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Agra News: होली मिलन समारोह में वाल्मीकि समाज की एकता और राजनीतिक भागीदारी पर जोर

Valmiki Community Holi Milan Ceremony 2026 at Agra, Social Unity and Political Awareness
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आगरा। वाल्मीकि जागरण मंच (महासभा) द्वारा रविवार को पंचकुइयाँ स्थित कल्याण पैलेस में विचार गोष्ठी और होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज में सामाजिक एकता और राजनीतिक अधिकार को लेकर जोरदार चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वाल्मीकि समाज के उत्थान और उसकी राजनीतिक भागीदारी को लेकर विचार व्यक्त किए गए। जब तक सूरज चाँद रहेगा, बाबा तेरा नाम रहेगा, जय जय वाल्मीकि, हर हर वाल्मीकि और वाल्मीकि एकता जिंदाबाद के नारे गूँजते रहे।

समारोह का शुभारंभ बाबा साहब, भगवान महर्षि वाल्मीकि और दक्ष प्रजापति की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया गया। मुख्य अतिथि एससी एसटी आयोग के सदस्य रमेश चंद कुंडे ने अपने संबोधन में कहा कि केवल बाबा साहब आंबेडकर के नाम का जिक्र करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों पर चलना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, एक बाबा साहब ने देश की तकदीर बदल दी। आज वाल्मीकि समाज की आबादी 12 करोड़ हो चुकी है, फिर भी समाज को सरकार और सत्ता तक पहुँच नहीं मिल पा रही। राजनीतिक दल केवल वोट के लिए हमारे समाज का इस्तेमाल कर रहे हैं।

वाल्मीकि जागरण मंच (महासभा) के अध्यक्ष बसंत वाल्मीकि ने कहा कि वाल्मीकि समाज प्रदेश में तीसरी सबसे बड़ी आबादी है और सबसे बड़ी दलित आबादी में शामिल है। इसके बावजूद सत्ता दल समाज को उचित महत्व नहीं दे रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाल्मीकि समाज को राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए और आगरा में कम से कम एक विधानसभा क्षेत्र को समाज को आवंटित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहाँ विरोध है, वहीं विकास है और समाज को मजबूत करने के लिए “एक समाज, एक आवाज” का नारा बुलंद करना होगा।

समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी रामजीलाल विद्यार्थी और प्रकाश साहू ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सभी उपस्थित लोगों के माथे पर चंदन तिलक लगाकर गले मिलकर होली की शुभकामनाएँ दी गई। 51 किलो फूलों की माला से मुख्य अतिथि रमेश चंद कुंडे का अभिनंदन किया गया। समाज के सभी कार्यकर्ताओं को पटका पहनाकर और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह का संचालन दिलीप गहलौत ने किया।

इस दौरान विशाल चौधरी, विष्णु चौहान, कमल गौतम, शहंशाह भाई, मुंशीलाल खरे, राकेश चौहान, मनीष करौसिया, विशाल पवार, राजवीर, दीपक चौहान, विष्णु साहू, इंद्रजीत सिंह वाल्मीकि, चौधरी कैलाश चौहान, विशन नायर, ओमकार वाल्मीकि, राकेश साहू, अशोक नरवार, संजय लहरी, सुरेश चंद वाल्मीकि और आकाश वाल्मीकि भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने वाल्मीकि समाज में सामाजिक एकता, अधिकारों की समझ और राजनीतिक जागरूकता को बल दिया। यह समारोह समाज के सभी वर्गों में शिक्षा, सामाजिक भागीदारी और राजनीतिक सहभागिता का संदेश फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

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