आगरा। शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए दि आइकॉनिक ग्लोबल फाउंडेशन की ओर से रविवार को भोगीपुरा स्थित ग्रीन हाउस में संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने प्रकृति को सुरक्षित रखने और घर-घर हरियाली बढ़ाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान तुलसी और अन्य पौधों का वितरण किया गया। साथ ही उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। संस्था ने आगामी कार्यक्रमों में साइकिल से पहुंचने का आग्रह कर प्रदूषण कम करने में लोगों की भागीदारी पर जोर दिया।
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आज आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक आस्था को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना और लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित करना रहा। संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि हरियाली बढ़ाने की शुरुआत घर से की जा सकती है। घरों में तुलसी और दूसरे पौधे लगाकर न केवल प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ाया जा सकता है, बल्कि आसपास के वातावरण को हरा-भरा बनाने में भी योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद चाहर और विशिष्ट अतिथि फिल्म प्रोड्यूसर सूरज तिवारी ने मां दुर्गा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण और जनजागरण से जुड़े विषयों पर विचार रखे गए। वक्ताओं ने नवरात्रि के धार्मिक महत्व के साथ प्रकृति की सुरक्षा की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
प्रकृति की रक्षा भी आराधना का हिस्सा
मुख्य अतिथि प्रमोद चाहर ने कहा कि नवरात्रि आत्मशुद्धि और शक्ति साधना का पर्व है। इस दौरान लोग मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। वर्तमान समय में प्रकृति का संरक्षण भी अपने आप में एक आराधना है। पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने पौधे लगाने और हरियाली को बढ़ावा देने जैसे प्रयासों को जनजीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्व लोगों को एक साथ जोड़ने का अवसर देते हैं। ऐसे अवसरों पर सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजनों की अपनी भूमिका है। जब लोग अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और हरा-भरा रखने का संकल्प लेते हैं, तो उसका असर परिवार और समाज तक पहुंचता है।
घरों में तुलसी और अन्य पौधे लगाने की अपील
कार्यक्रम के आयोजक चन्द्रशेखर शर्मा ‘ग्रीन मैन’ ने लोगों से अपने-अपने घरों में तुलसी और अन्य पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धरती मां को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए हर व्यक्ति को अपनी ओर से प्रयास करना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण केवल किसी संस्था या संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने पौधों के वितरण को लोगों तक प्रकृति संरक्षण का संदेश पहुंचाने का माध्यम बताया। उनके अनुसार, जब लोग अपने घरों में पौधे लगाते हैं और उनकी देखभाल करते हैं, तो पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित होता है। हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने के साथ छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं। घरों में पौधे लगाना ऐसा ही एक प्रयास है, जिसे आसानी से अपनाया जा सकता है।
सेवा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चल रही संस्था
दि आइकॉनिक ग्लोबल फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष अमित लवानिया ने संस्था के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संगम स्थापित करने के उद्देश्य से काम कर रही है। सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना भी इसी पहल का हिस्सा है।http://A message of environmental conservation was conveyed by distributing Tulsi and other plants during Navratri.
संस्था के प्रमेन्द्र शर्मा और डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि सनातन संस्कृति प्रकृति और पर्यावरण के सह-अस्तित्व की सीख देती है। भारतीय परंपराओं में प्रकृति के प्रति आदर का भाव महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में धार्मिक पर्वों के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना लोगों को अपनी सांस्कृतिक मान्यताओं के साथ प्रकृति के प्रति कर्तव्य समझने का अवसर देता है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता जरूरी है। समाज में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी, तभी लोग अपने दैनिक जीवन में भी इससे जुड़े प्रयासों को अपनाने के लिए आगे आएंगे।
युवा पीढ़ी की भागीदारी से बढ़ेगी हरियाली
संस्था के यतीश लवानिया और विवेक शर्मा ने युवा पीढ़ी से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर तक हरियाली पहुंचाने के लिए युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। युवा अपने परिवार और आसपास के लोगों को पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। घरों में पौधे लगाने से लेकर सार्वजनिक जीवन में पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाने तक, हर स्तर पर लोगों का सहयोग आवश्यक है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से इस तरह के प्रयासों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है।
साइकिल से आने का आग्रह, प्रदूषण कम करने पर जोर
संस्था की मार्गदर्शक ऋतु उपाध्याय ने उपस्थित लोगों से संस्था के आगामी कार्यक्रमों में साइकिल से आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को अपनी दिनचर्या में ऐसे विकल्प अपनाने चाहिए, जिनसे प्रदूषण कम करने में मदद मिले। साइकिल का इस्तेमाल इसी दिशा में एक व्यावहारिक कदम हो सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता केवल संगोष्ठियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे रोजमर्रा के व्यवहार में भी उतारना जरूरी है। कार्यक्रमों में आने-जाने के लिए साइकिल का उपयोग करने जैसी पहल के माध्यम से लोग अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं। संस्था की ओर से किया गया यह आग्रह लोगों को अपने परिवहन के विकल्पों पर विचार करने का संदेश भी देता है।
पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ
कार्यक्रम के दौरान चतुर्भुज तिवारी और संजीव कटारिया ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। इसमें प्रकृति की सुरक्षा और हरियाली बढ़ाने के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया गया। संगोष्ठी के माध्यम से लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल जागरूकता पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे व्यवहार में अपनाना भी जरूरी है।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थितजनों को तुलसी और पर्यावरण के अनुकूल अन्य पौधे वितरित किए गए। पौधों के वितरण के जरिए लोगों को अपने घरों में हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस पहल में धार्मिक आस्था, सामाजिक भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया।
विशिष्ट अतिथि फिल्म प्रोड्यूसर सूरज तिवारी ने संस्था की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की और भविष्य के कार्यक्रमों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय पर लोगों को एकत्र करने और जागरूकता बढ़ाने की पहल को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. असीम आनंद ने किया, जबकि व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अभिषेक बंसल ने संभाली। आयोजन में मुख्य अतिथि प्रमोद चाहर, विशिष्ट अतिथि सूरज तिवारी, कार्यक्रम आयोजक चन्द्रशेखर शर्मा ‘ग्रीन मैन’, संस्था अध्यक्ष अमित लवानिया, प्रमेन्द्र शर्मा, चतुर्भुज तिवारी, यतीश लवानिया, डॉ. मनोज कुमार शर्मा, विवेक शर्मा, आरबी लवानिया, ऋतु उपाध्याय, संजीव कटारिया, यशस्वी लवानिया, पंकज दीक्षित और अभिषेक बंसल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
संस्था की ओर से आयोजित संगोष्ठी और पौधा वितरण के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की शुरुआत अपने घर और आसपास से की जा सकती है। तुलसी और अन्य पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने तथा पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाने से हरियाली बढ़ाने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सकता है। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का केंद्र भी यही रहा कि मां दुर्गा की आराधना के साथ प्रकृति की रक्षा का संकल्प समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
