आगरा। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति, जिला वेटलैंड समिति और जिला गंगा समिति की मासिक समीक्षा बैठक का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। बैठक में वेटलैंड संरक्षण, वृक्षारोपण, पर्यावरण संवर्धन और गंगा सफाई से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल दो वेटलैंड भूमियां स्थित हैं। केंद्र सरकार की ‘एक जनपद-एक वेटलैंड’ योजना के अंतर्गत तहसील खेरागढ़ के नयाग्राम वेटलैंड का चयन किया गया है। इस वेटलैंड तालाब के सौंदर्यीकरण और संरक्षण के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। इसी योजना के तहत दूसरी वेटलैंड भूमि अंगूठी तालाब को भी शामिल किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन वेटलैंड्स का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए और जल संरक्षण व जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।
बैठक में यमुना नदी के किनारे स्थित लक्ष्मी जी मंदिर के समीप घाट निर्माण कार्य पर भी चर्चा हुई। समिति सदस्यों ने जिलाधिकारी से घाट का निरीक्षण कराने का अनुरोध किया, जिस पर उन्होंने सहमति जताई। इसके अतिरिक्त, मेहताब पार्क के पीछे वाली साइड में पौधरोपण को लेकर सुझाव दिए गए। जिलाधिकारी ने तत्काल कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसी सभी संभावित स्थानों पर वृक्षारोपण प्राथमिकता से किया जाए।
वृक्षारोपण अभियान को गति देने के लिए जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और विकास खंड स्तर पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। जिला गंगा समिति के संदर्भ में नदी तटों पर सफाई और वृक्षारोपण को प्राथमिकता दी गई।
जिलाधिकारी ने सभी समितियों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया और कहा कि जनपद को हरित और स्वच्छ बनाने के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं। बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान, डीएफओ राजेश कुमार, संभागीय अधिकारी, समिति सदस्य एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
इस बैठक के माध्यम से आगरा में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और गंगा सफाई को नई दिशा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की दिशा तय हुई, जिससे जनपद में स्थायी हरित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
