आगरा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत ड्राफ्ट मतदाता सूची (आलेख्य) का प्रकाशन मंगलवार 6 जनवरी 2026 को किया जाएगा।
ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद 6 फरवरी 2026 तक ऐसे सभी मतदाता, जिनका नाम किसी कारणवश सूची में शामिल नहीं हो सका है अथवा जिनकी प्रविष्टियों में संशोधन की आवश्यकता है, अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे।
इस संबंध में सोमवार को सूरसदन में अपर जिलाधिकारी नगर एवं उपजिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान की अध्यक्षता में एईआरओ, एडिशनल एईआरओ, सुपरवाइजर, बूथ लेवल अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की विस्तृत ब्रीफिंग आयोजित की गई। बैठक में पुनरीक्षण कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी मतदेय स्थलों और मतदान केन्द्रों पर पदाभिहित अधिकारियों (डिज़िग्नेटेड ऑफिसर्स) की तैनाती की गई है। प्रत्येक मतदान केन्द्र पर ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली की प्रति जनसामान्य के अवलोकन के लिए अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही फार्म-6, फार्म-6ए, फार्म-7 और फार्म-8 भी सभी मतदेय स्थलों पर उपलब्ध रहेंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि दावे और आपत्तियों से संबंधित भरे हुए फार्म प्राप्त करते समय पदाभिहित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आवेदन विधिवत भरे गए हों तथा सभी आवश्यक हस्ताक्षर और अभिलेख संलग्न हों।
यदि प्रथम दृष्टया किसी फार्म में कोई कमी पाई जाती है, तो आवेदक को तत्काल अवगत कराकर अभिलेख पूर्ण कराए जाएं। प्रत्येक आवेदनकर्ता को फार्म प्राप्ति की रसीद अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।
जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किया जाएगा। दावे और आपत्तियों की सुनवाई एवं निस्तारण के लिए एडिशनल एईआरओ की नियुक्ति की गई है, ताकि मामलों का समय से निस्तारण किया जा सके।
इसके साथ ही प्रत्येक मतदान केन्द्र पर पदाभिहित अधिकारियों के नाम और उनके मोबाइल नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे मतदाताओं को आवश्यक जानकारी मिल सके। इन अधिकारियों की सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि वर्ष 2025 की निर्वाचक नामावली में जिन मतदाताओं का नाम दर्ज था, लेकिन जिनके गणना प्रपत्र वापस नहीं किए गए हैं, उनसे फार्म-6 के साथ घोषणा-पत्र अवश्य भरवाया जाए और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करते हुए उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाए। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अर्ह मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि के दौरान यदि कोई मतदाता 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के अतिरिक्त 1 अप्रैल, 1 जुलाई अथवा 1 अक्टूबर 2026 को अर्ह हो रहा है, तो ऐसे सभी अर्ह मतदाताओं से फार्म-6 प्राप्त कर नियमानुसार उनके नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। निवास परिवर्तन की स्थिति में फार्म-6 भरने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि इसके लिए फार्म-8 का उपयोग किया जाएगा, जिसकी जानकारी बीएलओ द्वारा संबंधित मतदाताओं को दी जाएगी।
मतदाता सूची की किसी प्रविष्टि में संशोधन, मतदाता फोटो पहचान पत्र के प्रतिस्थापन, दिव्यांग मतदाताओं के चिन्हांकन अथवा निवास परिवर्तन के मामलों में फार्म-8 एवं घोषणा-पत्र भरकर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराया जा सकेगा।
18 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के संबंध में यह मानते हुए कि उनका नाम पूर्व में किसी न किसी मतदाता सूची में शामिल रहा होगा, निवास परिवर्तन की दशा में उन्हें फार्म-6 के स्थान पर फार्म-8 ही उपलब्ध कराया जाएगा।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं और वार्ड कमेटियों की बैठकों में बूथ लेवल अधिकारी अपने-अपने बूथ पर उपस्थित रहकर ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली को पढ़कर सुनाएं और नामों का सत्यापन कराएं। इसके लिए ग्राम पंचायत और वार्ड कमेटी बैठकों की निर्धारित तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
बैठक के अंत में सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके।


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