फतेहाबाद। थाना निबोहरा क्षेत्र के गांव सायकापुरा के जंगल में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद पुलिस और वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। तेंदुए की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वहीं किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए निबोहरा पुलिस लगातार गांवों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही है।
बुधवार को थाना निबोहरा पुलिस टीम ने ग्रामीणों को सचेत करते हुए बताया कि जंगल की ओर अनावश्यक न जाएं और अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखें। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि मंदिर, खेत या सुनसान स्थानों पर अकेले न जाएं, बल्कि समूह में ही निकलें और अपने साथ लाठी-डंडे रखें। शाम होने के बाद अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही बाहर निकलें, अन्यथा घरों के अंदर ही रहें। पुलिस ने यह भी कहा कि तेंदुए को देखने या उसके पास जाने की कोशिश न करें, क्योंकि जानकारी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। यदि कहीं तेंदुआ दिखाई दे तो तुरंत पुलिस या वन विभाग को सूचना दें।
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| तेंदुआ को लेकर ग्रामीणों को जागरूक करती पुलिस |
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की मौजूदगी के कारण वे भय के साए में जीवन यापन कर रहे हैं। खेतों में फसलें खड़ी हैं और आवारा पशुओं का भी प्रकोप है। कड़ाके की सर्दी के बीच फसलों में सिंचाई करना किसानों की मजबूरी है, ऐसे में किसान अपनी जान जोखिम में डालकर खेतों पर काम करने को मजबूर हैं। कई क्षेत्रों में सरसों की फसल होने के कारण खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि ऊंची फसल में तेंदुए की गतिविधि नजर नहीं आती। इसी वजह से किसान अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
किसानों और ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग तेंदुए को पकड़कर किसी सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दे, ताकि गांवों के आसपास बना खतरा समाप्त हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी फतेहाबाद विशाल राठौर ने बताया कि पिछले चार महीनों से तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अभी तक किसी भी व्यक्ति या पशु को तेंदुए द्वारा कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ मादा है और उसके साथ उसके बच्चे भी हैं। यदि पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ा जाता है तो उसके बच्चे जंगल में छूट सकते हैं, जिससे उनके साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका बनी रहेगी। इसी कारण फिलहाल तेंदुए को छेड़ने का निर्णय नहीं लिया गया है।
वन क्षेत्राधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि तेंदुआ जंगल से बाहर निकलकर आबादी क्षेत्र में प्रवेश करता है या किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न होता है, तो उस स्थिति में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। फिलहाल वन विभाग और पुलिस मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
निबोहरा क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस और वन विभाग का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।
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