प्रियाकांत जू मंदिर में भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालु झूमते हुए गुलाल उड़ाते नजर आए।
गोपीनाथ मंदिर में विधवा माताओं ने फूल और गुलाल से कान्हा जी को श्रृंगारित किया और भक्ति में डूबे।
विदेशी महिलाएं और पर्यटक भी होली के इस अनोखे अनुभव का हिस्सा बनकर झूमते दिखे।
मथुरा: ब्रज में सोमवार को होली का भव्य उत्सव हर्षोल्लास, भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं के रंगों में रंगा नजर आया। वृंदावन के प्रियाकांत जू मंदिर में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने मंदिर के चरणों में रंग अर्पित कर होली की शुरुआत की। इसके बाद हाइड्रोलिक पिचकारी से भक्तों और श्रद्धालुओं पर अबीर-गुलाल उड़ाया गया। जैसे ही ठाकुर ने होली के रसिया गाने शुरू किए, पूरा मंदिर जयघोष और ढोल-नगाड़ों की थाप से गूंज उठा।
वहीं प्राचीन गोपीनाथ मंदिर में निराश्रित और विधवा माताओं के लिए सुलभ इंटरनेशनल द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। 1000 से अधिक विधवा माताओं ने फूल और गुलाल से भगवान कान्हा को श्रृंगारित किया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर भक्ति और उल्लास में झूमे। इस मौके पर विदेशी महिलाएं भी शामिल हुईं और झूमकर नृत्य किया। स्पेन की नितिया श्री और कानपुर से आई गोल्डी कुशवाहा ने कार्यक्रम में अपनी खुशी व्यक्त की।
देवकीनंदन ठाकुर ने श्रद्धालुओं से “नो मांस, नो मदिरा” का संकल्प लेने का संदेश दिया और महिलाओं के सम्मान एवं सामाजिक मर्यादा के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूपों के साथ फूलों की होली, लट्ठामार होली, लड्डू-जलेबी की होली और रंग-गुलाल का आनंद लिया गया।
सुलभ इंटरनेशनल ने इस अवसर पर 20 क्विंटल फूल और 25 क्विंटल गुलाल की व्यवस्था की। इस आयोजन की शुरुआत स्वर्गीय विन्धेश्वरी पाठक ने की थी और अब उनके परिवार द्वारा इसे हर वर्ष विधवा माताओं और समाज के लिए रंगों और खुशियों का संदेश देने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
