का निर्माण पूरा होने से क्षेत्र में आवागमन की समस्या कम होगी और लोगों को वैकल्पिक मार्ग की बदहाली से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
दुकानों के आगे अतिक्रमण से रास्ता संकरा
बारह खंभा रास्ते पर दुकानों के आगे अतिक्रमण भी लोगों की परेशानी का प्रमुख कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकानदारों ने दुकानों के आगे सामान फैलाकर रास्ते को संकरा कर दिया है। इससे पहले से खराब सड़क पर आवागमन और कठिन हो गया है।http://agra-up-barah-khambha-road-potholes-protest-no-relief
गड्ढों और कीचड़ के बीच संकरे रास्ते से निकलने में राहगीरों को दिक्कत होती है। वहीं, धूल के कारण भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि अतिक्रमण हटाकर रास्ते को खुला कराया जाए और गड्ढों को भरकर सड़क की स्थिति सुधारी जाए।

लोगों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग पर यातायात सुचारु रखने के लिए सड़क की मरम्मत और अतिक्रमण हटाना जरूरी है। जब तक ये समस्याएं दूर नहीं होंगी, तब तक रास्ते से गुजरने वाले लोगों को परेशानी होती रहेगी।
समाधान नहीं होने पर फिर बढ़ सकता है विरोध
धरने में शामिल लोगों ने प्रशासन से जल्द समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। उनका कहना है कि तीन दिन में समस्याएं दूर कराने का आश्वासन मिलने के बाद भी कोई बदलाव नहीं दिखा। ऐसे में लोगों की नाराजगी बढ़ रही है।
प्रदर्शनकारियों ने बारह खंभा रास्ते से अतिक्रमण हटाने, गड्ढे भरने, कीचड़ और धूल की समस्या दूर करने तथा रुई की मंडी आरओबी का निर्माण चुनाव से पहले पूरा कराने की मांग दोहराई। उन्होंने निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दूसरी कंपनी से काम कराने की भी मांग की।
धरने में इंद्रपाल सिंह, दिग्विजय सिंह, जितेंद्र, लवानिया कन्हैया राय, राजेश यादव, ललित शर्मा, सोम चौधरी और विनोद कुमार मौजूद रहे।
