आगरा। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों और कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आगरा रेल मंडल में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण और विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। एक से 15 अक्टूबर 2026 तक मंडल में पेयजल के कुल 242 परीक्षण किए गए।
इनमें 214 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण और 28 बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण शामिल हैं। इससे पहले सितंबर में 427 पेयजल परीक्षण किए गए थे। अभियान के तहत पेयजल बूथों, वाटर कूलरों, वाटर वेंडिंग मशीनों, आरओ सिस्टम और पानी की टंकियों की जांच के साथ उनकी सफाई एवं कीटाणुशोधन पर ध्यान दिया जा रहा है।https://todaynewstrack.com/2026/10/agra-up-railway-station-drinking-water-quality-tests-242-october/
रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में यात्री पेयजल सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पानी की गुणवत्ता बनाए रखना यात्रियों के स्वास्थ्य से जुड़ा अहम विषय है। इसी को ध्यान में रखते हुए आगरा मंडल में जल गुणवत्ता की नियमित जांच की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्टेशन परिसरों में पेयजल उपलब्ध कराने वाले उपकरणों और पानी के भंडारण की जगहों की साफ-सफाई भी कराई जा रही है।

सितंबर में हुए 427 पेयजल परीक्षण
आगरा मंडल में सितंबर 2026 के दौरान पेयजल के कुल 427 परीक्षण किए गए। इसके बाद एक अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक 242 परीक्षण कराए गए। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में किए गए परीक्षणों में 214 अवशिष्ट क्लोरीन और 28 बैक्टीरियोलॉजिकल जांच शामिल हैं।
अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण के जरिए पानी में बचे क्लोरीन की मात्रा की जांच की जाती है। वहीं, बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण पानी में बैक्टीरिया की मौजूदगी का पता लगाने के लिए किया जाता है। इन दोनों प्रकार की जांच का उद्देश्य पेयजल की गुणवत्ता पर नजर रखना और पानी की स्वच्छता से जुड़ी कमियों का समय रहते पता लगाना है।http://agra-up-railway-drinking-water-quality-water-cooler-tank-cleaning
रेलवे परिसर में यात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। ट्रेनों की प्रतीक्षा करने वाले यात्री, स्टेशन पर आने-जाने वाले लोग और रेलवे कर्मचारी इन सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच और उपकरणों की साफ-सफाई जरूरी है।
वाटर कूलर और पानी की टंकियों की सफाई पर जोर
विशेष स्वच्छता अभियान के तहत पेयजल बूथों, वाटर कूलरों, वाटर वेंडिंग मशीनों, आरओ सिस्टम और पानी की टंकियों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इनकी सफाई और कीटाणुशोधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि पेयजल सुविधाओं को साफ-सुथरा रखा जा सके।
स्टेशनों पर लगे वाटर कूलर और पानी की टंकियां यात्रियों को पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी नियमित सफाई नहीं होने पर पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी तरह वाटर वेंडिंग मशीनों और आरओ सिस्टम का समुचित रखरखाव भी जरूरी है। अभियान के दौरान इन सभी सुविधाओं की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पेयजल बूथों की सफाई के साथ पानी उपलब्ध कराने वाले उपकरणों की जांच भी अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य केवल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता बनाए रखना भी है। नियमित निरीक्षण के जरिए सफाई और रखरखाव से जुड़ी कमियों को चिह्नित कर उन्हें दूर करने की व्यवस्था की जा रही है।
आगरा कैंट, आगरा फोर्ट और मथुरा स्टेशन पर निगरानी
आगरा मंडल के प्रमुख स्टेशनों में आगरा कैंट, आगरा फोर्ट और मथुरा सहित अन्य स्थानों पर पेयजल सुविधाओं के समुचित रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन स्टेशनों पर पेयजल से जुड़े उपकरणों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई एवं निरीक्षण कराया जा रहा है।
स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही के बीच पेयजल सुविधाओं का इस्तेमाल लगातार होता है। ऐसे में इन सुविधाओं की साफ-सफाई बनाए रखना और पानी की गुणवत्ता की जांच करना जरूरी है। अभियान के अंतर्गत संबंधित स्थानों पर पेयजल व्यवस्था की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को साफ पानी उपलब्ध कराने में कोई कमी न रहे।http://agra-up-railway-water-purity-testing-242-tests-15-days
रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की व्यवस्था केवल पानी के नल या वाटर कूलर तक सीमित नहीं है। पानी के भंडारण, वितरण और उसे उपलब्ध कराने वाले उपकरणों का रखरखाव भी इसमें शामिल है। इसी वजह से अभियान में पेयजल बूथों से लेकर पानी की टंकियों और आरओ सिस्टम तक को शामिल किया गया है।
20 अगस्त से चल रहा अभियान
आगरा मंडल में यह विशेष स्वच्छता अभियान 20 अगस्त 2026 से संचालित किया जा रहा है। अभियान की निगरानी स्वास्थ्य निरीक्षकों (CHI) और सेक्शन इंजीनियर (वर्क्स) की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है। दोनों विभागों के अधिकारी पेयजल सुविधाओं के निरीक्षण और रखरखाव से जुड़े कार्यों पर नजर रख रहे हैं।
अभियान में जल गुणवत्ता की जांच के साथ सफाई और कीटाणुशोधन की व्यवस्था को भी महत्व दिया जा रहा है। पेयजल से संबंधित किसी तरह की कमी सामने आने पर उसे दूर करने के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों को केवल चिह्नित करना नहीं, बल्कि उन्हें दूर कर पेयजल सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखना है। इसके लिए स्वास्थ्य निरीक्षकों और सेक्शन इंजीनियर (वर्क्स) द्वारा संयुक्त रूप से निगरानी की जा रही है।
गुणवत्ता में कमी मिलने पर सुधार की व्यवस्था
जल गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है। इससे पेयजल सुविधाओं के रखरखाव में सामने आने वाली समस्याओं को दूर करने और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच, पानी की टंकियों की सफाई, वाटर कूलरों का रखरखाव और आरओ सिस्टम का निरीक्षण इस अभियान के प्रमुख हिस्से हैं। इन कार्यों के जरिए स्टेशन परिसरों में यात्रियों को उपलब्ध कराए जाने वाले पानी की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।http://agra-up-railway-clean-drinking-water-campaign-242-tests-october
आगरा मंडल की ओर से यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के साथ स्टेशन परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई गई है। नियमित परीक्षण और विशेष स्वच्छता अभियान इसी दिशा में चलाए जा रहे हैं।
