फतेहाबाद। फतेहाबाद से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन में शामिल होने गए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) राधाकृष्ण की चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई। हादसा रात करीब 12:30 बजे हुआ। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किए जाने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर क्षेत्र से सीएचओ का दल लखनऊ गया था। राधाकृष्ण पुत्र विद्याराम, निवासी हरवल्लभकापुरा, राजाखेड़ा, राजस्थान भी 25 साथियों के साथ ईको गार्डन में आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद सभी साथी लॉज में ठहरे हुए थे। रात में राधाकृष्ण किसी कारण से उठे और कमरे से बाहर निकलने के दौरान खिड़की से नीचे गिर गए।
जानकारी के मुताबिक, राधाकृष्ण समेत चार लोग चौथी मंजिल स्थित एक फ्लैट में ठहरे थे। खाना खाने के बाद सभी सो गए थे। रात करीब 12:30 बजे राधाकृष्ण जागे। इसके बाद वह खिड़की के पास गए और अचानक नीचे गिर पड़े। गिरते समय वह पहली मंजिल पर लगे एसी के ऊपर जा गिरे। एसी पर गिरने से तेज धमाके की आवाज हुई। आवाज सुनकर पहली मंजिल पर सो रहे लोग बाहर निकले। उन्होंने नीचे देखा तो राधाकृष्ण गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे।
घटना की जानकारी मिलते ही उनके साथ ठहरे अन्य लोगों को सूचना दी गई। साथी तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल को नजदीकी अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान राधाकृष्ण की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद साथ गए अन्य सीएचओ में भी शोक की स्थिति बन गई।
एसीएचओ यूपी संघ के जिलाध्यक्ष जयकुमार ने बताया कि फतेहाबाद से 25 साथी धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लखनऊ गए थे। उनके अनुसार चार लोग चौथी मंजिल के एक फ्लैट में ठहरे थे। खाना खाने के बाद सभी सो गए। रात करीब 12:30 बजे राधाकृष्ण जागे और खिड़की से नीचे गिर गए। नीचे पहली मंजिल पर लगे एसी के ऊपर गिरने से धमाके की आवाज हुई। इसके बाद साथियों को जानकारी हुई और घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
राधाकृष्ण वर्ष 2025 में बदायूं से म्यूचुअल स्थानांतरण के बाद फतेहाबाद आए थे। स्थानांतरण के बाद उनकी तैनाती पारोली सिकरवार में हुई थी। इससे पहले वह बदायूं में कार्यरत थे। वह फतेहाबाद क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
बताया गया कि राधाकृष्ण मूल रूप से हरवल्लभकापुरा, राजाखेड़ा, राजस्थान के निवासी थे। उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर लखनऊ गए दल के साथ हुए हादसे में उनकी जान चली गई। घटना की जानकारी के बाद उनके साथ गए साथियों के बीच शोक व्याप्त हो गया।

