आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद परिसर, खंदारी स्थित बेसिक विज्ञान संस्थान के भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं डीन रिसर्च प्रो. बी.पी. सिंह ने संपन्न किया।
उद्घाटन सत्र में दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के भौतिक एवं कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. सुखदेव राय ने मुख्य वक्ता के रूप में नोबेल पुरस्कार विजेता सी. वी. रमन के शोध कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1928 में किए गए शोध के लिए मात्र दो वर्ष बाद 1930 में उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो नोबेल पुरस्कार के इतिहास में अद्वितीय उदाहरण है। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद सी. वी. रमन ने विश्वस्तरीय शोध कर भारत और पूरे एशिया को पहला नोबेल पुरस्कार दिलाया।
रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र कुमार ने ‘रमन प्रभाव’ की वैज्ञानिक महत्ता और रसायन विज्ञान अनुसंधान में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। प्रो. बिंदु शेखर शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि रमन प्रभाव का उपयोग कैंसर जैसी बीमारियों की पहचान और इंजीनियरिंग तथा तकनीकी क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि और मंचासीन विद्वानों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. आशुतोष द्विवेदी ने दो दिवसीय आयोजनों की रूपरेखा प्रस्तुत की और अतिथियों का स्वागत किया।
अपने संबोधन में प्रो. बी.पी. सिंह ने प्रतिभागी छात्रों को शोध कार्यों के प्रति प्रेरित करते हुए नई शिक्षा नीति के अंतर्गत उपलब्ध शोध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों से उच्च स्तरीय अनुसंधान कर भारत सरकार के ‘विकसित भारत @ 2047’ मिशन में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत क्विज, कोलाज और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। निर्णायक मंडल के अनुसार कोलाज प्रतियोगिता में मृदुल शर्मा ने प्रथम, शिवानी ने द्वितीय तथा भूमिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में कृष्णा प्रथम, दीक्षा मृदुल शर्मा और कुणाल यादव द्वितीय तथा कुणाल मित्तल, युवराज सिंह और खुशी शर्मा तृतीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में मॉडल एग्जिबिशन, पोस्टर प्रेजेंटेशन और समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रो. संतोष बिहारी शर्मा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. आकांक्षा अग्रवाल, प्रतीक अरोड़ा, आदित्य पांडे, पुरुषोत्तम कुमार और दीपक कुलश्रेष्ठ सहित अनेक शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह आयोजन विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक चेतना, शोध संस्कृति और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
