श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव में रावण के मायाजाल और जटायु के संघर्ष का मंचन, सोमवार को होगा सुग्रीव युद्ध और लंका दहन
आगरा। पंचवटी में सूर्पणखा की नाक काटने से शुरू हुआ घटनाक्रम स्वर्ण मृग के छल और रावण के सीता हरण तक पहुंचा। श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव में रविवार को इन प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से रामकथा के घटनाक्रम को जीवंत कर दिया। लक्ष्मण के पराक्रम से लेकर माता सीता के करुण विलाप और जटायु के संघर्ष तक के दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। स्वरूपों की आरती महंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने उतारी।https://todaynewstrack.com/2026/10/surpanakha-nose-cut-golden-deer-sita-haran-agra-up-news/
श्री मनःकामेश्वर ग्रामीण संस्थान की ओर से गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर, शमशाबाद रोड स्थित आयोजन में पंचवटी में श्रीराम के मनोहारी स्वरूप पर मोहित होकर सूर्पणखा ने उनसे विवाह की इच्छा जताई।
श्रीराम के संकेत पर वह लक्ष्मण के पास पहुंची, लेकिन वहां भी उसे निराशा हाथ लगी। क्रोधित सूर्पणखा ने जब माता सीता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया तो लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी। अपमानित सूर्पणखा ने अपने भाइयों खर-दूषण और रावण को प्रतिशोध के लिए उकसाया।

इसके बाद मारीच ने स्वर्ण मृग का रूप धारण कर माता सीता का ध्यान आकर्षित किया। सीता की इच्छा पूरी करने के लिए श्रीराम मृग के पीछे चले गए। मारीच ने अंत समय में श्रीराम की आवाज में पुकार लगाई। आवाज सुनकर चिंतित माता सीता ने लक्ष्मण को उनकी सहायता के लिए भेज दिया।http://shri-manahkameshwar-ramlila-sita-haran-agra-up-news
लक्ष्मण के कुटिया से जाते ही रावण साधु के वेश में पहुंचा। भिक्षा मांगने के बहाने उसने छलपूर्वक माता सीता का हरण कर लिया। इस दौरान माता सीता की पुकार और उन्हें बचाने के लिए जटायु का रावण से संघर्ष मंचित किया गया। इन दृश्यों ने रामलीला देखने पहुंचे दर्शकों को भावविभोर कर दिया।http://golden-deer-marich-lakshman-ramlila-agra-up-news
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि सोमवार को महोत्सव में सुग्रीव युद्ध और लंका दहन की लीलाओं का मंचन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से रामलीला में पहुंचकर प्रभु श्रीराम की लीलाओं के दर्शन करने का आह्वान किया।
