आगरा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अब केवल अधिक घंटे पढ़ने के बजाय सही दिशा और बेहतर रणनीति के साथ तैयारी करने की जरूरत है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में आयोजित विशेष मार्गदर्शन सत्र में विद्यार्थियों को आईएएस, पीसीएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के तरीके बताए गए। सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं क्राइस्टु जयन्ती विश्वविद्यालय, बेंगलुरु में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस पवन कुमार सिंह ने परीक्षा की प्रकृति, अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन, समसामयिक घटनाक्रम और करियर निर्माण से जुड़े व्यावहारिक सुझाव दिए। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञ से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषा विज्ञान विद्यापीठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की ओर से मंगलवार को विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आईएएस, पीसीएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को उचित दिशा, रणनीति और व्यावहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना रहा। विश्वविद्यालय की कुलपति आशु रानी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता और क्राइस्टु जयन्ती विश्वविद्यालय, बेंगलुरु में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस पवन कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए सिर्फ अधिक समय तक पढ़ना पर्याप्त नहीं है। तैयारी की सही दिशा, अध्ययन की प्रभावी रणनीति, नियमित अभ्यास, समय का बेहतर उपयोग और आत्मविश्वास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि सबसे पहले अपने लक्ष्य को स्पष्ट करें और उसके अनुसार अध्ययन की योजना तैयार करें। नियमित और योजनाबद्ध अध्ययन से पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है। उन्होंने परीक्षा की प्रकृति को समझने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जिस परीक्षा की तैयारी की जा रही है, उसके पाठ्यक्रम, प्रश्नों के स्वरूप, समय सीमा और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को समझना तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पवन कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में समय को विषयों और उनकी प्राथमिकता के अनुसार बांटना चाहिए। पढ़ाई के साथ नियमित अभ्यास जरूरी है, ताकि परीक्षा के दौरान निर्धारित समय में प्रश्नों को हल करने की क्षमता विकसित हो सके। उन्होंने विद्यार्थियों को समसामयिक घटनाक्रमों पर निरंतर नजर बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। देश-दुनिया में होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं, नीतियों, सामाजिक विषयों और समसामयिक मुद्दों की जानकारी भी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। उन्होंने अध्ययन सामग्री के चयन और तैयारी के दौरान अनावश्यक सामग्री के बोझ से बचने के संबंध में भी विद्यार्थियों को व्यावहारिक सुझाव दिए।
मार्गदर्शन सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े कई सवाल विशेषज्ञ के सामने रखे। विद्यार्थियों ने अध्ययन की रणनीति, परीक्षा के स्वरूप, विषयों की तैयारी और करियर से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। पवन कुमार सिंह ने उनके सवालों का जवाब देते हुए तैयारी को व्यवस्थित रखने और लगातार अभ्यास करने की सलाह दी।
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में दृष्टि IAS की ओर से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाने वाले सहयोग और मार्गदर्शन के बारे में भी जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सही मार्गदर्शन और अध्ययन की दिशा तय करना किस तरह उपयोगी हो सकता है।
संस्थान के निदेशक प्रदीप श्रीधर ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता को ध्यान में रखते हुए लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। लक्ष्य तय करने के बाद उसके लिए सुनियोजित ढंग से लगातार प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गदर्शन सत्र विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सही दिशा समझने में मदद करते हैं। इससे विद्यार्थियों को अपनी तैयारी को लेकर स्पष्टता मिलने के साथ आत्मविश्वास भी मजबूत होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों से सीधे संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को तैयारी से जुड़े उन पहलुओं की जानकारी मिलती है, जिन्हें वे सामान्य अध्ययन के दौरान नजरअंदाज कर सकते हैं।
कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञ के साथ संवाद करते हुए परीक्षा और अध्ययन से जुड़े सवाल पूछे। मार्गदर्शन सत्र के दौरान विद्यार्थियों को अपने निर्धारित लक्ष्य की दिशा में नियमित रूप से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन वर्षा रानी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूक करते हुए मार्गदर्शन सत्र के उद्देश्य और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी तैयारी को लेकर स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उपलब्ध मार्गदर्शन का उपयोग अपनी रणनीति को बेहतर बनाने में करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
धन्यवाद ज्ञापन पत्रकारिता विभाग के संदीप शर्मा ने किया। इस अवसर पर केशव शर्मा, अमित कुमार सिंह, मोहिनी दयाल, रमा, कंचन, प्रीति, उपेन्द्र पचौरी और विशाल शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आईएएस, पीसीएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उचित मार्गदर्शन, प्रेरणा और व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना रहा। साथ ही विद्यार्थियों को अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर नियमित और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
