गणपति की सवारी ने की सीताजी के डोले की अगवानी, सखियों संग नगर भ्रमण पर निकलीं जनकनंदिनी; बुधवार सुबह होगा रामबरात का भव्य स्वागत
आगरा। जनकपुरी महोत्सव में मंगलवार को भावना एस्टेट में त्रेता युग का जनकपुर जीवंत नजर आया। जनकनंदिनी माता जानकी सखियों संग डोले में मां गौरा के पूजन के लिए निकलीं, वहीं गणपति की सवारी ने अगवानी की और राजा जनक राम-जानकी विवाह का निमंत्रण बांटते हुए आगे बढ़े।

श्रीरामचरितमानस की चौपाई “पूजन गौरि सखीं लै आईं, करत प्रकासु फिरहिं फुलवाईं…” की भावभूमि भावना एस्टेट में साकार होती दिखाई दी। जनकपुरी की सजी गलियों, रोशनी, झांकियों और श्रद्धालुओं की भीड़ ने पूरे क्षेत्र को मिथिला के रंग में रंग दिया।

गणपति किंग्स काउंटी से माता जानकी का डोला रवाना हुआ। डोले के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में मिथिलावासी और श्रद्धालु मार्ग के दोनों ओर जुटे रहे और जयकारों के बीच जनकनंदिनी का पुष्पवर्षा से स्वागत किया।

गणपति की सवारी ने की डोले की अगवानी
माता जानकी के डोले के आगे गणेश जी की सवारी चल रही थी। इसके पीछे राजा जनक और रानी सुनैना के स्वरूप अशोक कुमार गोयल और लता गोयल लोगों को राम-जानकी विवाहोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए आगे बढ़ते रहे।
राजा जनक और रानी सुनैना के पीछे सखियों से घिरीं माता जानकी का डोला चल रहा था। जनकदुलारी की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह रहा और जगह-जगह माता जानकी के जयकारे गूंजते रहे।
गणपति किंग्स काउंटी में भक्ति का रंग
डोला जब गणपति किंग्स काउंटी से रवाना हुआ तो वहां आस्था और भक्ति का विशेष माहौल रहा। अंतरराष्ट्रीय भजन गायक सीपी शर्मा की भजन प्रस्तुति से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
गणपति किंग्स काउंटी के सदस्यों ने माता जानकी के स्वरूप को डोली में उठाकर अपनी सहभागिता निभाई। मुख्य संयोजक मनोज बंसल के नेतृत्व में माता जानकी और जनक परिवार का भव्य स्वागत किया गया।
आयोजन में दक्षिण भारतीय परंपरा की विशेष झलक दिखाई दी। स्वागत में शामिल लोगों ने पारंपरिक वस्त्र धारण किए, जिससे कार्यक्रम में अलग सांस्कृतिक रंग नजर आया।
इस अवसर पर मनोज बंसल, प्रशांत जैन, हेमेन्द्र जैन, अवधेश मित्तल, केके अग्रवाल, अंकुर मित्तल, स्वामीनाथ तिवारी, राकेश अग्रवाल और सुधांशु कक्कड़ आदि मौजूद रहे।
मां गौरा के पूजन को निकलीं सीताजी
सखियों के साथ मां गौरा के पूजन के लिए निकलीं माता जानकी के डोले ने मिथिला की विवाह परंपरा को जीवंत कर दिया। श्रद्धालु माता जानकी के मंगल विवाह और प्रभु श्रीराम के साथ उनके पावन मिलन की प्रार्थना करते हुए साथ चलते रहे।
डोला ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचा, जहां सीताजी ने मां गौरा का पूजन किया। मिथिला की विवाह परंपरा में विवाह से पूर्व मां गौरा की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।
मान्यता है कि माता सीता ने सखियों के साथ मां गौरा की आराधना कर अपने मन की कामना व्यक्त की थी। मां गौरा ने उन्हें श्रीराम को पति रूप में प्राप्त करने का आशीर्वाद दिया था।
किशोर बैंड की धुन पर झूमे मिथिलावासी
डोले के साथ किशोर बैंड भजनों की मधुर धुन बिखेरता हुआ चल रहा था। भक्ति गीतों की स्वर लहरियों के बीच मिथिलावासी नृत्य करते हुए आगे बढ़े और जय सियाराम के जयकारों से मार्ग गूंजता रहा।
माता जानकी की सखियां और मिथिला की महिलाएं भी डोले के साथ शामिल रहीं। जनकपुरी महिला समिति की अध्यक्ष अमृता पोरवाल के नेतृत्व में महिलाएं सतरंगी साड़ियों की एकरूपता में सजीं, जो शोभायात्रा का आकर्षण बनीं।
जनकपुरी की सजावट ने मोहा मन
भावना एस्टेट की सड़क पर जनकपुरी का भव्य स्वरूप देखते ही बन रहा था। रोशनी से जगमगाता मार्ग सूर्य की रोशनी सा दमक रहा था और सड़क के एक ओर सजी थ्री डी झांकियां लोगों को आकर्षित कर रही थीं।
भव्य जनक मंच अपनी सजावट के साथ मिथिला की राजसी छटा बिखेर रहा था। डोला आगे बढ़ता गया तो दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई और लोग हाथ जोड़कर माता जानकी का नमन करते रहे।http://Janak Dulari Sets Out for Maa Gaura Puja, Jai Siya Ram Chants Echo Alongside Her Companions
जनक परिवार भी डोले में रहा साथ
माता जानकी के डोले में राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना के साथ जनक परिवार के सदस्य भी शामिल रहे। शोभिक गोयल, मोहित गोयल, स्मृति गोयल, रिनी गोयल, कमल नयन, सुनीता मित्तल और अनुप्रिया गोयल ने सहभागिता की।
इसके अलावा मंजू बंसल, रामू गोयल, नरेश मगाल, शुभम अग्रवाल, शैंकी बंसल, शिल्पी बंसल, शिप्रा जैन, निक्की अग्रवाल, मंगू बंसल और आयुषी बंसल आदि भी जनक परिवार के साथ मौजूद रहे।
बुधवार सुबह होगा रामबरात का स्वागत
जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने बताया कि बुधवार सुबह छह बजे गणपति किंग्स काउंटी में रामबरात का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सुबह आठ बजे अल्पाहार होगा।
अल्पाहार के बाद प्रभु श्रीराम सहित सभी स्वरूप रजत रथ पर विराजमान होकर जनमासा की ओर बढ़ेंगे। कावेरी कौस्तुभ की ओर जाते हुए स्वरूप मिथिलावासियों को दर्शन देंगे।
सुबह 11 बजे भावना एस्टेट स्थित भावनेश्वर मंदिर में तुलसी-शालिग्राम विवाह की सभी रस्में विधि-विधान से पूरी की जाएंगी। इसके बाद शाम को जनक मंच पर प्रभु श्रीराम, माता जानकी सहित सभी स्वरूपों के दर्शन होंगे।
शाम को सांस्कृतिक मंच पर प्रस्तुतियां
जनक मंच के समीप बने सांस्कृतिक मंच पर नासिक का लाइव बैंड गणेश वंदना प्रस्तुत करेगा। इसके साथ इंडिया गॉट टैलेंट की टीम हनुमान स्तुति की विशेष प्रस्तुति देगी।
शाम के कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को राम-जानकी सहित सभी स्वरूपों के दर्शन का अवसर मिलेगा। जनकपुरी महोत्सव के आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का रंग भी देखने को मिलेगा।
महिलाओं की रही विशेष सहभागिता
सीताजी के डोले में रेखा यादव, अनीता यादव, अमृता पोरवाल, साधना गुप्ता, प्रीति, आरती शर्मा, शीतल अग्रवाल, एकता बंसल, शुचि खंडेलवाल, अलका गोयल और खुशबू गोयल शामिल रहीं।
रुचि बंसल, शिल्पी मित्तल, शालिनी जैन, अनीशा शर्मा, मिशी यादव, रितु दुबे, सोनाली गोयल, शिवानी जैन, सीमा सिंह, प्रीती शर्मा और निधि मंगल ने भी सखियों के रूप में सहभागिता की।
आकांक्षी शर्मा, रितु, सिम्मी, संगीता, चारु, चित्रा, रश्मि, ज्योति और अनुराधा आदि भी डोले में शामिल रहीं। महिलाओं की एकरूप पोशाक और उत्साह ने शोभायात्रा की भव्यता बढ़ाई।
आयोजन में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में संतोष कटारा, अशोक कुमार गुप्ता, संजय गोयल, मनोज बंसल, अजय गर्ग अवागढ़, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानिया, राणा सुशील सिंह और आकाश वाला मौजूद रहे।
अंकुश मित्तल, पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी, नरेंद्र सिंह सेंगर, सतीश ठाकुर, अरविंद शर्मा, नरेंद्र गुप्ता, प्रशांत जैन और अरुण तिवारी आदि ने भी आयोजन में सहभागिता की।
जनकपुरी महोत्सव में मंगलवार का दिन मां गौरा पूजन और माता जानकी के डोला भ्रमण के नाम रहा। बुधवार को रामबरात के स्वागत के साथ राम-जानकी विवाह से जुड़ी परंपराओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का क्रम आगे बढ़ेगा।
