SIR के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, जिला मुख्यालय तक निकाला मार्च
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव नम्रता दान काले कपड़ों में पहुंचीं, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ लिखा था
कालिख पोतने के मामले में दो गिरफ्तार
आगरा। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आगरा जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सुभाष पार्क से पैदल मार्च करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की गई और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया गया।
प्रदर्शन में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव नम्रता दान काले कपड़े पहनकर शामिल हुईं। उनके कपड़ों पर ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ लिखा हुआ था। नम्रता दान ने कहा कि चुनाव आयुक्त पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी को सामने आना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा चुनाव आयोग की प्रवक्ता है।
उन्होंने वर्ष 2027 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस इस सरकार को उखाड़ फेंकेगी। उनके इस बयान के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ‘चुनाव आयुक्त शर्म करो’, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ और ‘वोट चोरी बंद करो’ के नारे लगाए।
प्रदर्शन के दौरान एक अन्य महिला कांग्रेस कार्यकर्ता हाथ में पोस्टर लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त से सवाल करती नजर आईं। पोस्टर पर लोकतंत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग लिखी थी। पोस्टर पर यह भी स्पष्ट किया गया था कि प्रदर्शन ‘शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध’ के रूप में किया जा रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर पार्टी की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले में भी विरोध प्रदर्शन किया गया। सुभाष पार्क से शुरू हुआ मार्च जिला मुख्यालय पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
विरोध प्रदर्शन में जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख रूप से कांग्रेस नेता रामनाथ सिकरवार, अमित सिंह, अश्विनी जैन, राम टंडन, लक्ष्मी नारायण, माया माहौर, चौधरी बच्चू सिंह, गीता सिंह और पारो शर्मा मौजूद रहीं।
कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम संबंधी जानकारी में बताया गया कि प्रदर्शन का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े सवालों को उठाना तथा SIR को लेकर पार्टी की आपत्तियां सामने रखना था। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी मांगों को सार्वजनिक किया।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस की ओर से इसे लोकतांत्रिक तरीके से किया गया विरोध बताया गया। प्रकाशन के लिए जारी सामग्री में निवेदक के रूप में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव नम्रता दान का नाम दिया गया।
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आवास पर प्रदर्शन, गेट-दीवार पर कालिख पोती
एसआईआर के विरोध में विजय नगर पहुंचे थे कार्यकर्ता
हरीपर्वत थाने में एफआईआर के बाद दिल्ली जाते समय पकड़े गए अनिल यादव और मुकेश धनगर
आगरा। कांग्रेसी विरोध प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित पैतृक आवास तक पहुंच गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आवास के बाहर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्य गेट और दीवार पर कालिख पोती गई तथा स्प्रे से ‘वोट चोर’ और ‘गद्दार’ जैसे शब्द लिखे गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में हरिपर्वत थाने में एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने दो कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए नेताओं में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा के जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर शामिल हैं। दोनों के साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक दोनों दिल्ली की ओर जाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें वाहन समेत गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि आगरा में कार्यक्रम के बाद वे दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय जा रहे थे।
कलेक्ट्रेट के बाद विजय नगर पहुंचे कार्यकर्ता
कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को पहले पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वहां ज्ञापन सौंपने के बाद कुछ कार्यकर्ता विजय नगर स्थित ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर पहुंचे। घर के बाहर पहुंचते ही नारेबाजी शुरू कर दी गई। इसके बाद मुख्य गेट और दीवार पर स्प्रे तथा पेंट से नारे लिखे गए और कालिख पोती गई।
प्रदर्शन के दौरान अनिल यादव, मुकेश धनगर, शाहबाज और उमेश शर्मा समेत कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस के अनुसार आवास पर प्रदर्शन के मामले में जांच शुरू की गई और सीसीटीवी कैमरों की मदद से प्रदर्शनकारियों की पहचान के प्रयास किए गए। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन शुरू होने के समय आवास के बाहर पुलिस बल मौजूद नहीं था। प्रदर्शनकारी वहां से चले गए, इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। गेट और दीवार पर लिखे गए शब्दों को साफ कराया गया तथा घटनास्थल से जुड़े फोटो-वीडियो और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की गई।
अनिल यादव और मुकेश धनगर की गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले में अनिल यादव, प्रदेश महासचिव (संगठन), आजमगढ़ और मुकेश धनगर, जिलाध्यक्ष कांग्रेस, मथुरा तथा उनके अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने दिल्ली की ओर जाते समय अनिल यादव और मुकेश धनगर को वाहन सहित गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ की जा रही है और प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार अनिल यादव पिछले विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रह चुके हैं। मुकेश धनगर पिछले लोकसभा चुनाव में मथुरा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे हैं। पुलिस गिरफ्तारी के बाद दोनों से प्रदर्शन के घटनाक्रम और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रदर्शन के दौरान SIR, चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर आपत्तियां जताई गईं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार अनिल यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने, उनकी गिरफ्तारी और उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की। मुकेश धनगर ने पात्र मतदाता का नाम हटाए जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
मुकेश धनगर ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर भाजपा के साथ मिलकर कथित तौर पर वोट चोरी कर सरकार बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने मथुरा में भी वोट चोरी के जरिए हेमा मालिनी को जिताए जाने का आरोप लगाया। ये आरोप मुकेश धनगर की ओर से लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे देश में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
पिता बोले- विरोध करना है तो दिल्ली में करें
घटना को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पिता डॉ. सुबोध कुमार ने कहा कि जब प्रदर्शनकारी उनके घर आए थे, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि कुछ लोग घर पर आए और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया कि प्रदर्शनकारी कांग्रेस से जुड़े थे, हालांकि उन्हें उनके नाम की जानकारी नहीं है।
डॉ. सुबोध कुमार ने कहा कि यदि किसी को उनके बेटे से नाराजगी है तो वह उसके प्रति अपना विरोध जताए। उनके घर आने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ न तो कुछ कहा है और न कुछ किया है, ऐसे में उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन करना है तो दिल्ली में किया जाए।
भाजपा ने जताया विरोध
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विजय नगर स्थित आवास पर हुए प्रदर्शन का भाजपा ने विरोध किया। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया और महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने सोमवार को जयपुर हाउस स्थित भाजपा कार्यालय पर प्रेसवार्ता की। दोनों नेताओं ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर आपत्ति जताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के परिवार के आवास पर हुए प्रदर्शन को लेकर कार्रवाई की मांग की।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया ने कहा कि कांग्रेस अपनी हताशा और निराशा तथा जनता द्वारा नकारे जाने की स्थिति को छिपाने के लिए इस तरह की गतिविधियां कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दिल्ली में रहते हैं, जबकि उनकी माताजी आगरा स्थित आवास पर रहती हैं। ऐसे में प्रदर्शन के लिए उनके आवास को चुनना उचित नहीं है। पौनिया ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को विरोध करना है तो वे दिल्ली जाकर प्रदर्शन करें। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के परिवार में भय पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर लोकतंत्र का मजाक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने महानगर और जिला स्तर पर इस प्रदर्शन का विरोध किया है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के बुजुर्ग माता-पिता के आवास पर प्रदर्शन करना गलत है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार के आवास पर जाकर उनके बुजुर्ग माता-पिता से मुलाकात करेंगे और कांग्रेस के प्रदर्शन का विरोध दर्ज कराएंगे।
राजकुमार गुप्ता ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस और उसके सहयोगी दल ईवीएम तथा चुनाव आयोग पर आरोप लगाना शुरू कर देते हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता उनके आरोपों को समझ चुकी है और उनके वादों से भ्रमित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा इसका जवाब देगी। ये दावे भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता की ओर से किए गए हैं।
कांग्रेस की ओर से SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 25 सितंबर को भी पार्टी ने कई राज्यों में प्रदर्शन किए थे। सोमवार का आगरा प्रदर्शन इसी अभियान के बीच हुआ। दूसरी ओर, आगरा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के आवास पर प्रदर्शन, गेट और दीवार पर कालिख पोते जाने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दो कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, फोटो और वीडियो के आधार पर प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
