मथुरा: उत्तर प्रदेश वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस ने मऊ जिले से 26 वर्षीय नर हाथी को सुरक्षित बचाया, जिसे वीर नाम दिया गया। यह हाथी वर्षों तक सड़कों पर भीख मांगने और धार्मिक जुलूसों में भाग लेने के कारण गंभीर शारीरिक दुर्बलता और चोटों से पीड़ित था।

वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने प्रभागीय वन अधिकारी मऊ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन और स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से तीन दिवसीय अभियान के बाद उसे मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र तक 600 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर सुरक्षित पहुँचाया।

वीर का बायां पैर मुड़ा हुआ है, जोड़ों में गठिया, चारों पैरों में खराबी और असहनीय दर्द है। उसे खीरा, मटर, केला, फूलगोभी, पीपल के पत्ते और चारा देकर पोषण दिया गया। एलिफेंट हॉस्पिटल में उसे जोड़ों की सूजन और दर्द कम करने, घावों की देखभाल और दीर्घकालिक सहायता के लिए व्यापक उपचार मिलेगा।

डॉ. एस. इलयाराजा ने बताया कि वीर की प्राथमिकता उसकी स्थिति को स्थिर करना और दर्द कम करना है। प्रभाकर पांडे ने कहा कि लंबे समय तक सड़क पर रहने से हाथी को काफी तकलीफ थी और इस बचाव अभियान की आवश्यकता थी। कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि यह बचाव सरकारी अधिकारियों और संरक्षण संगठनों के सहयोग का परिणाम है।

गीता शेषमणि ने कहा कि वीर जैसी कहानियां अक्सर सामने आती हैं और यह बचाव जागरूकता बढ़ाएगा। बैजूराज एम.वी. ने बताया कि लंबी यात्रा के बावजूद हाथी को पर्याप्त आराम और देखभाल मिलेगी।

वीर का बचाव वाइल्डलाइफ एसओएस के ‘बेग्गिंग एलीफैंट अभियान’ का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 300 हाथियों का पुनर्वास करना और उन्हें दीर्घकालिक चिकित्सा देखभाल एवं आश्रय प्रदान करना है। भीख मांगने वाले हाथी की सूचना देने या अभियान का समर्थन करने के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस हेल्पलाइन +91 9971699727 पर संपर्क किया जा सकता है।
