आगरा। तुलसी विवाह रचि आजु, मंगल गावहिं मिथिलावासी की भावना जनकपुरी महोत्सव में उस समय साकार हो उठी, जब भावना एस्टेट स्थित भावनेश्वर मंदिर परिसर में तुलसी महारानी और शालिग्राम जी का विवाह पूरे विधि-विधान और वैदिक परंपरा के साथ संपन्न हुआ।
घूंघट की ओट में सजी तुलसी महारानी और सेहरा बांधे शालिग्राम के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विवाह की रस्में पूरी हुईं तो महिलाओं के मंगल गीतों से वातावरण गूंज उठा।
ऐसा लगा मानो जनकपुरी में फिर से मिथिला का वही विवाह उत्सव जीवंत हो उठा हो, जिसमें हर घर बाराती और हर मन उत्सव में शामिल हो गया हो।
मिथिलावासियों ने कन्यादान कर निभाई परंपरा
श्री रामलीला महोत्सव के अंतर्गत आयोजित जनकपुरी महोत्सव में तुलसी-शालिग्राम विवाह का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहा।
विवाह समारोह में राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल और रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल शालिग्राम को विधिवत लेकर विवाह स्थल पर पहुंचे।
दूसरी ओर राजा जनक के स्वरूप अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना के स्वरूप लता गोयल तुलसी महारानी को लेकर विवाह स्थल पर पहुंचीं। दोनों पक्षों के पहुंचते ही विवाह स्थल पर उत्सव का माहौल बन गया।
इसके बाद वैदिक आचार्यों के मंत्रोच्चारण के बीच विवाह की सभी रस्में पूरी कराई गईं। मिथिलावासियों ने कन्यादान की रस्म में सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्ति भाव के साथ विवाह के मंगल क्षणों को निहारा।
तुलसी महारानी और शालिग्राम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। हर ओर विवाह की खुशी दिखाई दे रही थी और श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनकर स्वयं को सौभाग्यशाली मान रहे थे।
विवाह के दौरान ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं जनकपुर में जनकनंदिनी के विवाह का उत्सव चल रहा हो। मंदिर परिसर को विवाह स्थल के रूप में सजाया गया था।
तुलसी महारानी घूंघट की ओट में सजी थीं, जबकि शालिग्राम सेहरा बांधे हुए थे। दोनों के स्वरूपों की छटा देखते ही बन रही थी।
श्रद्धालुओं के लिए यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मिथिला की परंपराओं और विवाह संस्कारों को करीब से महसूस करने का अवसर भी रहा।
मंगल गीतों से गूंजा पूरा परिसर
तुलसी-शालिग्राम विवाह के दौरान जनकपुरी महोत्सव की महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीतों की ऐसी सुरलहरियां छेड़ीं कि पूरा वातावरण विवाहोत्सव के रंग में रंग गया। महिलाओं ने ‘आज हमारे आंगन तुलसी आईं…’ सहित पारंपरिक विवाह मंगल गीत गाए। गीतों के बीच विवाह की रस्में आगे बढ़ती रहीं और श्रद्धालु भी भक्ति में डूबे रहे।
महिलाओं के मंगल गीतों में विवाह की खुशी के साथ मिथिला की लोक परंपरा और पारिवारिक भावनाओं की झलक दिखाई दी।
गीतों के बीच महिलाएं विवाह की रस्मों में शामिल होती रहीं। इससे पूरा वातावरण किसी वास्तविक वैवाहिक आयोजन जैसा नजर आया।
जनकपुरी महोत्सव में शामिल लोगों के लिए यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का भी अवसर बना।
जनकपुरी महोत्सव महिला समिति की अध्यक्ष अमृता पोरवाल के नेतृत्व में शिखा, रुचि, सीमा, शालिनी, सिमी, शुचि, शीतल, वंदना, संगीता, मीना, मिशी, दीप्ति, ऋतु, प्रियंका ठाकुर, शीतल, एकता, ज्योति, शालू, रुपाली, संगीता, रिंकू आदि ने मंगल गीत प्रस्तुत किए। महिलाओं की प्रस्तुतियों ने विवाह समारोह की रौनक और बढ़ा दी।
रामलीला कमेटी के पदाधिकारी बने बाराती
तुलसी-शालिग्राम विवाह में रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने वर पक्ष की ओर से बारातियों की भूमिका निभाई। वर पक्ष की ओर से रामलीला कमेटी से ताराचंद्र अग्रवाल, विजय प्रकाश गोयल, अंजुल बंसल, प्रवीण स्वरूप, विष्णु दयाल बंसल, राहुल गौतम और संजय अग्रवाल उपस्थित रहे।
वहीं राजा जनक के परिवार की ओर से शोभिक गोयल, मोहित गोयल, स्मृति गोयल, रिनी गोयल आदि ने विवाह समारोह में सहभागिता की। दोनों पक्षों की मौजूदगी में विवाह की रस्मों को आगे बढ़ाया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे आयोजन को मिथिला की परंपरा के अनुरूप महसूस किया।
वैदिक मंत्रों से पवित्र हुआ विवाह स्थल
विवाह की वैदिक रस्में वेद प्रकाश प्रचेता, सुभाष चंद्र शास्त्री, मुकेश शास्त्री, किशोर कुमार लवानिया, हर्ष शास्त्री, राघव शास्त्री, आचार्य राहुल रावत, आयुष शर्मा, कुनाल शर्मा, अरुण शास्त्री, गोपाल कृष्ण मुद्गल और दीपक शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराईं।
मंत्रोच्चारण के बीच विवाह की रस्में पूरी होती रहीं। श्रद्धालु शांत भाव से इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बने रहे। जैसे-जैसे विवाह की रस्में आगे बढ़ीं, वैसे-वैसे वातावरण में भक्ति और उत्सव का रंग गहराता गया। विवाह संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं ने तुलसी महारानी और शालिग्राम के जयकारे लगाए।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों की रही सहभागिता
तुलसी-शालिग्राम विवाह समारोह में जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति की भी सहभागिता रही। योजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव के अलावा अजय अवागढ़, नरेंद्र सिंह सेंगर, अशोक गुप्ता, संजय गोयल, मनोज बंसल, संतोष कटारा, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानियां, मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह, अरविंद शर्मा, आकाश ग्वाला, पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी, सतीश ठाकुर, रोहन गुप्ता, अनुज भारद्वाज, पंकज पाठक, हेमंत जादौन, भोले चौहान, धीरज शर्मा, धीरज मंगल, रामवली यादव आदि उपस्थित रहे।
जनकपुरी महोत्सव में आयोजित तुलसी-शालिग्राम विवाह ने पूरे आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक रंग से भर दिया। विवाह की रस्मों से लेकर मंगल गीतों तक हर पल में मिथिला की परंपरा दिखाई दी।
घूंघट में सजी तुलसी महारानी, सेहरा बांधे शालिग्राम, विवाह की रस्मों में शामिल मिथिलावासी और मंगल गीत गाती महिलाएं पूरे आयोजन को यादगार बनाती रहीं। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को भक्ति, परंपरा और संस्कृति के संगम के रूप में महसूस किया।
