आगरा। श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव इस बार शमशाबाद तक अपनी परंपरा का विस्तार करेगा। पहली बार रामबारात करीब आठ किलोमीटर आगे बढ़कर शमशाबाद की शिव वाटिका पहुंचेगी, जहां जनकपुर और जनक महल को विवाह वाले घर के रूप में सजाया जाएगा। 15 अक्टूबर को निकलने वाली रामबारात में 50 से अधिक झांकियां शामिल होंगी। अगले दिन तुलसी-शालिग्राम विवाह के साथ बड़हार की दावत होगी।
श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव के उद्घोषणा समारोह का आयोजन वानप्रस्थ वृद्ध आश्रम, दिगनेर, गढ़ी ईश्वरा, शमशाबाद रोड स्थित परिसर में किया गया। महोत्सव के आयोजकों ने इस वर्ष होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। श्री मनःकामेश्वर मठ-मंदिर के महंत योगेश पुरी ने बताया कि रामलीला महोत्सव 11 से 21 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजन को इस बार ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचाने की तैयारी की गई है।

मठ-मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि शिव वाटिका में तैयार होने वाले जनक महल को पारंपरिक स्वरूप दिया जाएगा। स्थल पर श्री मनःकामेश्वर नाथ बाबा और श्रीनाथजी महाराज की झांकियां भी सजाई जाएंगी। रामबारात में श्रीराम के साथ सभी पीठासीन देव स्वरूप पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे। स्वागत के दौरान जनकपुरवासी लाल परिधान में नजर आएंगे।
जनकपुर संयोजक आशीष आर्या ने बताया कि स्थल की सजावट में मिथिला की संस्कृति और लोक परंपराओं को प्रमुखता दी जा रही है। मेहंदी, हल्दी, शगुन सहित विवाह संस्कार से जुड़ी रस्मों की झलक यहां प्रस्तुत की जाएगी। उद्देश्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जिससे यहां आने वाले लोगों को बेटी के विवाह वाले घर जैसा वातावरण महसूस हो। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों को भी आयोजन का हिस्सा बनाया जाएगा।
जनकपुर महोत्सव में होने वाले तुलसी-शालिग्राम विवाह के साथ बड़हार की दावत रखी गई है। श्रद्धालुओं की सहभागिता से होने वाले इस आयोजन में विवाह संस्कार से जुड़े पारंपरिक प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।
उद्घोषणा समारोह में रामायणकालीन परंपरा की प्रतीकात्मक प्रस्तुति भी हुई। महर्षि वशिष्ठ के स्वरूप में महंत योगेश पुरी को राजा जनक के स्वरूप में ऋषि भोला वर्मा ने शगुन का नारियल और फलों की टोकरी भेंट की। इसके बाद मठ-मंदिर परिवार की ओर से राजा जनक के स्वरूप में आए ऋषि भोला वर्मा का स्वागत किया गया।
इस वर्ष सराफा व्यवसायी ऋषि भोला वर्मा राजा जनक की भूमिका निभाएंगे। उनके तीनों बच्चों का विवाह हो चुका है और वह अपनी बेटी का कन्यादान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब माता जानकी के पिता का स्वरूप निभाने का अवसर उनके लिए विशेष भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इसे वह केवल अभिनय के तौर पर नहीं, बल्कि आस्था से जुड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं।
ऋषि भोला वर्मा ने बताया कि जनकपुर में बेटी के विवाह जैसा माहौल बनाने की तैयारी है। मेहंदी, हल्दी और शगुन की रस्मों के साथ उत्सव का वातावरण रहेगा। राजा जनक के स्वरूप में श्रीराम की बारात का स्वागत करना उनके लिए भावुक क्षण होगा। उन्होंने कहा कि बेटी के विवाह के दौरान पिता जिस भाव से बारात का स्वागत करता है, उसी भावना को इस भूमिका में उतारने का प्रयास रहेगा।
उद्घोषणा समारोह में ब्लॉक प्रमुख बरौली अहीर उत्तम सिंह काका, कुंज बिहारी अग्रवाल, विजय सिंह, संध्या बैनर्जी, पवन कुमार अग्रवाल, अनिरुद्ध माथुर, पायल माथुर, युवराज परिहार, सुधीर यादव, सूर्य प्रताप, लक्ष्मीकांत, अमर गुप्ता और रवि वर्मा आदि मौजूद रहे।
