आगरा/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में जनताभवन, लखनऊ में 27 व 28 जनवरी को सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विषय पर द्विदिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। “एआई मंथन : उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चुनौतियाँ एवं अवसर” विषय पर केंद्रित इस कार्यशाला में उच्च शिक्षा में तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर व्यापक मंथन हुआ।
कार्यशाला में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की ओर से कुलपति प्रो. आशु रानी के नेतृत्व में शैक्षणिक-प्रशासनिक प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावी सहभागिता की। प्रतिनिधिमंडल में कुलसचिव, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक के साथ प्रो. संजय चौधरी, प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. एस.सी. उपाध्याय, डॉ. प्रतिभा रश्मि एवं डॉ. मीनाक्षी चौधरी शामिल रहीं।
कार्यशाला का उद्देश्य उच्च शिक्षा में एआई की संभावनाओं, चुनौतियों, नैतिक पहलुओं तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, मूल्यांकन प्रणाली, अनुसंधान, प्रशासनिक नवाचार और डिजिटल परिवर्तन में इसके उपयोग पर विचार-विमर्श करना रहा। विशेषज्ञों के व्याख्यानों से प्रतिभागियों को एआई के व्यावहारिक एवं उत्तरदायी उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं।
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उच्च शिक्षा को नवाचार एवं तकनीक आधारित बनाने पर बल देते हुए विश्वविद्यालयों से भविष्य-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के उपरांत कुलपति प्रो. आशु रानी ने कार्यशाला को दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि यहां से प्राप्त अनुभवों को विश्वविद्यालय में चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता, डिजिटल सशक्तिकरण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों को और मजबूती मिलेगी।
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