प्रो. सुन्दर लाल ने दिसंबर 2010 से दिसंबर 2013 तक वी. बी. एस. पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति के रूप में सेवाएँ दीं। इसके अतिरिक्त वे डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में प्रो-वाइस चांसलर तथा कुछ अवधि के लिए कार्यवाहक कुलपति भी रहे। गणित विभागाध्यक्ष, विज्ञान संकायाध्यक्ष एवं मानद पुस्तकालयाध्यक्ष जैसे दायित्वों का उन्होंने अत्यंत निष्ठा के साथ निर्वहन किया।
सेवानिवृत्ति के पश्चात भी प्रो. सुन्दर लाल का जीवन शिक्षा को समर्पित रहा। वे डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के गणित विभाग में लंबे समय तक निःशुल्क सेवाएँ देते रहे और विद्यार्थियों को जटिल विषयवस्तु को सरलता से समझाने के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध थे। शोध और अध्यापन के प्रति उनका समर्पण विद्यार्थियों और सहकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत रहा।
गणित के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत व्यापक रहा। उन्होंने 76 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए, अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया और दर्जनों शोधार्थियों को पीएच.डी. उपाधि हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया।
अपने जीवन के अंतिम निर्णय में भी उन्होंने मानवता और विज्ञान को सर्वोपरि रखा। प्रो. सुन्दर लाल ने अपनी देह को एस. एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा को शिक्षण एवं अनुसंधान के लिए दान करने का पूर्व निर्णय लिया था, जिसे उनके निधन के पश्चात सम्मानपूर्वक संपन्न किया गया। उनका यह कदम चिकित्सा शिक्षा और समाज के लिए एक दुर्लभ और प्रेरणादायी उदाहरण है।
उनके निधन से विश्वविद्यालय परिवार ने एक ऐसे शिक्षक को खो दिया है, जो अत्यंत सरल, मृदुभाषी और विद्यार्थियों के प्रति सदा समर्पित था।
कुलपति का शोक संदेश
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की कुलपति प्रो. आशु रानी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “प्रो. सुन्दर लाल का निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। वे एक महान शिक्षक, उत्कृष्ट गणितज्ञ और अत्यंत विनम्र व्यक्तित्व के धनी थे। देहदान का उनका निर्णय उनके उदात्त विचारों और समाज के प्रति समर्पण को दर्शाता है। विश्वविद्यालय परिवार उनकी स्मृतियों को सदा नमन करेगा।”
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