आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सेठ पदम चंद जैन प्रबंध संस्थान में एमबीए विद्यार्थियों को कॉरपोरेट क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए तीन दिवसीय ‘मार्केट रेडी : फ्रॉम कैंपस टू कॉरपोरेट्स’ कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगार और पेशेवर जीवन में काम आने वाले व्यावहारिक कौशल सिखाए गए।
कार्यशाला में साक्षात्कार की तैयारी, प्रभावी परिचय, व्यक्तित्व विकास, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, संवाद कौशल और कॉरपोरेट माहौल के अनुरूप पहनावे जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से इन कौशलों को समझा।
कार्यक्रम का आयोजन कुलपति आशु रानी के मार्गदर्शन में विभागाध्यक्ष बृजेश रावत ने किया। इसका समन्वय स्वाति माथुर ने किया। कार्यशाला की मुख्य वक्ता इमेज कंसल्टेंसी की प्रमुख साक्षी जेठवानी रहीं।
पहले दिन सीखा खुद को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना
कार्यशाला के पहले दिन ‘रोजगार/करियर के लिए तैयार’ विषय पर विद्यार्थियों को साक्षात्कार और नौकरी के लिए खुद को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के तरीके बताए गए। परिचय-पत्र निर्माण से लेकर अपनी क्षमताओं और कमजोरियों को पहचानने तक की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को बताया गया कि साक्षात्कार में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं होती। आत्मविश्वास, संवाद शैली, सकारात्मक हाव-भाव और अपनी क्षमताओं को प्रभावी ढंग से सामने रखने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है।
परिचय-पत्र तैयार करने के दौरान इस बात पर ध्यान देने को कहा गया कि उसमें उम्मीदवार की योग्यता, कौशल और उपलब्धियां स्पष्ट रूप से सामने आएं। इससे नियोक्ता को उम्मीदवार की क्षमता समझने में आसानी होती है।
भावनाओं को समझना और संतुलित प्रतिक्रिया देना
दूसरे दिन ‘बौद्धिक एवं भावनात्मक रूप से सक्षम कैसे बनें’ विषय पर सत्र हुआ। इसमें विद्यार्थियों को भावनात्मक बुद्धिमत्ता, अपनी भावनाओं को पहचानने और विपरीत परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने के तरीके समझाए गए।
विद्यार्थियों को तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय स्थिति को समझकर सोच-समझकर जवाब देने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया कि कॉरपोरेट क्षेत्र में अलग-अलग सोच और व्यक्तित्व वाले लोगों के साथ काम करना पड़ता है।
ऐसे में भावनाओं पर नियंत्रण, दूसरों को समझने की क्षमता और सहानुभूति पेशेवर जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भावनात्मक रूप से सक्षम व्यक्ति टीम के सदस्यों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम कर सकता है।
सही पहनावे से बनेगी पेशेवर छवि
तीसरे दिन ‘सफलता के लिए सही पहनावे का चयन’ विषय पर विद्यार्थियों को पेशेवर पहनावे और व्यक्तिगत छवि निर्माण की जानकारी दी गई। ‘स्टाइल के विभिन्न स्तर एवं परिधान के प्रभाव और महत्व’ पर भी चर्चा की गई।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि कॉरपोरेट वातावरण में किसी व्यक्ति की वेशभूषा उसके व्यक्तित्व और पेशेवर दृष्टिकोण की पहली झलक देती है। इसलिए अलग-अलग व्यावसायिक परिस्थितियों के अनुसार पहनावे का चयन करना जरूरी है।
व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न कॉरपोरेट परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त पहनावे का चयन करना सिखाया गया। बताया गया कि सही पहनावा आत्मविश्वास और पेशेवर छवि को बेहतर बनाने में मदद करता है।
डिग्री के साथ जरूरी हैं व्यावहारिक कौशल
तीन दिवसीय कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार में केवल डिग्री और तकनीकी ज्ञान के आधार पर आगे बढ़ना पर्याप्त नहीं है। संचार कौशल, आत्मविश्वास और भावनात्मक समझ भी करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला में विद्यार्थियों को कॉलेज से कॉरपोरेट क्षेत्र तक की यात्रा के लिए खुद को तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला। करियर कौशल, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और पेशेवर छवि निर्माण को एक साथ जोड़कर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर ध्यान दिया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नौकरी पाने के साथ-साथ कॉरपोरेट वातावरण में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए तैयार करना रहा। व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को पेशेवर जीवन की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर भी मिला।

