आगरा। यमुना आरती स्थल पर सात दिवसीय बृज सांस्कृतिक उत्सव का आज शाम का कार्यक्रम श्रद्धालुओं, संगीत प्रेमियों और शहरवासियों के लिए यादगार बन गया। इस आयोजन में प्रख्यात संगीताचार्य पंडित देवाशीष गांगुली एवं उनकी टीम ने भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया। “वन्दे मातरम्” की गूंज पूरे परिसर को देशभक्ति की ऊर्जा से भर रही थी, वहीं होली के पारंपरिक रसियाओं की मधुर धुनों ने ब्रज की रंगीन मस्ती का अहसास करा दिया।

काशी से आई मंडली ने बनारस की शैली में भव्य यमुना आरती का आयोजन किया। दीपों की लंबी श्रृंखला, शंखनाद और वेद मंत्रों की ध्वनि के बीच यमुना तट दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। श्रद्धालुओं ने आरती में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस दौरान शहरवासियों ने दीप जलाकर और शंख बजाकर आरती में सक्रिय भागीदारी दिखाई।
महोत्सव स्थल पर आकर्षक झांकियां और वृन्दावन के निधिवन की तर्ज पर तैयार मॉडल वाटिका ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। छोटे-बड़े परिवार और बच्चे उत्साहपूर्वक इन झांकियों और वाटिका का भ्रमण कर रहे थे, साथ ही स्मृति चित्र और सेल्फी लेकर इस यादगार अनुभव को संजो रहे थे। यह आयोजन शहर के सांस्कृतिक प्रेमियों के लिए एक रोमांचक अनुभव बन गया।

आयोजन लगातार तीसरे वर्ष आगरा नगर निगम के सहयोग से संपन्न हो रहा है। महोत्सव के प्रत्येक दिन प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिससे यह कार्यक्रम शहर का एक बड़ा जन-उत्सव बन गया। नगर निगम की ओर से स्थायी व्यवस्थाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे, जिससे लोग सहज और सुरक्षित माहौल में समारोह का आनंद ले सके।
सात दिवसीय कार्यक्रम का भव्य समापन शनिवार को आयोजित किया जाएगा। समापन अवसर पर होली उत्सव मनाया जाएगा, विद्वानों का सम्मान किया जाएगा, और नृत्य एवं गायन की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। आयोजन समिति ने नगरवासियों से अपील की है कि वे सपरिवार उपस्थित होकर इस सांस्कृतिक महोत्सव का हिस्सा बनें।

