आगरा। शहर के बहुप्रतीक्षित न्यू सिविल एन्क्लेव यानी सिविल टर्मिनल का निर्माण अब तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। परियोजना का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे 30 नवंबर 2026 तक पूरा कर हैंडओवर करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मंगलवार को कैंप कार्यालय पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण की प्रगति, यातायात व्यवस्था, ग्रामीण संपर्क मार्ग, सड़क के चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और जल निकासी समेत जरूरी सुविधाओं की स्थिति जानी। खेरिया मोड़ से सिविल टर्मिनल तक मॉडल रोड विकसित करने के साथ सड़क का चौड़ीकरण और नाला निर्माण भी प्रस्तावित है। वहीं टर्मिनल की बाउंड्री के सहारे धनौली और आसपास के गांवों के ग्रामीणों के लिए 2.2 किलोमीटर संपर्क मार्ग बनाया जा रहा है।

आगरा में नए सिविल टर्मिनल का निर्माण पूरा होने के बाद हवाई यात्रा से जुड़ी सुविधाओं का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मंगलवार को हुई बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने निर्माण से जुड़े अधिकारियों से परियोजना की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और अलग-अलग विभागों से जुड़े कामों को समय पर पूरा कराने के लिए दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में न्यू सिविल एन्क्लेव के महाप्रबंधक एवं प्रोजेक्ट प्रभारी से निर्माण कार्य की प्रगति, मौके पर कार्यरत श्रमिकों की संख्या और परियोजना की भौतिक प्रगति के बारे में जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक करीब 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रोजेक्ट प्रभारी ने बताया कि 30 नवंबर 2026 तक निर्माण पूरा कर परियोजना को हैंडओवर करने का लक्ष्य रखा गया है।
नए सिविल टर्मिनल में यात्रियों और वाहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। परियोजना में 16,810 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 400 वाहनों की क्षमता वाली मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जा रही है। इसके अलावा 200 कारों की क्षमता वाली सर्फेस पार्किंग की भी व्यवस्था होगी। टर्मिनल परिसर में 2,379 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में यूटिलिटी ब्लॉक प्रस्तावित है।

यात्रियों के चेक-इन और सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। टर्मिनल में 19 चेक-इन काउंटर के साथ 12 ई-चेक-इन काउंटर प्रस्तावित हैं। सुरक्षा जांच के लिए छह सिक्योरिटी काउंटर और तीन फुल बॉडी स्कैनर लगाए जाएंगे। यात्रियों को टर्मिनल से विमान तक पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए तीन एयरोब्रिज की सुविधा भी प्रस्तावित है।
परियोजना में यात्रियों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए छह एस्केलेटर और 12 एलिवेटर लगाए जाएंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और यात्रियों को चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 33 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन भी प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही 500 किलोवॉट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा।
नए टर्मिनल में तकनीक आधारित यात्री सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। इसके लिए 22 डिजी यात्रा डिवाइस प्रस्तावित हैं। परियोजना में ग्राउंड वाटर रिचार्ज सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था भी की जाएगी। टर्मिनल भवन से एयरक्राफ्ट में सीधे प्रवेश के लिए यात्री बोर्डिंग सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस तरह परियोजना में यात्री सुविधा के साथ पार्किंग, सुरक्षा, ऊर्जा और जल प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने टर्मिनल परिसर के अंदर आ रहे छह पेड़ों को हटाने के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने वन विभाग को इस संबंध में जल्द प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा न रहे और परियोजना से जुड़े काम निर्धारित समय में आगे बढ़ सकें।
नए एयरपोर्ट निर्माण स्थल की बाउंड्री के सहारे धनौली और आसपास के गांवों के ग्रामीणों के सुगम आवागमन के लिए 2.2 किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग का निर्माण भी चल रहा है। जिलाधिकारी ने इस मार्ग की प्रगति की जानकारी ली। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कार्य में देरी की स्थिति सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारी से जवाब भी मांगा।
अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित संपर्क मार्ग की करीब दो किलोमीटर लंबाई में भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है और वहां मिट्टी का कार्य चल रहा है। बारिश के मौसम के कारण निर्माण कार्य की गति प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही गिट्टी डालने का काम शुरू कर मार्ग को मोटरेबल बनाया जाएगा। जिलाधिकारी ने शेष भूमि पर भी कब्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी कर ग्रामीणों के लिए संपर्क मार्ग को जल्द तैयार कराने को कहा।
यह संपर्क मार्ग धनौली सहित आसपास के गांवों के लोगों के आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एयरपोर्ट की बाउंड्री के साथ बन रहे मार्ग से ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाने की योजना है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को लंबित हिस्से का काम भी तेजी से पूरा कराने को कहा, ताकि ग्रामीणों को वैकल्पिक और सुविधाजनक रास्ता उपलब्ध हो सके।
बैठक में खेरिया मोड़ से सिविल टर्मिनल तक सड़क के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से इस मार्ग के मॉडल रोड के रूप में विकास और सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने सड़क को बेहतर स्वरूप देने के साथ यातायात की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
सिविल एयरपोर्ट रोड के चौड़ीकरण और जल निकासी की व्यवस्था को भी परियोजना से जोड़कर देखा गया। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को सड़क और उसके आसपास नाला निर्माण की कार्ययोजना तैयार करते समय केवल सड़क क्षेत्र ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट तथा आसपास की आबादी के कैचमेंट एरिया को भी शामिल करने को कहा। इससे बारिश के दौरान एयरपोर्ट क्षेत्र और आसपास की आबादी से आने वाले पानी की निकासी को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा।
टर्मिनल परिसर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी बैठक में जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने सिविल टर्मिनल में एसटीपी, ड्रेनेज और पानी की निकासी से जुड़ी व्यवस्थाओं की स्थिति जानी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि परियोजना के साथ जल निकासी की मूलभूत व्यवस्थाएं भी समय से तैयार हों, जिससे टर्मिनल शुरू होने के बाद किसी तरह की समस्या सामने न आए।
परियोजना के आसपास सड़क, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास को लेकर अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां तय हैं। जिलाधिकारी ने आगरा विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, नगर निगम, सेतु निगम, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, सिंचाई विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम आगे बढ़ाने को कहा।
उन्होंने कहा कि सिविल टर्मिनल से जुड़े सभी मूलभूत कार्यों को आपसी समन्वय के साथ गति दी जाए, ताकि एक विभाग के काम की वजह से दूसरे विभाग की परियोजना प्रभावित न हो। निर्माण के साथ सड़क, पार्किंग, जल निकासी, संपर्क मार्ग और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी निर्धारित समय के अनुसार पूरा कराने पर बैठक में जोर दिया गया।
नए सिविल टर्मिनल की परियोजना में एक साथ कई सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। मल्टीलेवल पार्किंग से लेकर सर्फेस पार्किंग तक की व्यवस्था यात्रियों और उनके वाहनों के लिए की जाएगी। चेक-इन, ई-चेक-इन, सुरक्षा जांच, एस्केलेटर, एलिवेटर और एयरोब्रिज जैसी सुविधाएं यात्रियों के आवागमन को आसान बनाने के लिए प्रस्तावित हैं। वहीं सोलर पावर प्लांट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ग्राउंड वाटर रिचार्ज सिस्टम और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी व्यवस्थाएं परियोजना के पर्यावरणीय और संसाधन प्रबंधन पक्ष को भी मजबूत करेंगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप वर्मा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के विवेक कुमार शर्मा, प्रोजेक्ट प्रभारी अनूप चंद श्रीवास्तव, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता जीके वार्ष्णेय, एडीए के मुख्य अभियंता संजीव गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से अब परियोजना के शेष निर्माण कार्य के साथ उससे जुड़े बाहरी विकास कार्यों को भी गति देने की तैयारी है। 30 नवंबर 2026 की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए निर्माण, संपर्क मार्ग, सड़क चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं को आपस में जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे सिविल टर्मिनल के निर्माण के साथ उसके आसपास की कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं को भी तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
